बिहार में मुस्लिम वोटों की राजनीति: क्या भाजपा को हराने के लिए ओवैसी की AIMIM महागठबंधन से हाथ मिलाएगी?

Bihar Election 2025 (Asaduddin Owaisi AIMIM): असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) आगामी विधानसभा चुनावों के लिए बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व वाले महागठबंधन में शामिल होने पर विचार कर सकती है। जी हां, अब तक विपक्षी दल इंडिया से दूरी बनाए रखने वाली AIMIM अब इस साल अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए महागठबंधन में शामिल होने की सोच रही है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक खुद एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने कहा है कि उनकी पार्टी के नेता आरजेडी नेताओं के संपर्क में हैं। आदिल हसन ने कहा, ''हम महागठबंधन के साथ गठबंधन करने में रुचि रखते हैं। हम इसे लेकर बहुत सकारात्मक हैं। AIMIM का उद्देश्य भाजपा को हराना और बिहार को सशक्त बनाना है। भाजपा के साथ हमारी लड़ाई कांग्रेस की तरह ही है। हम चाहते हैं कि महागठबंधन में AIMIM को भी शामिल किया जाए।"

Asaduddin Owaisi AIMIM

आदिल हसन बोले- AIMIM ने कभी CM बनने का सपना नहीं देखा

न्यूज एजेंसी से बात करते हुए एआईएमआईएम के प्रवक्ता आदिल हसन ने कहा,

"मुख्यमंत्री आपको (तेजस्वी यादव) बनना है। एआईएमआईएम ने कभी सीएम का सपना नहीं देखा है, न ही बनना चाहते हैं। हम सीमांचल के लिए विशेष दर्जा और इसके विकास के लिए आर्थिक पैकेज चाहते हैं।"

Bihar Chunav 2025: कितने सीटों पर चुनाव लड़ेगी AIMIM?

अगर AIMIM को महागठबंधन में शामिल नहीं किया जाता है, तो पार्टी ने अकेले ही 50 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बनाई है। पार्टी ने अब तक दो उम्मीदवारों की घोषणा की है और अन्य क्षेत्रों में भी अपने संगठन का विस्तार किया है। 2025 के चुनावों के लिए AIMIM ने सीमांचल के अलावा मिथिलांचल, चंपारण, शाहाबाद, मगध और भागलपुर क्षेत्रों में भी अपने संगठन का विस्तार किया है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक अगर पार्टी किसी गठबंधन में जाती है तो अपनी सीटों पर बात करने के तैयार है। अगर RJD और कांग्रेस इसपर बात करने के लिए तैयार होते हैं तो सीटों के नंबर कम किए जा सकते हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में AIMIM का स्ट्राइक रेट

AIMIM ने 2020 के विधानसभा चुनावों में 20 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 5 सीटें जीतकर सीमांचल क्षेत्र में अहम उपस्थिति दर्ज की थी। पार्टी ने इन 20 सीटों पर 14.28% वोट हासिल किए थे। हालांक, जून 2022 में पार्टी को झटका लगा जब उसके चार विधायक RJD में शामिल हो गए। वर्तमान में अमौर से विधायक अख्तरुल ईमान AIMIM के एकमात्र विधायक हैं।

AIMIM के महागठबंधन में शामिल होने की संभावनाएं क्या हैं?

AIMIM ने महागठबंधन में शामिल होने के लिए कोई औपचारिक चर्चा नहीं की है, लेकिन पार्टी नेताओं का कहना है कि विधानसभा में RJD और कांग्रेस के नेताओं के साथ अनौपचारिक बातचीत में संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने की संभावना पर चर्चा हुई है। हालांकि, RJD और कांग्रेस के प्रवक्ताओं ने AIMIM के प्रस्ताव के बारे में फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

AIMIM ने सीमांचल क्षेत्र में मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत की है, जिससे महागठबंधन को चिंता हो सकती है कि AIMIM के अलग से चुनाव लड़ने से मुस्लिम वोटों का बंटवारा होगा और इसका लाभ भाजपा को मिल सकता है। हालांकि कई राजनीतिक एक्सपर्ट का कहना है कि ऐसा संभव नहीं है...क्योंकि ओवैसी ने खुद एक वक्त इंडिया ब्लॉक से दूरी बनाई थी। अगर RJD-कांग्रेस इनको अपने साथ लाती है तो ये उनके ही कोर वोटर 'मुस्लिम वोट बैंक' को अपनी तरफ कर सकते हैं।

AIMIM अब तक विपक्षी दल इंडिया ब्लॉक से दूरी बनाए रखी है। वहीं महागठबंधन एआईएमआईएम को "भाजपा की बी टीम" कहते थे और आरोप लगाते थे कि यह महागठबंधन के लिए "वोटकटवा" की भूमिका निभा रही है। ओवैसी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था।

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