दूसरे चरण के चुनाव में जदयू की महिला ब्रिगेड का बड़ा इम्तिहान, किन 9 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर?
Bihar Chunav 2025: बिहार की सियासत में इस बार महिलाओं की दमदार मौजूदगी देखने को मिल रही है। विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में जनता दल यूनाइटेड (JDU) की 9 महिला उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है। इनमें दो ऐसी मंत्री भी शामिल हैं जिन्होंने अपने काम से जनता के बीच अलग पहचान बनाई है।
कुछ सीटों पर पुरानी नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर है तो कुछ नई चेहरों की किस्मत पहली बार आजमाई जा रही है। नीतीश कुमार की पार्टी ने इस चरण में महिलाओं पर भरोसा जताकर एक बार फिर यह संकेत दिया है कि जदयू अपने 'महिला सशक्तिकरण' वाले एजेंडे को गंभीरता से आगे बढ़ा रही है। अब देखना यह होगा कि जनता इन महिला नेताओं को कितना समर्थन देती है और कौन-सी चेहरें इस बार विधानसभा तक पहुंच पाती हैं।

दो महिला मंत्री मैदान में
दूसरे चरण के मतदान में जदयू की दो महिला मंत्रियों की किस्मत का फैसला होना है। इनमें पहला नाम लेशी सिंह (Leshi Singh) का है, जो पूर्णिया जिले के धमदाहा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार हैं। लेशी सिंह इस सीट से कई बार विधायक रह चुकी हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की भरोसेमंद नेताओं में गिनी जाती हैं। वह लगातार विकास के मुद्दे और महिला सशक्तिकरण को लेकर सक्रिय रही हैं।
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दूसरी मंत्री हैं शीला मंडल (Sheela Mandal), जो मधुबनी जिले के फुलपरास विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं। उन्होंने वर्ष 2020 के चुनाव में पहली बार जीत दर्ज की थी और अपनी सादगी तथा जनसंपर्क के दम पर मंत्री पद तक पहुंचीं। इस बार उनके सामने दोबारा अपनी पकड़ मजबूत रखने की चुनौती है।
तीन महिला विधायक अपनी सीट बचाने की कोशिश में
इस चरण में तीन जदयू महिला नेताओं के लिए मुकाबला और भी कठिन माना जा रहा है, क्योंकि उन्हें अपनी सीट को बरकरार रखना है। इनमें शालिनी मिश्रा (Shalini Mishra), मीना कामत (Meena Kamat) और मनोरमा देवी (Manorama Devi) शामिल हैं।
शालिनी मिश्रा केसरिया विधानसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार मैदान में हैं। वह युवाओं और महिलाओं के बीच अपनी छवि मजबूत करने में जुटी हैं। वहीं, मीना कामत बाबूबरही सीट से चुनाव लड़ रही हैं। यह उनका भी दूसरा प्रयास है। इस क्षेत्र में उनके परिवार का राजनीतिक प्रभाव पहले से रहा है।
मनोरमा देवी बेलागंज विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार हैं। यह सीट लंबे समय तक राजद के कब्जे में रही थी, लेकिन उपचुनाव में उन्होंने इस पर जीत हासिल कर जदयू का झंडा बुलंद किया था। अब उन्हें अपनी यह सीट बचाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है।
पहली बार चुनावी मैदान में दो नए चेहरे
जदयू ने इस बार दो नई महिला नेताओं को भी मौका दिया है जो पहली बार विधानसभा चुनाव में उतरी हैं। शिवहर से श्वेता गुप्ता (Shweta Gupta) और त्रिवेणीगंज (सुरक्षित) सीट से सोनम रानी सरदार (Sonam Rani Sardar) चुनाव मैदान में हैं। दोनों उम्मीदवारों के लिए यह चुनाव उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत मानी जा रही है। पार्टी को उम्मीद है कि युवा और ऊर्जावान चेहरों के रूप में ये नेता जनता से बेहतर जुड़ाव बना पाएंगी।
दल बदलकर मैदान में विभा देवी
नवादा विधानसभा क्षेत्र से इस बार विभा देवी (Vibha Devi) जदयू के टिकट पर मैदान में हैं। पिछली बार 2020 में उन्होंने राजद के टिकट पर जीत हासिल की थी। दिलचस्प बात यह है कि उनके पति राजवल्लभ यादव भी नवादा से विधायक रह चुके हैं। इस बार वह दल बदलकर जदयू में शामिल हुईं और अब पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश में हैं।
शगुफ्ता अजीम फिर आजमा रहीं किस्मत
अररिया सीट से जदयू ने एक बार फिर शगुफ्ता अजीम (Shagufta Ajim) पर भरोसा जताया है। वर्ष 2020 में वह इसी सीट से जदयू प्रत्याशी रही थीं, लेकिन तब हार का सामना करना पड़ा था। अब पार्टी ने उन्हें दोबारा मौका दिया है ताकि वे जनता के बीच अपनी छवि और कामकाज के दम पर वापसी कर सकें।
बिहार विधानसभा चुनाव के इस चरण में जदयू ने महिला उम्मीदवारों को मजबूत दावेदारी दी है। पार्टी का मानना है कि महिलाओं की भागीदारी से न सिर्फ राजनीतिक संतुलन कायम होगा, बल्कि मतदाताओं में सकारात्मक संदेश भी जाएगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इन नौ महिला नेताओं में से कौन अपनी सीट पर जीत दर्ज कर नीतीश कुमार की टीम में फिर जगह बना पाती हैं।












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