Bihar Election Result: इन 4 वजह से हुई महागठबंधन की दुर्गति, तेजस्वी यादव का घमंड पड़ा भारी!
Bihar Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन नहीं होने वाला है। एनडीए की प्रचंड बहुमत के साथ वापसी हो रही है और महागठबंधन की दुर्गति हुई है। खुद तेजस्वी यादव के लिए अपनी सीट निकालना मुश्किल नजर आ रहा है। महागठबंधन की हार की वजहों में आपसी तालमेल के अभाव के अलावा तेजस्वी यादव के आक्रामक बयान भी हैं। नीतीश कुमार पर दिए उनके बयान भी एक वजह मानी जा रही है।
राजनीतिक एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि इस हार के लिए काफी हद तक तेजस्वी की बयानबाजी भी जिम्मेदार है। नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर दिए उनके बयानों ने आम जनता और खास तौर पर महिलाओं को आहत किया। जेडीयू को सहानुभूति वोट मिलना भी बड़ी जीत के पीछे एक वजह मानी जा रही है।

Bihar Election Result 2025: महागठबंधन की बुरी हार के कई कारण
-महागठबंधन की हार के पीछे कई कारण हैं, लेकिन इसमें एक सीट बंटवारे में देरी भी रही। आखिरी वक्त तक 9 सीटों पर सहमति नहीं बन पाना माना जा रहा है। जनता के बीच इसकी वजह से खराब संदेश गया।
-तेजस्वी यादव को सीएम और वीआईपी चीफ मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम बनाने का दांव भी फेल साबित हुआ। वोटों में इसका कोई असर नजर नहीं आ रहा है।
यह भी पढ़ें: Bihar Chunav Result 2025: CM नीतीश कुमार के समर्थकों का जश्न शुरू, होली-दीपावली एक साथ, जानिए क्या है माहौल
-महागठबंधन के चुनावी वादों पर भी जनता ने भरोसा नहीं किया। तेजस्वी यादव के हर परिवार को एक नौकरी देने का वादा काम नहीं आया। जनता ने इसकी तुलना में नीतीश कुमार की लाभार्थी योजनाओं पर यकीन किया है।
-इन सबके साथ हार के लिए सबसे अहम कारण माना जा रहा है कि एनडीए के चुनाव प्रचार और वोट मैनेजमेंट में काफी कुशलता थी। महागठबंधन में यह सिरे से गायब नजर आया।
Tejashwi Yadav के बयानों ने भी पहुंचाया नुकसान
तेजस्वी यादव ने चुनाव प्रचार के दौरान खास तौर पर नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर काफी बयान दिए थे। उन्होंने कुछ इंटरव्यू में यहां तक कहा कि वह अचेत अवस्था में हैं और उनकी दिमागी हालत ठीक नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आम जनता तक इसे लेकर गलत संदेश गया।
नीतीश ने धुआंधार चुनाव प्रचार कर साबित कर दिया कि वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। दूसरी ओर नीतीश कुमार की पहचान ही उनकी सौम्य और सादगी वाली छवि है। सीएम के उम्मीदवार घोषित किए जाने को लेकर भी तालमेल का अभाव दिखा था और तेजस्वी खुद को लगातार सीएम कैंडिडेट बता रहे थे। इन सबसे जमीन पर उनके खिलाफ ही माहौल बना और उसका नुकसान उठाना पड़ रहा है।
यह भी पढ़ें: Bihar Election 2025 Results: NDA vs महागठबंधन—कौन जीत रहा है? Election Commission Of India से जानिए पूरी अपडेट












Click it and Unblock the Notifications