बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास सिर्फ 45 हजार, उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी 28 लाख के कर्जदार
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सरकार में उनके अन्य साथियों ने अपनी संपत्तियों का लेखा जोखा जारी किया है। इसमें बहुत ही चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
पटना। बिहार के मुखिया नीतीश कुमार के साथ-साथ सभी मंत्रियों ने अपनी चल अचल संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक कर दिया है। यह आंकड़ा वर्ष 2016 का है। जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास मात्र 42 हजार 566 रूपये नकद है। पिछले वर्ष के अपेक्षा इस वर्ष मुख्यमंत्री की संपत्ति में 2 हजार रूपये की बढ़ोतरी हुई है। तो उनके बेटे निशांत के पास मात्र 7,809 रूपय की नकद की जानकारी दी गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कुल 16,49,177.00 रुपए की चल संपत्ति का जिक्र किया है। जबकि अचल संपत्ति में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। साथ ही उन्होंने ब्योरे मे यह भी कहा कि उनके पास गाय और बछड़ा भी है।

वहीं बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर बैंक के 28 लाख रुपए के कर्ज है। उनकी ओर से जारी किए गए ब्योरे के मुताबिक पटना फुलवारी शरीफ और गोपालगंज में भी उन्हें उन्होंने भूखंड ले रखें हैं। तो बिहार के शिक्षा मंत्री व प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चौधरी की वार्षिक आय करीब 19लाख रुपए की है। साथ ही उनकी पत्नी नीता केसर चौधरी की आय भी 16 लाख से अधिक है। राज्य के वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्धीकी के पास बैंक में 26 लाख रुपए हैं। उनके पास मारुती और स्कूटर है। विद्युत मंत्री बिजेंद्र यादव के पास बैंक में 52 लाख रुपए और उनकी पत्नी के पास 30 हजार कैश है।
बात जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह की करें तो उन्होंने चल अचल संपत्ति का ऐलान कर कर कहा कि उनके हाथ में नगदी तो 50 हजार के करीब है पर बैंकों में करोड़ों से अधिक जमा है। बिहार के सभी मंत्रियों में सबसे गरीब मद्ध निषेध ,उत्पात एवं निबंधन मंत्री अब्दुल जलील मस्तान हैं । जिन्होंने आज तक अपनी कमाई से ना तो 1 इंच जमीन खरीदी है और ना ही उनके पास पटना में कोई जमीन या मकान है। मधेपुरा स्थित उनके गृह जिले में उनके पास जो भी जमीन है वह पुस्तैनी है। मस्तान ना तो स्वर्ण आभूषण का शौक रखते हैं और ना ही हथियार का। वाहन के नाम पर उनके पास एक स्कॉर्पियो है। मद्ध निषेध एवं निबंधन मंत्री ने अपनी संपत्ति की घोषणा कर बताया कि उनके पास नगदी के रूप में केवल 30 हजार रुपए हैं। ये भी पढे़ं: शिवपाल के हटते ही समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर लगा यह नया आदेश












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