बिहार: चुनाव की घोषणा से ठीक पहले फर्जी वोटर आईडी बनाने के खेल का भंडाफोड़ हुआ, यूं बन रहीं ऑनलाइन
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले फर्जी वोटर आईडी बनाने के खेल का भंडाफोड़ हुआ है। जालसाजों द्वारा वोटर आईडी कार्ड ऑनलाइन बनाए जा रहे हैं। इसकी शिकायत मिलने पर चुनाव आयोग ने सभी राज्यों को इसकी जांच एवं कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। बिहार के भी हर जिले में इस मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है। फर्जी इपिक (मतदाता पहचान पत्र) बनाने का यह खेल सबसे पहले कहां से चला, यह भी पता किया जाना बाकी है।
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प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कर्नाटक के वेल्लारी में फर्जी इपिक (मतदाता पहचान पत्र) बनाने वाले लोग पकड़ में आए। जिसके बाद हुई जांच में देशभर में इस जालसाजी का पता चला। साथ ही चुनाव आयोग सक्रिय हो गया। चुनाव आयोग के सचिव अजय कुमार ने सभी राज्यों को अपने अपने यहां ऐसे जालसाजों को लेकर जांच का आदेश दिया है। कर्नाटक सीईओ (मुख्य निर्वाचन अधिकारी) ने चुनाव आयोग से पूरे देश में इसकी जांच कराने की अनुशंसा की है। सामने आया है कि, इस तरह की जालसाजी को कैफे के अलावा वेबसाइट व यूट्यूब के जरिए ऑनलाइन चलाया जा रहा है।

कर्नाटक सीईओ (मुख्य निर्वाचन अधिकारी) के मुताबिक, उपायुक्त व पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि कर्नाटक में वेल्लारी के एक कैफे में फर्जी वोटर आईडी बनाए जा रहे थे। वहीं से यह बात भी सामने आई कि ऐसी जालसाजी को ऑनलाइन भी चलाया जा रहा है। यानी कोई भी फर्जी वोटर आईडी कार्ड बनवा सकता है। ऐसे में बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले यहां के अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने भी सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को इसकी जांच कराने और मामले में कार्रवाई का आदेश दिया है।












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