Bihar Chunav: NDA मे किसे कितनी सीटें, उम्मीदवार कैसे तय होंगे? पटना पहुंचे BJP अध्यक्ष नड्डा ने जमाई फील्डिंग
Bihar Election 2025: (JP Nadda): बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की हलचल अब जमीन पर साफ नजर आने लगी है। शनिवार (13 सितंबर) को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पटना पहुंचे और उनके दौरे के साथ ही पूरे सियासी माहौल में एक नई सरगर्मी दिखी। एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत हुआ और फिर वे सीधे निजी कार्यक्रमों और चुनावी बैठकों में जुट गए। आइए समझने की कोशिश करते हैं कि जेपी नड्डा का ये दौरा इतना अहम क्यों है।
नड्डा का पटना दौरा क्यों अहम?
जेपी नड्डा का यह बिहार दौरा महज एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि "मिशन 2025" की नींव रखने वाला कदम माना जा रहा है। वे यहां संगठन को धार देने, सीट बंटवारे की रणनीति तय करने और उम्मीदवारों की सूची पर चर्चा करने आए हैं। रविन्द्र भवन में उन्होंने "मोदी मित्र डिजिटल योद्धा अभियान" की शुरुआत की। इसका मकसद है चुनावी संदेश को घर-घर तक पहुंचाना और सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक बीजेपी का माहौल बनाना।

पटना में बवाल और बदली बैठक की जगह
नड्डा जैसे ही पटना पहुंचे, वैसे ही एक और मोर्चा गर्म हो गया। 8,000 से ज्यादा बर्खास्त संविदा कर्मचारियों ने बीजेपी ऑफिस के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। उनकी मांग है-"समान काम, समान वेतन और 60 साल तक नौकरी।" पिछले 29 दिनों से वे गर्दनीबाग में धरना दे रहे थे और शनिवार को उनका गुस्सा बीजेपी दफ्तर के बाहर फूट पड़ा।
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया, तो केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय को जाम के बीच गाड़ी से उतरकर पैदल ऑफिस जाना पड़ा। हालात को देखते हुए नड्डा की अहम चुनावी बैठक का स्थल बदलना पड़ा और अब यह स्टेट गेस्ट हाउस में हो रही है।
सीट बंटवारे पर लगभग फॉर्मूला तय! (NDA seat sharing formula Bihar)
सबसे बड़ा सवाल यही है कि NDA में सीटों का बंटवारा आखिर कैसे होगा। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा और जेडीयू के बीच लंबे दौर की बैठकों के बाद लगभग सहमति बन चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स कहती हैं कि इस बार जेडीयू को 102 सीटें, बीजेपी को 101 सीटें, लोजपा (रामविलास) को करीब 20 सीटें, जीतन राम मांझी की पार्टी हम को 10 सीटें और उपेंद्र कुशवाहा की RLM को 10 सीटें मिल सकती हैं।
यानि छोटे सहयोगियों को मिलाकर लगभग 40 सीटें दी जाएंगी और बाकी 210 सीटें बीजेपी-जेडीयू अपने पास रखेंगे। एनडीए का टारगेट है-225 सीटें जीतकर सत्ता में दोबारा वापसी करना।
सीट बंटवारे में चिराग पासवान का पेंच
हालांकि तस्वीर अभी पूरी तरह साफ़ नहीं है। चिराग पासवान शुरू से ही 40 सीटों पर दावा कर रहे थे, लेकिन मौजूदा फॉर्मूले में उन्हें 20 सीटें मिल रही हैं। माना जा रहा है कि इस मसले पर आखिरी दौर की बातचीत अभी बाकी है। अगर चिराग नाराज़ होते हैं, तो गठबंधन के भीतर खटपट बढ़ सकती है।
संगठन और सरकार दोनों पर फोकस
बीजेपी का पूरा टॉप ब्रास इन दिनों बिहार पर फोकस कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह बड़े जनसमूहों में जाकर माहौल बनाएंगे, जबकि जेपी नड्डा संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने का काम देख रहे हैं।
बीजेपी का साफ इरादा है-बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना, सहयोगी दलों को साधना और उम्मीदवारों की घोषणा समय रहते कर देना।
कोर कमेटी की रणनीतिक बैठक
नड्डा की सबसे अहम मीटिंग पटना में कोर कमेटी के साथ होगी। इसकी अध्यक्षता करेंगे बीजेपी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष। इस बैठक में बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक की रिपोर्ट ली जाएगी। सीट बंटवारे, गठबंधन की स्थिति और संभावित प्रत्याशियों की लिस्ट पर भी चर्चा होगी।
"मिशन बिहार 2025" की असली तस्वीर
बीजेपी ने बिहार को लेकर दोहरी रणनीति अपनाई है-एक तरफ मोदी और शाह की रैलियों से जनता का माहौल बनाना और दूसरी ओर नड्डा के जरिए संगठन को चुनावी मोड में डालना। इस बार पार्टी का जोर सिर्फ सत्ता पाने पर नहीं, बल्कि पहले से ज्यादा सीटों के साथ सरकार बनाने पर है।
कुल मिलाकर, जेपी नड्डा का पटना दौरा यह साफ़ कर गया कि एनडीए चुनावी मोड में पूरी तरह एक्टिव हो चुका है। अब सबकी नज़रें इस बात पर हैं कि सीट बंटवारे का आधिकारिक ऐलान कब होगा और बीजेपी-जेडीयू का गठबंधन किस मजबूती से मैदान में उतरता है।












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