बिहार चुनाव से पहले मोदी के मंत्री ने खोली 'राबड़ी-लालू' की पोल, बताया 2005 तक कैसा था बिहार वासियों का हाल
Bihar Election 2025 (Nityanand Rai): बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे-जैसे नज़दीक आ रहे हैं, सियासी बयानबाज़ी भी तेज़ होती जा रही है। अब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव के शासनकाल पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 1990 से 2005 तक बिहार 'जंगलराज' के दौर से गुजरा, जब अपराध, अपहरण और हत्याएं आम बात थीं।
'राबड़ी-लालू का शासन जंगलराज था'
नित्यानंद राय ने कहा, "1990 से 2005 तक का दौर बिहार के लिए किसी काले अध्याय से कम नहीं था। उस समय न कानून चलता था, न व्यवस्था। हत्या, अपहरण, नरसंहार और बलात्कार के मामलों से पूरा बिहार दहशत में था। 15 साल के शासन में 32,000 से ज़्यादा अपहरण हुए और 59 बड़े नरसंहार दर्ज किए गए।"

उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में FIR दर्ज करवाना भी मुश्किल था, पुलिस प्रशासन अपराधियों के दबाव में काम करता था, और आम लोग न्याय के लिए भटकते रहते थे।
'आज सुशासन है, तब जंगलराज था'
केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार में अब कानून-व्यवस्था की स्थिति पहले से बहुत बेहतर है। नित्यानंद राय ने कहा, ''अब बिहार में अपराधियों को सजा मिलती है, FIR दर्ज होती है, और न्याय की उम्मीद जीवित है। ये फर्क जनता देख रही है।''
भाजपा सांसद संजय जयस्वाल का बयान
भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने भी विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, "जब तक बिहार का आम नागरिक वोट देगा, तब तक तेजस्वी यादव का सूपड़ा साफ होता रहेगा। अब हर नागरिक EVM से वोट डाल रहा है, और यही लोकतंत्र की ताकत है।"
उन्होंने यह भी कहा कि आज का बिहार 1990 के दशक वाले बिहार से बिल्कुल अलग है। अब लोग डर के साए में नहीं, विकास के सपने के साथ जी रहे हैं।
सम्राट चौधरी बोले-'EVM आने के बाद निष्पक्ष हुए चुनाव'
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी विपक्ष को घेरा और कहा, "जब से EVM आई है, चुनाव निष्पक्ष हुए हैं। अटल बिहारी वाजपेयी जी ने जब इसे लागू कराया था, तभी से पारदर्शिता बढ़ी। अब बिहार में सुशासन है, जंगलराज नहीं।" उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की निगरानी में चुनाव पूरी निष्पक्षता से होते हैं, और जनता को अब डर नहीं बल्कि भरोसा होता है कि उनका वोट मायने रखता है।
'राबड़ी-लालू के राज में सड़ चुका था बिहार', पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में बिहार के विकास को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "ढाई दशक पहले की शिक्षा व्यवस्था को याद कीजिए, तब स्कूलों की हालत बदतर थी। बच्चे स्कूल छोड़ने पर मजबूर थे। RJD के राज में बिहार की हालत सड़े हुए पेड़ जैसी थी, जिसकी जड़ों में कीड़ा लग चुका था। उस पेड़ को फिर से खड़ा करने में बहुत मेहनत लगी।"
पीएम मोदी ने बताया कि बीते कुछ वर्षों में बिहार में शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बड़ा सुधार हुआ है। पीएम मोदी ने कहा, ''राज्य में 19 नए केंद्रीय विद्यालय खुल रहे हैं, खेलों में बिहार ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाया है। 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।'' उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के साथ मिलकर केंद्र सरकार ने बिहार को विकास की पटरी पर लाने का काम किया है।
बिहार चुनाव 2025 का गर्माता माहौल
चुनाव से पहले भाजपा नेताओं के इन बयानों को विपक्ष पर सीधा हमला माना जा रहा है। पार्टी का फोकस राबड़ी-लालू शासन बनाम सुशासन राज की तुलना पर है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा "जंगलराज" के पुराने मुद्दे को फिर से उठाकर भावनात्मक वोटबैंक को टारगेट करने की कोशिश में है।












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