Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Bihar Election: महागठबंधन में भाव नहीं मिलने पर ओवैसी थर्ड फ्रंट की कर रहे तैयारी, किसका बिगाड़ेंगे गेम?

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार थर्ड फ्रंट की सुगबुगाहट तेज हो गई है। एनडीए (NDA) और महागठबंधन के अलावा अब थर्ड फ्रंट की कोशिश तेज हो गई है। एआईएमआईएम (AIMIM) ने महागठबंधन में शामिल होने की इच्छा कई बार जाहिर की थी, लेकिन उन्हें लालू यादव और कांग्रेस ने उन्हें खास भाव नहीं दिया। अब ओवैसी दूसरी छोटी पार्टियों को साथ लाने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले चुनाव में एआईएमआईएम ने बीएसपी और उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा के साथ चुनाव लड़ा था।

ओवैसी की पार्टी का सीमांचल में मजबूत आधार है और पिछले विधानसभा चुनाव से लेकर अब तक लगातार ओवैसी क्षेत्र में अपनी पार्टी का आधार बनाने की कोशिश में जुटे हैं। एआईएमआईएम के बिहार प्रमुख अख्तरुल ईमान ने कहा, 'हमने महागठबंधन के साथ चुनाव लड़ने के लिए इच्छा जाहिर की थी, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। अब हम थर्ड फ्रंट के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।'

Bihar Election 2025

Bihar Election 2025 में ओवैसी की पार्टी बिगाड़ेगी किसका गेम?

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एआईएमआईएम ने ऐलान किया है कि वह 100 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इससे सबसे ज्यादा नुकसान आरजेडी को ही हो सकता है। पिछले चुनाव में आरजेडी का सबसे कमजोर प्रदर्शन सीमांचल में ही रहा था और यहां ओवैसी की पार्टी ने वोटकटुआ के तौर पर चुनाव को प्रभावित किया था और महागठबंधन बहुमत से दूर रही थी।

यह भी पढ़ें: Bihar News: पारदर्शी तबादला नीति से 17,242 शिक्षकों को मिली नई तैनाती, शिक्षिकाओं की आंखें नम

2020 के विधानसभा चुनावों में, एआईएमआईएम ने 20 सीटों पर चुनाव लड़ा था और इसमें से 5 सीटें जीती थीं। हालांकि, जीतने के बाद उनके 4 विधायक आरजेडी में शामिल हो गए। सीमांचल में अररिया, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया में मुसलमानों की आबादी 40 फीसदी के करीब है। आम तौर पर मुस्लिम वोट आरजेडी के पारंपरिक वोट बैंक माना जाता है, लेकिन पिछले चुनाव में ओवैसी की पार्टी भी इस वर्ग को आकर्षित करने में सफल रही है। इससे वोटों का पारंपरिक समीकरण बदल गया है।

थर्ड फ्रंट बना तो कौन सी पार्टियां होंगी शामिल?

असदुद्दीन ओवैसी अगर छोटी पार्टियों के साथ थर्ड फ्रंट बनाते हैं, तो भी उनके पास काफी विकल्प रहेंगे। इस फ्रंट में समाजवादी जनता दल (डेमोक्रेटिक), वीआईपी, जनवादी पार्टी, बीएसपी शामिल हो सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर थर्ड पार्टी बनती है और 100 सीटों पर ओवैसी और सहयोगी पार्टियां लड़ती हैं, तो इसका नुकसान इंडिया गठबंधन को ही होगा। अब तक ओवैसी ने जिन भी राज्यों में चुनाव लड़ा है, वहां उन्होंने कांग्रेस और दूसरी बीजेपी विरोधी पार्टियों के ही वोट में सेंध लगाई है।

यह भी पढ़ें: SIR 2025 Update: ’मेरी पत्नी मुंबई में रहती हैं, लेकिन नाम बिहार में जुड़ गया’, सहनी चुनाव आयोग और BJP को घेरा

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+