Bihar caste census: जाति जनगणना में अत्यंत पिछड़ा वर्ग की किस जाति की आबादी सबसे ज्यादा? जानिए
Bihar Jati Janganana Report: बिहार सरकार ने सोमवार को जो जाति जगनणना की रिपोर्ट जारी की है, उसमें अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) की कुल जनसंख्या 63% से भी ज्यादा बताई गई है। जबकि, अभी ओबीसी के लिए 27% ही आरक्षण की व्यवस्था है।
इस रिपोर्ट के मुताबिक राज्य की कुल मौजूदा जनसंख्या 13,07,25,310 है। इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की आबादी 3,54,63,936 (27%) है और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) की जनसंख्या 4,70,80,514 (36%) है।

बिहार में आबादी के हिसाब से टॉप 3 जातियां
इस तरह से बिहार में ओबीसी और ईबीसी जातियों के बीच जनसंख्या की एक स्पष्ट लकीर खींच दी गई है। इस सर्वे से एक बार फिर साफ हुआ है कि राज्य में सबसे अधिक आबादी यादवों की है, जो कि 14% से ज्यादा (1,86,50,119) है।
यादव में ग्वाला, अहीर, गोरा, घासी, मेहर, सदगोप, लक्ष्मी नारायण गोला उपजातियां शामिल हैं। फिर कोइरी या कुशवाहा दूसरे नंबर पर है, जिनकी जनसंख्या 4.2% (55,06,113)है; और तीसरे नंबर पर सामान्य जाति में से ब्राह्मण हैं, जिनकी आबादी 3.65% (47,81,280) बताई गई है।
ओबीसी में तीसरे नंबर पर कुर्मी और चौथे पर बनिया
वैसे अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) में यादव और कोइरी के बाद कुर्मी आबादी है, जो 2.87% (37,62,969) हैं। चौथे नंबर पर बनिया हैं, जिनकी जनसंख्या 2.31% (30,26,912) बताई गई है।
ईबीसी में तेली की आबादी सबसे अधिक
लेकिन, अगर हम अत्यंत पिछड़ा वर्ग या ईबीसी की बात करें तो इनमें तेली जाति की जनसंख्या सबसे अधिक है। यहां हम ईबीसी में शामिल जातियों में से कुछ की जनसंख्या का ब्योरा दे रहे हैं:-
तेली- 2.81% (36,77,491)
धानुक- 2.13% (27,96,605)
मल्लाह- 2.6% (34,10,093)
नाई- 1.59% (20,82,048)
चंद्रवंशी (कहार)- 1.64% (21,55,644)
नोनिया- 1.91% (24,9,847)
प्रजापति (कुम्हार)- 1.40% (18,34,418)
बढ़ई- 1.45% (18,95,672)
बिन्द- 0.98% (12,85,358)
केवट- 0.71% (9,37,861)
अनुसूचित जाति की आबादी करीब 2.6 करोड़ और अनुसूचित जनजाति की 22 लाख
इस रिपोर्ट के अनुसार बिहार में अनुसूचित जातियों की जनसंख्या करीब 2.6 करोड़ है। वहीं अनुसूचित जनजाति की आबादी 16% या 22 लाख के करीब है। अनुसूचित जातियों की विभिन्न जातियों की जनसंख्या इस प्रकार से है-
मोची/रविदास/चर्मकार- 5.25% (68,69,664)
दुसाध/धारी/धरही- 5.31% (69,43,000)
मुसहर- 3.08% (40,35,787)
पासी- 0.98% (12,88,031)
मेहतर- 0.19% (25,5,582)
सामान्य जातियों की जनसंख्या
वहीं सामान्य जातियों में ब्राह्मणों की 3.65% (47,81,280) जनसंख्या के बाद 3.45% राजपूत (45,10,733), 2.87% भूमिहार (37,50,886) और 0.60% कायस्थ (7,85,771) हैं।
बिहार में अब जाति जनगणना की रिपोर्ट प्रकाशित होते ही आरक्षण पर नए सिरे से राजनीति शुरू हो गई है और जातियों की जनसंख्या के आधार पर सरकारी नौकरियों में रिजर्वेशन की मांग की जाने लगा है। जाहिर है कि इस सर्वेक्षण का राजनीतिक लक्ष्य अगला चुनाव ही है, जिसमें यह बहुत बड़ा मुद्दा बन सकता है।












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