तीसरे चरण की 78 में 23 सीटों पर राजद- जदयू के बीच कांटे का मुकाबला
दो चरण के चुनाव के बाद अब सबकी निगाहें तीसरे और आखिरी चरण पर टिक गयी हैं। 7 नवम्बर को 15 जिलों की 78 सीटों पर कुल 1204 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होना है। राजद 46 सीटों पर चुनाव मैदान में है जिसमें से 20 उसकी जीती हुई सीटें हैं। तीसरे चरण में सबसे अधिक 23 सीटों पर राजद और जदयू के बीच मुकाबला है। जदयू का कुल 25 सीटों पर कब्जा है और उसके 37 उम्मीदवार मैदान में हैं। राजद और भाजपा के बीच 20 सीटों पर सीधा मुकाबला है। भाजपा के 35 उम्मीदवार मैदान में हैं। राजद का तीन सीटों पर वीआइपी से मुकाबला है। कांग्रेस की 11 जीती हुई सीटें हैं और उसके 26 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। तीसरे चरण में नीतीश सरकार के कुल 12 मंत्री मैदान में हैं। इनमें जदयू के 8 और भाजपा 4 मंत्री शामिल हैं। तीसरे चरण में पप्पू यादव के गठबंधन, पीडीए के 49 उम्मीदवार मैदान में हैं। इन 49 में से 23 भीम आर्मी के और 15 एसडीपीआइ के प्रत्याशी शामिल हैं। उपेन्द्र कुशवाहा के गठबंधन में शामिल ओवैसी की पार्टी के 19 उम्मीदवार इस चुनाव में किस्मत आजमा रहे हैं।

जदयू के 8 मंत्री मैदान में
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तीसरे फेज में नीतीश सरकार के 8 मंत्री जदयू उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। जदयू वरिष्ठ नेता और ऊर्जा मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव सुपौल से मैदान में हैं। वे इस सीट पर सात बार चुनाव जीत चुके हैं। इस बार विजेन्द्र प्रसाद यादव को चुनौती दे रहे हैं कांग्रेस के मिनतुल्ला रहमानी। मधेपुरा के आलमनगर से चुनाव लड़ रहे मंत्री नरेन्द्र कुमार यादव भी जदयू के वरिष्ठ नेता हैं और 25 साल से विधायक हैं। उनका मुकाबला राजद के इंजीनियर नवीन कुमार से है। यहां से राजद की पूर्व नेत्री सुनीला देवी लोजपा के टिकट से चुनाव लड़ रही है। पप्पू यादव की पार्टी से अमरेन्द्र प्रताप चुनौती पेश कर रहे हैं। इसलिए बार आलमनगर में कांटे का मुकाबला दिख रहा है। मंत्री रमेश ऋषिदेव को सिंह्श्वर स्थान में चुनौती दे रहे हैं कांग्रेस के अशोक कुमार। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री फिरोज आलम पश्चिम चम्पारण के सिकटा से मैदान में हैं जहां उनका मुकाबला भाकपा माले के विरेन्द्र प्रसाद गुप्ता से चल रहा है। पूर्व विधायक और भाजपा के बागी दिलीप वर्मा निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं। राजद के बागी विनय यादव भी चुनौती पेश कर रहे हैं। इस सीट पर भी कांटे की टक्कर चल रही है। खाद्य आपूर्ति मंत्री मदन सहनी दरभंगा के बहादुरपुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं जहां उनका मुकाबला राजद के रमेश चौधरी से है। मधुबनी के लौकहा में आपदा मंत्री लक्ष्मीश्वेर राय को चुनौती दे रहे हैं राजद के भारत भूषण मंडल। पूर्णिया के रुपौली में गन्ना विकास मंत्री बीमा भारती को चुनौती दे रहे हैं भाकपा माले के विकास चंद्र मंडल। समस्तीपुर के कल्याणपुर सीट पर योजना विकास मंत्री महेश्वर हजारी का मुकाबला है भाकपा माले रंजीत राम से। जदयू के वरिष्ठ नेता और बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी समस्तीपुर के सरायरंजन से चुनौती पेश कर रहे हैं जहां उनका मुकाबला राजद के अरविंद कुमार सहनी से है।

