Bihar Election: अमित शाह का फोकस मगध-शाहाबाद पर, NDA के लिए क्यों है टेंशन वाला इलाका? आंकड़े बताते हैं सच
Bihar Election 2025: पटना से लेकर दिल्ली तक भाजपा के थिंक टैंक की नजर अब बिहार पर टिकी है। विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही पार्टी की रणनीति तेज हो गई है। इसी कड़ी में केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता अमित शाह बुधवार (17 सितंबर) देर शाम पटना पहुंचे। उनका दो दिन का दौरा पूरी तरह चुनावी मिशन से जुड़ा है। खास बात ये है कि इस बार अमित शाह का फोकस उन इलाकों पर है जहां पिछली बार भाजपा को करारी हार झेलनी पड़ी थी-मगध और शाहाबाद।
अमित शाह पटना एयरपोर्ट पर उतरते ही कार्यकर्ताओं और नेताओं के उत्साह से रूबरू हुए। एयरपोर्ट से लेकर होटल तक उनका जोरदार स्वागत किया गया। रात पटना के मौर्या होटल में गुजारने के बाद वो आज (18 सितंबर) डेहरी ऑन सोन और बेगूसराय का दौरा करेंगे। यहां वे पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ लंबी रणनीतिक बैठक करेंगे।

NDA के लिए मगध-शाहाबाद क्यों है अहम?
मगध और शाहाबाद इलाका हमेशा से बिहार की सियासत का निर्णायक क्षेत्र माना जाता है। यहां कुल 10 जिले आते हैं-रोहतास, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, गया, नवादा, अरवल, जहानाबाद और औरंगाबाद। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि जिस दल को इस बेल्ट में बढ़त मिलती है, उसकी आधी जीत पक्की हो जाती है। शायद यही वजह है कि शाह खुद इस क्षेत्र की नब्ज टटोलने पहुंचे हैं।
2020 के विधानसभा चुनाव में कमजोर रहा था प्रदर्शन
अगर पिछला विधानसभा चुनाव देखा जाए तो भाजपा और राजग इस इलाके में पिछड़ गए थे। मगध-शाहाबाद की बड़ी संख्या में सीटें राजद, कांग्रेस और वाम दलों की झोली में चली गई थीं। यही कारण है कि शाह इस बार हार की भरपाई करने का कोई मौका छोड़ना नहीं चाहते।
बेगूसराय और मुंगेर पर भी खास नजर
अमित शाह के दौरे का दूसरा अहम पड़ाव बेगूसराय है। यह केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का संसदीय क्षेत्र है और भाजपा यहां खुद को मजबूत मानती है। बेगूसराय में शाह पटना और मुंगेर प्रमंडल के करीब 10 जिलों के नेताओं से मुलाकात करेंगे। इसमें पटना, नालंदा, मुंगेर, खगड़िया, लखीसराय, जमुई और शेखपुरा जैसे जिले शामिल हैं। भले ही पटना और मुंगेर को राजग का गढ़ माना जाता है, लेकिन शाह चाहते हैं कि इस बार "क्लीन स्वीप" हो।
पार्टी के भीतर जोश बढ़ाने की कोशिश
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के मुताबिक, "हमें जीत का भरोसा तो पहले से है, लेकिन शाह का दौरा कार्यकर्ताओं के मनोबल को कई गुना बढ़ा देगा।" एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करने वालों में खुद सिन्हा, सांसद संजय जायसवाल, पार्टी प्रभारी विनोद तावड़े और केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय जैसे बड़े नेता मौजूद थे।
अमित शाह तैयार करेंगे 10 जिलों का ब्लूप्रिंट!
भाजपा सूत्र बताते हैं कि इस पूरे दौरे का मकसद सिर्फ कार्यकर्ताओं से संवाद करना ही नहीं बल्कि अगले विधानसभा चुनाव के लिए 10 जिलों का चुनावी ब्लूप्रिंट भी तैयार करना है। अमित शाह खुद हर जिले की ताकत और कमजोरी पर बारीकी से चर्चा करेंगे।
अमित शाह के इस दौरे ने बिहार की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। यह साफ है कि भाजपा इस बार कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। खासकर मगध-शाहाबाद जैसे क्षेत्रों में, जहां पिछली बार पार्टी फिसल गई थी। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि शाह की रणनीति भाजपा को जीत की मंजिल तक पहुंचा पाती है या नहीं, लेकिन इतना तो तय है कि बिहार की सियासत अब और गरमाने वाली है।












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