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Bihar Chunav: PM मोदी ने बजा दिया चुनावी बिगुल! 2025 में किस ओर बढ़ेगा बिहार? संकेतों में 5 सियासी संदेश

Bihar Chunav 2025: बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को सियासी गलियारों में विधानसभा चुनाव के अभियान का आगाज माना जा रहा है। केंद्र की मोदी सरकार दिल्ली चुनावों से भी पहले से या यूं कहें कि लोकसभा चुनावों के बाद से ही बिहार के हिसाब से सियासी समीकरणों को साधने में जुटी हुई है।

सियासी संकेतों को संदेशों के तौर पर लें तो आज की तारीख में बिहार में मोटी तौर पर पांच बातें नजर आ रही हैं, जो इस साल सितंबर-अक्टूबर या नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों की दशा और दिशा तय करने वाले हैं। हमने पीएम मोदी के दौरे को लेकर बिहार के एक वरिष्ठ पत्रकार विजय झा से खास बात की है, जिनकी मानें तो "बिहार में नीतीश जरूरी हों या मजबूरी हों, लेकिन इतना तो तय है कि पीएम मोदी ने इस समीकरण को साध लिया है।"

bihar chunav 2025

Bihar Chunav 2025: पहला) बिहार में नीतीश कुमार ही NDA के फेस होंगे यह तय हो गया, कोई कंफ्यूजन नहीं

पीएम मोदी ने भागलपुर में सिर्फ नीतीश कुमार के साथ जिस तरह से खुली जीप में रोड शो किया है, उससे यह साफ हो गया है कि एनडीए का चेहरा वही होंगे। पीएम मोदी के साथ जीप में बीजेपी के नेता का नहीं होना, यह साफ करता है कि गठबंधन में किसी तरह के कंफ्यूजन की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है।

एक और बड़ी बात यह दिखी है कि जितनी देर भी नीतीश पीएम मोदी के साथ मौजूद रहे, चाहे जीप में हों या मंच पर दोनों के बीच की केमिस्ट्री भी गजब की थी। दोनों नेताओं में खुलकर बात हो रही थी, ठहाके भी लग रहे थे। इससे अभी भी नीतीश के लालू खेमे में जाने की अटकलें लगाने वालों को थोड़ी निराशा जरूर हुई होगी।

Bihar Politics: दूसरा) बिहार में नीतीश की लीडरशिप में एनडीए की एकजुटता का संदेश

मंच पर पीएम मोदी के साथ अगर बिहार के सीएम के तौर पर नीतीश कुमार थे तो दिल्ली में प्रधानमंत्री की कैबिनेट के सहयोगी चिराग पासवान और जीतन राम मांझी की उपस्थिति भी जनता को यही संदेश दे रही थी कि एनडीए पूरी तरह से एकजुट है।

पीएम मोदी बिहार आकर वही संदेश दोहरा गए कि अगर राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए का चेहरा वे खुद हैं तो बिहार में उन्हें नीतीश कुमार के नेतृत्व पर आज भी पूरा यकीन है। इस तरह से एक ही मंच से बिहार में जातीय समीकरण को भी साधा गया है, क्योंकि बिहार के ये तमाम क्षेत्रीय नेता किसी न किसी खास जाति समूह का भी प्रतिनिधित्व करते हैं।

Bihar Chunav 2025: तीसरा) ज्यादा से ज्यादा बजट और योजनाएं देकर बिहार के लिए पहले से ही पीएम मोदी दे रहे हैं संकेत

चाहे दरभंगा में एम्स का शिलान्यास हो या लगातार दो बार के केंद्रीय बजट में बिहार के लिए विकास वाली बड़ी से बड़ी योजनाएं, मोदी सरकार ने बिहार के लिए दिल खोल कर रख दिया है। ऊपर से इस बार बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जिस तरह से मधुबनी पेंटिंग (मिथिला पेंटिंग) वाली साड़ी पहनी थी, वह भी प्रतीकों के माध्यम से बड़ा संदेश देने की कोशिश है।

इसी तरह से एक दिन पहले ही मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिस तरह से धोती-कुर्ता पहनकर तालाब में मखाने (मखान) का पौधा लगाया है, खासकर मिथिलांचल क्षेत्र के लिए यह बहुत ही भावनात्मक संदेश है।

Bihar Politics: चौथा) विरोधी दलों को खुली चुनौती

बिहार की राजनीति में आज की तारीख में नीतीश कुमार सबसे बड़े चेहरा बने हुए हैं। यही वजह है कि रह-रहकर आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव का दिल भी अपने पुराने मित्र के लिए फड़फड़ाने लगता है। बाकी का काम मीडिया के कुछ मित्र करते रहते हैं, जिनकी ओर से नीतीश के फिर से पलटी मारने की अटकलें लगाई जाती हैं।

लेकिन, जिस तरह से प्रधानमंत्री ने इस बार के बिहार के दौरे में नीतीश कुमार को साधा है, वह बीजेपी और एनडीए के विरोधियों के लिए खुली चुनौती की तरह है, जैसे कि नीतीश अब सियासत के इस पड़ाव पर अपना अंतिम खूंटा गाड़ चुके हैं। जहां से वे अब हिलने-डुलने वाले नहीं लग रहे है।

Bihar Chunav 2025: पांचवां) कमजोर विपक्ष में पहले से ही ठनी हुई है रार

बिहार चुनाव को लेकर लोकसभा चुनावों के बाद से ही कांग्रेस और लालू-तेजस्वी यादव की आरजेडी में सीटों की हिस्सेदारी को लेकर रार ठनी हुई है। इसका असर यह हुआ है कि लालू ने टीएमसी सुप्रीमो और बंगाल की सीएम को इंडिया अलायंस की कमान सौंपने की वकालत कर दी थी।

यही वजह है कि कांग्रेस की बिहार चुनाव को लेकर अलग से भी प्लानिंग चलने की जानकारियां मिल रही हैं। चर्चा है कि राहुल गांधी यहां भी अलका लांबा, कन्हैया कुमार और इमरान प्रतापगढ़ी जैसे नेताओं को सक्रिय करना चाहते हैं। वैसे कांग्रेस के ये नेता ज्यादा सक्रिय होकर एनडीए के लिए सिरदर्दी बनेंगे या फिर लालू एंड टीम की परेशानी बढ़ाएंगे, यह देखना दिलचस्प होगा।

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