राजद के प्रमुख उम्मीदवार
पूर्व मंत्री और राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी दरभंगा के केवटी से चुनाव मैदान में हैं। उनकी लड़ाई भाजपा के मुरारी मोहन झा से है। राजद के वरिष्ठ नेता रमई राम बोचहा से 9 बार विधायक चुने गये थे लेकिन 2015 में वे निर्दलीय और भाजपा की बागी बेबी कुमारी से हार गये थे। 2020 में रमई राम को बोचहा में टक्कर दे रहे हैं वीआइपी के मुसाफिर पासवान। लालू यादव के सबसे भरोसेमंद नेता माने जाने वाले भोला यादव हायाघाट से मैदान में हैं जिनको चुनौती दे रहे हैं भाजपा के रामचंद्र साह। राजद ने इस बार एक पूर्व नियोजित शिक्षक को भी मैदान में उतारा है। अविनाश ऋषिदेव नियोजित शिक्षक के पद से इस्तीफा देकर राजद के टिकट पर अररिया के रानीगंज से चुनाव लड़ रहे हैं जहां उनका मुकाबला जदयू के विधायक अचमित ऋषिदेव से है। गौतम कृष्ण प्रखंड विकास पदाधिकारी के पद से इस्तीफा दे कर राजद के टिकट पर सहरसा के महिषी से चुनाव लड़ रहे हैं। राजद ने अपने मौजूदा विधायक अब्दुल गफूर का टिकट काट कर गौतम को उम्मीदवार बनाया है। गौतम की लड़ाई जदयू के गुंजेश्वर साह से है। पूर्व आइआरएस अधिकारी की पत्नी और सीतामढ़ी के राज सिंहवाहिनी पंचायत की मुखिया रितु जायसवाल परिहार विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रही हैं जहां उनकी लड़ाई भाजपा की विधायक गायत्री देवी से है।

भाजपा के प्रमुख उम्मीदवार
नीतीश सरकार में शामिल भाजपा के चार मंत्रियों के भाग्य का फैसला भी तीसरे चरण में ही होना है। मोतिहारी में कला- संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार का मुकाबला है राजद के ओमप्रकाश चौधरी से। मुजफ्फरपुर से चुनाव लड़ रहे नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा को चुनौती दे रहे हैं कांग्रेस के विजेन्द्र चौधरी। मधुबनी जिले के बेनीपट्टी में पीएचइडी मंत्री विनोद नारायण झा को चुनौती दे रही हैं कांग्रेस की विधायक भवना झा। 2015 के चुनाव में विनोद नारायण, भावना झा से हार गये थे। पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि पूर्णिया के बनमनखी से चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला राजद के उपेन्द्र ततमा से है। पिछले चुनाव में भाजपा को इन 78 सीटों में से 19 सीटें मिलीं थीं। कुल 35 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें 8 प्रत्याशी पहली बार चुनावी किस्मत आजमा रहे हैं।

कांग्रेस की चुनौती
तीसरे चरण का चुनाव कांग्रेस के लिए भी बहुत अहम है इसलिए राहुल गांधी ने भी पूरा जोर लगाया है। चुनाव प्रचार के आखिरी दिन तक राहुल गांधी ने मोर्चा संभाले रखा। तीसरे चरण में कांग्रेस के 26 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें से 11 जीती हुई सीटें हैं। 2015 में कांग्रेस की जीती हुई सीटें हैं- किशनगंज, बहादुरगंज, अररिया, अमौर, कसबा, मनिहारी, कोढ़ा, नरकटियागंज, रीगा, बेनीपट्टी और कदवा। कांग्रेस ने 2015 में किसनगंज सीट जीती थी लेकिन कांग्रेस विधायक डॉ. जावेद के सांसद बन जाने से जब उपचुनाव हुआ तो इस सीट पर ओवैसी की पार्टी को जीत मिल गयी। कांग्रेस की अपनी पांच जीती हुई सीटों पर भाजपा से मुकाबला है। एक-एक विनिंग सीट पर हम और वीआइपी से मुकाबला है। चार सीटों पर जदयू से मुकाबला है। जिन्ना को लेकर विवादों में आये अलीगढ़ मस्लिम विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी दरभंगा के जाले सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला भाजपा के जीवेश कुमार से है। शरद यादव की पुत्री सुभासिनी राव बिहारीगंज से चुनाव लड़ रही हैं जहां उनका मुकाबला जदयू के निरंजन कुमार मेहता से है। राहुल गांधी ने सुभासिनी के पक्ष में चुनावी सभा की है।












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