Bihar Election 2025: PK की पार्टी से मोहभंग क्यों? BJP का दामन थामा, पूर्व IPS Anand Mishra को इस सीट से टिकट
Former IPS Anand Mishra, BJP Candidate Seat List: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सियासी सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। NDA की प्रमुख पार्टी BJP ने बुधवार (15 अक्टूबर 2025) को उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी करते हुए 12 नामों का ऐलान किया। इस लिस्ट में सबसे चर्चित नाम है, पूर्व IPS अधिकारी आनंद मिश्रा का, जिन्हें बक्सर विधानसभा सीट से टिकट दिया गया। आनंद मिश्रा हाल ही में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी छोड़कर BJP में शामिल हुए थे।
उनकी एंट्री से BJP ने ब्राह्मण वोट बैंक को मजबूत करने की रणनीति अपनाई है। आनंद ने BJP जॉइन करते हुए कहा था, 'मैं बचपन से जानता था कि देश का भला BJP ही कर सकती है।' आइए, जानते हैं आनंद मिश्रा की राजनीतिक यात्रा, जन सुराज से मोहभंग के कारण, और बक्सर में उनकी संभावनाओं का पूरा ब्योरा...

Bihar Election 2025: BJP की दूसरी लिस्ट- 12 नाम, नए चेहरे और रणनीति
BJP ने 101 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है, और दूसरी लिस्ट में लोक गायिका मैथिली ठाकुर (अलीनगर से), पूर्व IPS आनंद मिश्रा (बक्सर से), रामचंद्र प्रसाद (हायाघाट से), रंजन कुमार (मुजफ्फरपुर से), सुभाष सिंह (गोपालगंज से), केदार नाथ सिंह (बनिया पुर से), छोटी कुमारी (छपरा से), विनय कुमार सिंह (सोनपुर से), वीरेंद्र कुमार (रोसेरा से), सियाराम सिंह (बरह से), महेश पासवान (अगिआं से), और राकेश ओझा (शाहपुर से) जैसे नाम शामिल हैं। लिस्ट में 9 महिलाओं को जगह दी गई है, जो पार्टी की महिला सशक्तिकरण की रणनीति को दर्शाती है।
यह लिस्ट NDA के सीट बंटवारे के बाद आई है, जहां BJP और JDU को 101-101 सीटें मिली हैं। LJP (RV) को 29, HAM को 6, और RLM को 6। BJP का लक्ष्य 120+ सीटें है, और आनंद मिश्रा जैसे साफ छवि वाले चेहरों से विपक्ष को चुनौती देने की कोशिश है।
Who Is Anand Mishra: आनंद मिश्रा कौन हैं? IPS से राजनीति तक का सफर
भोजपुर जिले के रहने वाले आनंद मिश्रा की जड़ें बिहार और बंगाल दोनों में हैं। उनके पिता काम के सिलसिले में बंगाल चले गए थे, जहां से आनंद ने अपना करियर शुरू किया। 1994 बैच के IPS अधिकारी के रूप में वे असम-मेघालय कैडर में रहे। असम में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर मशहूर आनंद ने BJP सरकार के दौरान लखीमपुर खेरी में SP के रूप में काम किया। असम CM हिमंत बिस्वा सरमा के साथ उनका करीबी रिश्ता रहा, जिसने BJP में उनकी एंट्री को आसान बनाया।
Anand Mishra Education: आनंद मिश्रा ने कहां से की पढ़ाई?
