Bihar Election: तेज प्रताप के 5 साथी बदल देंगे चुनावी खेल? जानिए गठबंधन की 6 पार्टियों की ताकत और पूरा गणित
Bihar Election 2025 (Tej Pratap Yadav): बिहार की सियासत में इस बार एक नया मोड़ आया है। लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव अपनी अलग राजनीतिक राह पर चल पड़े हैं। आरजेडी से अलग होकर उन्होंने न सिर्फ जनशक्ति जनता दल नाम की पार्टी बनाई, बल्कि पांच और छोटी-छोटी पार्टियों को साथ जोड़कर सामाजिक न्याय लोकतांत्रिक गठबंधन खड़ा कर दिया। दावा है कि ये गठबंधन 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगा और तेज प्रताप खुद मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचेंगे।
लेकिन बड़ा सवाल है-तेज प्रताप के पांच साथी कितने मजबूत हैं? क्या ये गठबंधन वोट खींच पाएगा या फिर ये सिर्फ कागज पर बनी सियासी कहानी रह जाएगी? आइए, जानते हैं एक-एक पार्टी की ताकत और हकीकत।

तेज प्रताप की नई पारी और गठबंधन का खाका
तेज प्रताप यादव ने आरजेडी से अलग होने के बाद राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने का ऐलान किया। उनके गठबंधन में कुल 6 पार्टियां हैं,
- 1. जनशक्ति जनता दल (तेज प्रताप यादव)
- 2. प्रगतिशील जनता पार्टी (मनोरंजन श्रीवास्तव)
- 3. संयुक्त किसान विकास पार्टी (सूरज प्रकाश)
- 4. विकास वंचित इंसान पार्टी (प्रदीप निषाद)
- 5. वाजिब अधिकार पार्टी (विद्यानंद राम)
- 6. भोजपुरिया जन मोर्चा (भरत सिंह)
दिलचस्प ये है कि इनमें से कई पार्टियों का कोई मजबूत जनाधार नहीं है और तीन पार्टियां पहली बार चुनावी मैदान में उतर रही हैं। बावजूद इसके दावे 50 से 100 सीट जीतने के किए जा रहे हैं।
🔹 वाजिब अधिकार पार्टी - अब तक बस नाम का असर
विद्यानंद राम की वाजिब अधिकार पार्टी 2017 में बनी और 2020 में चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में आई। पिछले विधानसभा चुनाव में 12 सीटों पर लड़ी थी, लेकिन कहीं भी 4-5 हजार से ज्यादा वोट नहीं मिले। 2024 लोकसभा चुनाव में तीन सीटों पर उतरे तो कुल वोट बैंक मुश्किल से 20-25 हजार का ही रहा। यानि पार्टी का अस्तित्व ज्यादा बड़ा नहीं है।
🔹 संयुक्त किसान विकास पार्टी -नालंदा से मिली थोड़ी पहचान
सूरज प्रकाश की पार्टी 2020 विधानसभा चुनाव में 8 सीटों पर लड़ी थी, लेकिन सभी जगह जमानत जब्त हो गई। हालांकि लोकसभा चुनाव में नालंदा सीट पर तीसरे नंबर पर रहकर पार्टी को थोड़ी पहचान मिली। यहां उनके उम्मीदवार को 25 हजार से ज्यादा वोट मिले थे। सूरज प्रकाश का दावा है कि इस बार उनकी पार्टी 35 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, खासकर शाहाबाद और मगध इलाके में।
🔹 प्रगतिशील जनता पार्टी -हाईकोर्ट के वकील की सियासत
मनोरंजन श्रीवास्तव हाईकोर्ट के वकील हैं और उनकी प्रगतिशील जनता पार्टी 2015 में बनी थी। 2020 में सिर्फ तीन सीटों पर लड़ी थी। इस बार श्रीवास्तव खुद दीघा और बांकीपुर से चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं। उनका दावा है कि गठबंधन 100 सीटें जीतकर सरकार बनाएगा। हालांकि पार्टी का ग्राउंड पर असर बेहद सीमित माना जाता है।
🔹 विकास वंचित इंसान पार्टी -VIP से अलग होकर बना नया संगठन
प्रदीप निषाद ने VIP चीफ मुकेश सहनी से अलग होकर 2024 में विकास वंचित इंसान पार्टी (VVIP) बनाई। निषाद खुद को असली "मल्लाह नेता" बताते हैं और कहते हैं कि अब तक हर पार्टी ने निषाद समाज के साथ छल किया है। पार्टी का ढांचा अभी नया है, लेकिन दावा है कि बूथ स्तर पर संगठन खड़ा कर लिया गया है।
🔹 भोजपुरिया जन मोर्चा -सिर्फ आरा तक सीमित
भरत सिंह की बनाई ये पार्टी भोजपुर इलाके तक सीमित है। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर इसका रजिस्ट्रेशन जुलाई 2022 में ही दिखता है। इसका असर ज़्यादा बड़ा नहीं है और न ही कोई बड़ा चेहरा सामने है।
🔹 जनशक्ति जनता दल -तेज प्रताप की असली चुनौती
तेज प्रताप की खुद की पार्टी भी पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही है। हालांकि महुआ सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का उनका अनुभव रहा है, लेकिन अकेले दम पर वोट बैंक जुटा पाना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती है। खासकर तब, जब लालू-तेजस्वी का जनाधार पहले से ही आरजेडी के साथ है।
गठबंधन का ग्राउंड रियलिटी चेक
अगर जमीन पर देखा जाए तो तेज प्रताप के गठबंधन का वोट बैंक बहुत बिखरा हुआ है। किसी पार्टी के पास मजबूत जातीय आधार नहीं है।
वोट प्रतिशत अब तक हर जगह 2-5 हजार के बीच रहा है। तीन पार्टियां पहली बार चुनाव लड़ रही हैं। फिर भी दावा किया जा रहा है कि गठबंधन 243 सीटों पर उतरेगा और 100 सीटें जीतकर सरकार बनाएगा।
तेज प्रताप यादव और उनके पांच साथियों का गठबंधन राजनीतिक चर्चा में जरूर है, लेकिन असलियत यह है कि बिहार की राजनीति जातीय समीकरण और जनाधार पर टिकी होती है। न वोट बैंक, न जनाधार और न ही कोई बड़ा चेहरा, इन परिस्थितियों में तेज प्रताप का गठबंधन फिलहाल चुनावी नैया पार कराने के बजाय बस सुर्खियों में बने रहने का जरिया दिख रहा है।
तेज प्रताप की इस नई सियासी पारी को "राजनीति का प्रयोग" कहा जा सकता है। चुनावी नतीजे क्या होंगे, ये तो आने वाला वक्त बताएगा, लेकिन फिलहाल उनके 5 साथी दमदार से ज्यादा कमजोर ही दिख रहे हैं।












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