Bihar Election Result 2020: कांग्रेस के फ्लॉप शो ने तेजस्वी की उम्मीदों पर पानी फेरा
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए वोटों की गिनती जारी है। एग्जिट पोल के अनुमान को गलत साबित करते हुए एनडीए फिर से सत्ता हासिल करने के करीब है। आरजेडी के नेतृत्व वाली गठबंधन दूसरे नंबर दिख रही है। ऐसे में कई सवाल उठने लगे हैं। सवाल ये कि क्या तेजस्वी यादव ने सीट बंटवारे में गलती कर दी? क्या कांग्रेस को उसकी ताकत से ज्यादा सीट दे दिया गया? आरजेडी ने खुद 144 सीट पर चुनाव लड़ा और कांग्रेस को 70 सीटें दे दीं। वाम दलों में सीपीएम को चार सीटें दी गईं, सीपीआई को छह और सीपीआई (एमएल) (CPIML) को 19 सीटे मिली थी।

कांग्रेस के अलावा सभी दलों का परफॉर्म अच्छा रहा जबकि कांग्रेस की तरफ से पार्टी के स्टार प्रचारक राहुल गांधी ने रैलियां भी कीं। जो आंकड़े सामने आ रहे हैं इसके अनुसार साफ हो गया है कि 52 सीटों को प्रभावित करने वाली जिन आठ जगहों पर राहुल गांधी ने रैली की थी वहां महागठबंधन की बुरी गत हुई है। इन 52 सीटों में 42 सीटें महागठबंधन हारते हुए दिख रही है और महज 10 सीटों पर ही जीत दर्ज करता दिख रहा है। ऐसे में कहा यही जा रहा है कि राहुल गांधी इस बार भी बिहार में प्रभावहीन साबित हुए हैं।
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में कांग्रेस नेताओं की दिल्ली की पूरी टीम ने राज्यभर का दौरा किया था और पार्टी नेताओं ने इस चुनाव में 59 सभाएं की थीं। इनमें से राहुल गांधी ने हर चरण में दो और तीसरे चरण में चार यानी कुल आठ सभाएं बिहार में की थीं। राहुल ने पहले चरण में हिसुआ और कहलगांव में सभाएं कीं और उसके बाद उन्होंने कुशेश्वरस्थान और वाल्मीकिनगर तथा तीसरे चरण में कोढ़ा, किशनगंज, बिहारीगंज और अररिया में सभाओं को संबोधित किया था।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर तेजस्वी यादव ने कांग्रेस की मांग के अनुसार अगर सीट नहीं दी होती तो शायद चुनाव का परिणाम कुछ और हो सकता था। जनता दल यूनाइटेड के पूर्व नेता पवन वर्मा ने कहा कि कांग्रेस को अधिकतम 48 सीटें देने पर सहमति बनी थी, लेकिन तब राजनीतिक पहुंच के दम पर उन्हें ज्यादा सीट मिला। फिर भी हम देख सकते हैं कि कांग्रसे की तरफ से कैसा प्रदर्शन हुआ है।












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