उस्मानिया यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट। आनंद की छवि सख्त और ईमानदार अधिकारी की रही। उन्होंने कभी कोई आपराधिक मामला नहीं झेला, जो BJP के लिए बड़ा प्लस पॉइंट है। IPS सेवा छोड़ने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा।
Former IPS Anand Mishra Political Journey: निर्दलीय हार से जन सुराज, फिर BJP की गोद
आनंद की राजनीतिक महत्वाकांक्षा 2024 के लोकसभा चुनाव से उभरी। उन्होंने बक्सर लोकसभा सीट से निर्दलीय लड़ा, लेकिन हार गए। ब्राह्मण बहुल बक्सर में BJP से टिकट की उम्मीद थी (क्योंकि BJP ने मिथिलेश तिवारी को चुना), लेकिन ठगे जाने पर उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवारी चुनी। इसने वोट बंटवाए, और BJP हार गई - सीट RJD के खाते में चली गई।
इसके बाद आनंद ने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी जॉइन की। यहां वे युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष बने और 'जन सुराज युवा संघर्ष यात्रा' का नेतृत्व किया। यह बाइक यात्रा युवा मतदाताओं से जुड़ने और पार्टी के 'सुराज' एजेंडे को बढ़ावा देने का माध्यम बनी। लेकिन कुछ ही महीनों में मोहभंग हो गया। आनंद ने जन सुराज को 'गलत कदम' बताया और अगस्त 2025 में BJP में शामिल हो गए। BJP जॉइन करते हुए कहा, 'IPS के दौरान ही बिहार लौटने की इच्छा थी। BJP ही वह पार्टी है जो बिहार का विकास कर सकती है। मैं संगठन के लिए काम करना चाहता हूं।' स्रोतों के अनुसार, असम CM सरमा और BJP हाईकमान के दबाव ने इस स्विच को तेज किया।
Why Former IPS Anand Mishra Quit PK Party: जन सुराज से मोहभंग क्यों?
आनंद का जन सुराज से इस्तीफा BJP के साथ 'समझौते' की अटकलों के बीच आया। उन्होंने एक इंटरव्यू में PM मोदी की तारीफ की और BJP की विचारधारा को अपना बताया। लेकिन आलोचक इसे अवसरवादिता कहते हैं। जन सुराज में युवा विंग के अध्यक्ष के रूप में आनंद ने बिहार भर में यात्राएं कीं, लेकिन PK की 'सभी 243 सीटों पर अकेले लड़ने' वाली रणनीति और पार्टी की कमजोर संगठनात्मक संरचना से मोहभंग हुआ। BJP में शामिल होने पर कहा, 'जन सुराज जॉइन करना मेरी गलती थी। BJP ही सही मंच है।' कुछ विश्लेषक इसे जाति आधारित राजनीति का चक्रव्यूह मानते हैं- ब्राह्मण बहुल बक्सर में आनंद का चेहरा RJD के राहुल तिवारी (शाहपुर से, लेकिन बक्सर प्रभावित) को चुनौती देगा।
Buxar Assembely Seat पर दांव: ब्राह्मण वोट और साफ छवि का फायदा
बक्सर विधानसभा सीट ब्राह्मण-यादव बहुल है, जहां BJP 2020 में हारी थी। आनंद की साफ छवि (कोई केस नहीं) और IPS बैकग्राउंड उन्हें NDA के 'सुशासन' एजेंडे का प्रतीक बनाती है। BJP ने कहा, 'आनंद मिश्रा NDA की ताकत बढ़ाएंगे।' मुकाबले में RJD का उम्मीदवार अभी अनकहा है, लेकिन स्थानीय समीकरणों में ब्राह्मण वोट (करीब 20%) आनंद के लिए फायदेमंद होंगे। आनंद ने ANI से कहा, 'यह मेरे लिए विनम्रता का क्षण है। संगठन के सहयोग से नया बक्सर बनाएंगे।'
BJP की रणनीति में नया चेहरा, लेकिन सवाल बरकरार
आनंद मिश्रा का BJP में आना बिहार सियासत में एक बड़ा ट्विस्ट है। जन सुराज से मोहभंग और BJP की गोद में एंट्री से PK को झटका लगा, जबकि NDA को साफ छवि वाला उम्मीदवार मिला। लेकिन आलोचना भी है - क्या यह वैचारिक झुकाव है या जातिगत खेल? बक्सर में आनंद कितना दम दिखाएंगे? 6-11 नवंबर की वोटिंग और 14 नवंबर के नतीजे बताएंगे। NDA का लक्ष्य सत्ता बरकरार रखना है, और ऐसे चेहरों से यह संभव लग रहा है।
(स्रोत: BJP लिस्ट, मीडिया रिपोर्ट्स)
ये भी पढ़ें- Bihar Mahila Candidate List: चुनावी दंगल में BJP की ये 9 महिलाएं भरेंगी हुंकार, किस सीट पर JSP-JJD से टक्कर?












Click it and Unblock the Notifications