सुलह के बाद भी फंसा खेल! महागठबंधन में 11 सीटों पर ‘दोस्ताना लड़ाई’, किसी ने नहीं लिया नामांकन वापस
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन की एकता का दावा भले ही सार्वजनिक मंचों पर बार-बार किया जा रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। महागठबंधन ने अपना सीएम फेस तेजस्वी यादव को घोषित कर दिया है।
मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर चली लंबी खींचतान खत्म होने के बावजूद अब सीटों को लेकर महागठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। दूसरे चरण के नामांकन वापसी की समयसीमा बीत गई है और अब 11 सीटों पर महागठबंधन के घटक दलों के बीच ही 'फ्रेंडली फाइट' यानी दोस्ताना संघर्ष होना तय है।

5 सीटों पर RJD बनाम कांग्रेस, सबसे ज्यादा टक्कर सहयोगियों में
इन 11 सीटों में सबसे ज्यादा दिलचस्प मुकाबला राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस के बीच होने वाला है। कुल 5 सीटों पर दोनों दलों ने अपने-अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। राजनीतिक तौर पर इसे "दोस्ताना संघर्ष" कहा जा रहा है, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए यह असली जंग से कम नहीं। वहीं कांग्रेस को कुल 9 सीटों पर अपने ही सहयोगी दलों के उम्मीदवारों से मुकाबला करना होगा।
महागठबंधन के साझे प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब इस विवाद पर सवाल पूछा गया तो CPI-ML के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने सफाई दी, "कुछ सीटों पर रणनीतिक मुकाबला होगा, इससे फर्क नहीं पड़ता। आगे जाकर कुछ उम्मीदवार पीछे भी हट सकते हैं।" हालांकि नामांकन वापसी की आखिरी तारीख बीत चुकी है, इसलिए अब यह टकराव चुनावी मैदान में ही सुलझेगा।
कौन किसके खिलाफ - जानिए 11 सीटों का पूरा हाल
🔹कहलगांव: RJD के रजनीश भारती बनाम कांग्रेस के प्रवीण कुशवाहा
🔹वैशाली: कांग्रेस के संजीव सिंह बनाम RJD के अजय कुशवाहा
🔹नरकटियागंज: RJD के दीपक यादव बनाम कांग्रेस के शाश्वत केदार पांडेय
🔹सिकंदरा: RJD के उदय नारायण चौधरी बनाम कांग्रेस के विनोद चौधरी
🔹सुल्तानगंज: RJD के चंदन सिन्हा बनाम कांग्रेस के ललन कुमार
🔹बछवाड़ा: CPI के अवधेश राय बनाम कांग्रेस के गरीब दास
🔹राजापाकर (सु): कांग्रेस विधायक प्रतिमा दास बनाम CPI के मोहित पासवान
🔹बिहारशरीफ: कांग्रेस के ओमैर खान बनाम CPI के शिवप्रकाश यादव
🔹करगहर: कांग्रेस के संतोष मिश्रा बनाम CPI के महेंद्र गुप्ता
🔹चैनपुर: RJD के ब्रजकिशोर बिंद बनाम VIP के बालगोविंद बिंद
🔹बेलदौर: कांग्रेस के मिथिलेश निषाद बनाम IIP की तनीषा चौहान
दो सीटों पर मानी गई सुलह, बाकी पर अड़ी रहीं पार्टियां
नामांकन वापसी के आखिरी दिन यानी गुरुवार को कांग्रेस प्रत्याशी ने वारिसलीगंज और वीआईपी प्रत्याशी ने बाबूबरही से अपना नाम वापस ले लिया। इससे दो सीटों पर फ्रेंडली फाइट टल गई। लेकिन बाकी 11 सीटों पर न तो कोई उम्मीदवार झुका, न ही कोई समझौता हो सका।
अंदरूनी खींचतान ने बढ़ाई मुश्किलें
महागठबंधन में सुलह का दिखावा भले किया जा रहा हो, लेकिन इस दोस्ताना जंग ने अंदरूनी मतभेदों को उजागर कर दिया है। कांग्रेस और RJD के बीच सीट बंटवारे की नाराजगी अब खुले तौर पर नजर आने लगी है। वहीं CPI और CPI(ML) जैसे वाम दलों की भी शिकायत है कि उनकी परंपरागत सीटें छीन ली गईं।
महागठबंधन के नेता मंच से चाहे जितना 'एकता' का संदेश दें, लेकिन 11 सीटों पर आपसी टकराव ने यह साफ कर दिया है कि अंदरूनी असंतोष अब भी बरकरार है। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि क्या चुनाव के आगे बढ़ने के साथ ये "दोस्ताना मुकाबले" असली जंग में तब्दील होते हैं या आखिरी वक्त में कोई नया समझौता निकलता है।












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