Bihar Cabinet: सम्राट कैबिनेट का बड़ा धमाका, AI मिशन को मंजूरी, 400 इलेक्ट्रिक बसों से चकाचक होंगे शहर
Bihar Cabinet: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और तकनीकी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए कई क्रांतिकारी निर्णयों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में कुल 20 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जो सीधे तौर पर आम जनता की सहूलियत और प्रशासनिक दक्षता से जुड़े हैं।
सरकार का मुख्य विजन 'डिजिटल बिहार' की संकल्पना को साकार करना है, जिसमें तकनीक के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। इन फैसलों में सबसे खास 'बिहार एआई मिशन' की शुरुआत और शहरी परिवहन को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सैकड़ों इलेक्ट्रिक बसों की खरीद है। इसके अलावा, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सम्मान देते हुए सीतामढ़ी मेडिकल कॉलेज के नामकरण में भी बदलाव किया गया है।

बिहार एआई मिशन की शुरुआत (Bihar AI Mission)
राज्य में गवर्नेंस को स्मार्ट बनाने के लिए सरकार ने 'बिहार एआई मिशन' को हरी झंडी दे दी है। इस पहल के तहत सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। इस तकनीक का लाभ मुख्य रूप से कृषि, स्वास्थ्य सेवा, वित्त और प्रशासनिक कार्यों में लिया जाएगा। एआई के समावेश से अब सरकारी निर्णय डेटा और सटीक विश्लेषण पर आधारित होंगे, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और फाइलों का निपटारा तेजी से होगा।
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मां सीता के नाम पर होगा सीतामढ़ी मेडिकल कॉलेज
स्थानीय जनभावनाओं और सांस्कृतिक गौरव को प्राथमिकता देते हुए कैबिनेट ने सीतामढ़ी में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के नाम बदलने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। अब इसे 'मां सीता चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल' के नाम से जाना जाएगा। चूंकि सीतामढ़ी को मां सीता की पावन प्राकट्य स्थली माना जाता है, इसलिए यह निर्णय क्षेत्र की धार्मिक पहचान को वैश्विक पटल पर मजबूती देगा।
प्रदूषण मुक्त सफर, चलेंगी 400 इलेक्ट्रिक बसें
बिहार के प्रमुख शहरों में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए 400 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाने का निर्णय लिया गया है। इस योजना का विवरण निम्नलिखित है:
- पटना: 150 बसें।
- मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, दरभंगा और पूर्णिया: प्रत्येक शहर को 50-50 बसें मिलेंगी।
- बजट: इस पूरी योजना पर 517 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा।
- अवधि: यह प्रोजेक्ट अगले 12 वर्षों तक प्रभावी रहेगा, जिससे न केवल यातायात सुलभ होगा बल्कि शहरों में कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा।
नगर निकाय चुनाव 2026, अब घर बैठे ई-वोटिंग
लोकतंत्र में भागीदारी बढ़ाने के लिए बिहार सरकार नगर निकाय चुनाव 2026 में ई-वोटिंग (e-voting) की सुविधा शुरू करने जा रही है। यह कदम विशेष रूप से उन लोगों के लिए वरदान साबित होगा जो बुजुर्ग हैं, दिव्यांग हैं या रोजगार के कारण शहर से बाहर रहते हैं। इस तकनीकी व्यवस्था को लागू करने की जिम्मेदारी एक विशेषज्ञ संस्था को सौंपी गई है, जिस पर लगभग 31 लाख रुपये का खर्च आएगा। इससे मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
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