Bihar Election: बिहार चुनाव के लिए क्या है कांग्रेस की रणनीति? कैसे बांटेगी इस बार टिकट, तैयार है नया फॉर्मूला
Bihar Election 2025: बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव इस बार कांग्रेस के लिए अस्तित्व बचाने का चुनाव है। ऐसे में कांग्रेस अपनी चुनावी रणनीतियों और टिकट बांटने को लेकर इस बार बहुत सर्तक है। पटना के कांग्रेस दफ्तर में दिनों माहौल चुनावी रंग में रंगा हुआ है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के तहत गठित स्क्रीनिंग कमेटी के सामने दावेदार अपनी-अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।
पहले चरण में 38 में से 19 जिलों से आए करीब 1500 दावेदारों ने टिकट के लिए दावेदारी ठोकी, जिनमें युवा जोश से लेकर अनुभवी सियासतदान तक शामिल हैं। दावेदारों की सबसे ज्यादा संख्या गयाजी विधानसभा क्षेत्र से देखी गई। वहीं कई सीटों पर 100 से अधिक दावेदार रहे।

इस पूरी प्रक्रिया की कमान स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन के हाथों में है। उनके साथ लोकसभा सांसद परिणीति शिंदे, राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी और विधायक कुणाल चौधरी भी इंटरव्यू पैनल में बैठे हैं। बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, विधानमंडल दल के नेता शकील अहमद खान और प्रभारी सचिव सुशील पासी व देवेंद्र यादव भी बैठक में मौजूद रहे।
कांग्रेस के टिकट बांटने का नया गणित - स्थानीयता और रिकॉर्ड पर जोर
कांग्रेस इस बार महागठबंधन के साथ तालमेल बनाए रखते हुए एक मजबूत चुनावी रणनीति बना रही है। स्क्रीनिंग कमेटी का फोकस सिर्फ उम्मीदवार के राजनीतिक अनुभव पर नहीं, बल्कि उनकी स्थानीय पहचान, पिछला ट्रैक रिकॉर्ड और जमीनी पकड़ पर भी है।
न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक टिकट के लिए आए दावेदारों से ऐसे सवाल पूछे गए: आपके इलाके में आपका सामाजिक और राजनीतिक आधार कैसा है? किस जाति वर्ग में आपकी सबसे ज्यादा पकड़ है? आप पटना में कितने कार्यकर्ताओं को जुटा सकते हैं? पिछले पांच साल में आपने जनता के लिए क्या काम किए हैं? विपक्ष, खासकर एनडीए, से मुकाबले की आपकी रणनीति क्या होगी?
युवा जोश बनाम अनुभवी सियासत
दावेदारों में से कई ने पहली बार टिकट की मांग की, तो कई पुराने नेताओं ने अपने अनुभव और पिछली जीत-हार के आंकड़ों से खुद को साबित करने की कोशिश की। इंटरव्यू के दौरान अजय माकन सभी दावेदारों से सवाल पूछ रहे हैं कि आपको ही क्यों टिकट दिया जाए? कई दावेदारों से महिला और युवा वोटरों को जोड़ने की योजना के बारे में भी पूछा गया।
अगला चरण और कांग्रेस का मिशन
आज गुरुवार को शेष 19 जिलों के दावेदारों से मुलाकात होगी। इसके बाद चयनित नामों की सूची कांग्रेस हाईकमान को भेजी जाएगी। पार्टी इस बार बिहार में 70 या उससे ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने का लक्ष्य रख रही है। स्क्रीनिंग प्रक्रिया से साफ है कि कांग्रेस इस बार कोई ढिलाई नहीं बरतेगी और हर सीट पर दमदार चेहरा उतारने की तैयारी में है।
यह साफ है कि कांग्रेस इस बार टिकट बंटवारे को लेकर बेहद सतर्क है और हर उम्मीदवार से यह साबित करने की उम्मीद कर रही है कि वे न सिर्फ स्थानीय रूप से लोकप्रिय हैं, बल्कि महागठबंधन के समीकरण में जीत दिलाने की क्षमता भी रखते हैं।












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