Bihar Chunav: तेजस्वी यादव की बढ़ी टेंशन! महागठबंधन में 'फूट' पड़ते ही JMM ने RJD पर लगा दिया ये 'गंभीर आरोप'
Bihar Chunav: बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मी अब झारखंड की राजनीति तक पहुंच गई है, जहां सत्ताधारी गठबंधन में दरार पड़ती दिख रही है झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने कांग्रेस और RJD पर 'राजनीतिक धूर्तता' और 'धोखाधड़ी' का गंभीर आरोप लगाया है। JMM का कहना है कि बिहार में उन्हें कम से कम छह सीटें लड़ने का उचित अवसर नहीं मिला, जिसके लिए कांग्रेस और RJD की 'राजनीति' जिम्मेदार है।
इस घटना से JMM गठबंधन के भीतर खुद को असहज महसूस कर रही है और संकेत मिल रहे हैं कि झारखंड में सरकार में शामिल कांग्रेस और RJD कोटे के मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की जा सकती है। यह आरोप-प्रत्यारोप का दौर बिहार के साथ-साथ झारखंड की राजनीति में भी बड़े बदलाव के संकेत दे रहा है।

JMM का 'धोखे' का आरोप और सीटों की अनदेखी
Bihar Election: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस और राजद द्वारा धोखा दिया गया है। पार्टी का आरोप है कि उन्हें बिहार में कम से कम छह सीटों पर चुनाव लड़ने की उम्मीद थी, खासकर उन 28 आदिवासी-बहुल सीटों पर जहां उनके वोटर निर्णायक भूमिका निभा सकते थे। JMM नेताओं का कहना है कि 2020 की तरह इस बार भी उनके साथ अन्याय हुआ है। झारखंड के मंत्री शुदिव्य सोनू और JMM महासचिव विनोद पांडे ने पटना में तेजस्वी यादव से मिलकर इस मुद्दे पर चर्चा की, लेकिन उनका दावा है कि न कांग्रेस ने उनकी वकालत की और न राजद ने उन्हें समर्थन दिया। JMM इसे अपने साथ 'अन्याय' और 'विश्वासघात' मान रही है।
कांग्रेस और RJD पर चुप्पी साधने का आरोप
JMM ने कांग्रेस और RJD दोनों पर 'धोखे' में बराबर का भागीदार होने का आरोप लगाया है। शुदिव्य सोनू ने कहा कि जब JMM ने झारखंड में RJD को सम्मान देते हुए सात सीटें दी थीं और एक मंत्री पद भी दिया था, तो बिहार में JMM के साथ हुए अन्याय पर दोनों सहयोगी दल चुप क्यों रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और RJD ने JMM के साथ हुए इस 'अन्याय' को देखकर भी चुप्पी साधे रखी। JMM का यह रुख झारखंड में गठबंधन के भविष्य पर सवाल खड़े कर रहा है, क्योंकि पार्टी अब गठबंधन के भीतर असहज महसूस कर रही है और भविष्य में कांग्रेस व RJD के मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की तैयारी में है।
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कांग्रेस-RJD की सफाई और BJP का पलटवार
JMM के आरोपों के बाद कांग्रेस और RJD दोनों ने अपनी सफाई दी है। कांग्रेस मीडिया सेल के चेयरमैन सतीश पॉल मुंजिनी ने कहा कि बिहार में कांग्रेस की भूमिका निर्णायक नहीं थी और पार्टी को खुद 70 के बजाय 60 सीटें ही मिली थीं, बाकी छोटे दलों के लिए छोड़ी गईं। वहीं, RJD प्रवक्ता कैलाश यादव ने JMM मंत्री के बयान को 'आपत्तिजनक' और 'पीड़ादायक' बताया, साथ ही कहा कि राजनीति में 'एहसान' शब्द अनुचित है। उन्होंने हेमंत सोरेन को सम्मानित नेता बताया। दूसरी ओर, BJP प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने इस सियासी खींचतान पर निशाना साधते हुए कहा कि JMM ने अपनी 'झारखंडी अस्मिता' को बिहार में गिरवी रख दिया, जिसकी इतनी बेइज्जती हुई है कि शर्म आ जाए।
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झारखंड में गठबंधन के भविष्य पर सवाल
बिहार चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर JMM और उसके गठबंधन सहयोगियों कांग्रेस-RJD के बीच उपजा यह विवाद झारखंड की राजनीति में बड़े बदलावों का संकेत दे रहा है। चर्चा है कि JMM, कांग्रेस और RJD से नाखुश है, और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बीजेपी से बढ़ती नजदीकियां नए सियासी समीकरणों की ओर इशारा कर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा हाल के वर्षों में हेमंत परिवार के प्रति दिखाई गई व्यक्तिगत संवेदना और सहानुभूति ने भी इन राजनीतिक अटकलों को और तेज कर दिया है। बिहार चुनाव के बाद झारखंड में गठबंधन का भविष्य अधर में लटकता दिख रहा है।
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