बिहार चुनाव के बीच क्यों होने लगी राहुल गांधी की शादी की चर्चा? किसने कहां- 'मैं तो विवाह में जरूर जाऊंगा'
Bihar Election 2025 (Rahul Gandhi): बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का पहला चरण अब बस कुछ ही घंटे दूर है। मंगलवार (04 नवंबर) शाम पांच बजे पहले चरण का चुनाव प्रचार का शोर थम गया। बिहार की सियासत के गलियारों में एक नया और चटपटा मुद्दा तैरने लगा राहुल गांधी की शादी। दिलचस्प बात ये है कि इस बार यह चर्चा किसी इंटरव्यू से नहीं, बल्कि बिहार के चुनावी मंच से शुरू हुई।
खड़गे की 'बेटे की शादी' वाली टिप्पणी से शुरू हुआ बवाल
दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा था, "मोदी जी बिहार में ऐसे घूम रहे हैं, जैसे उनके बेटे की शादी हो।" उनका इशारा भाजपा के चुनाव प्रचार के तेवरों की ओर था, लेकिन इस बयान के अगले ही दिन राजनीति में इसका मज़ेदार ट्विस्ट देखने को मिला।

गिरिराज सिंह का पलटवार-'कांग्रेस युवराज की शादी हुई तो मैं जरूर आऊंगा'
केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने खड़गे के इस बयान पर चुटकी लेते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, "खड़गे जी, कांग्रेस के युवराज की भी अगर कभी शादी होती है तो उसमें जरूर आएंगे।"
उन्होंने यह पोस्ट खड़गे के भाषण की क्लिप के साथ साझा की। गिरिराज सिंह का यह बयान मजाकिया लहजे में था, लेकिन चुनावी माहौल में इसने सियासी हलचल मचा दी।
'कांग्रेस युवराज' पर इशारा-राहुल गांधी पर निशाना
गिरिराज सिंह की टिप्पणी पर सबकी नजरें सीधे राहुल गांधी की ओर चली गईं, क्योंकि राजनीतिक हलकों में अक्सर उन्हें 'कांग्रेस युवराज' कहकर संबोधित किया जाता है। राहुल गांधी की शादी को लेकर पहले भी सोशल मीडिया पर मीम्स और जोक बनते रहे हैं, लेकिन इस बार चुनावी मंच से आई यह बात सुर्खियों में आ गई।
खड़गे बोले- '20 साल की सरकार, फिर भी पलायन नहीं रुका'
खड़गे ने कहा कि नीतीश कुमार नौ बार मुख्यमंत्री बने, लेकिन राज्य की तस्वीर नहीं बदली। न रोजगार मिला, न गरीबी घटी, और न ही कानून व्यवस्था सुधरी। उन्होंने मोदी-शाह पर भी हमला बोलते हुए पूछा, "जब 20 साल से बिहार में आपकी ही सरकार है, तो फिर 'जंगलराज' खत्म क्यों नहीं हुआ?"
एग्जिट पोल पर रोक, पर सियासी बयानबाजी जारी
हालांकि पहले चरण के प्रचार के साथ चुनाव आयोग की गाइडलाइन के मुताबिक अब किसी भी ओपिनियन पोल या सर्वे के नतीजे दिखाने पर रोक लग गई है, लेकिन नेताओं के बयान चुनावी माहौल को गर्म बनाए हुए हैं।
राहुल गांधी की शादी से जुड़ी यह चर्चा अब चुनावी मुद्दा तो नहीं, लेकिन बिहार के पॉलिटिकल पिच पर यह "चुनावी मसाला" बन चुकी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि अगले चरण के प्रचार में नेता इस बहस को कितना आगे ले जाते हैं।












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