Bihar Election 2025: AIMIM तीसरे मोर्चे के रूप में करेगी एंट्री, इन सीटों पर बिगाड़ेगी NDA-महागठबंधन का खेल
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने बड़ा दांव खेला है। पार्टी ने राज्य के 16 जिलों की 32 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है। ओवैसी के इस दांव का सभी को इंतजार भी था कि वो अकेले मैदान में उतरेंगे या किसी का हांथ थामेंगे।
यह घोषणा 11 अक्टूबर शनिवार देर शाक को किशनगंज में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान और राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हुसैन ने की।

सीमांचल पर AIMIM की खास नजर
अख्तरुल ईमान ने बताया कि पार्टी इस बार सीमांचल और आसपास के जिलों में पूरी ताकत के साथ उतर रही है। किशनगंज जिले की 4 सीटों - किशनगंज, कोचाधामन, बहादुरगंज और ठाकुरगंज - पर AIMIM चुनाव लड़ेगी।
पूर्णिया की 3 सीटों - अमौर, बायसी और कस्बा - और कटिहार की 5 सीटों - बलरामपुर, प्राणपुर, मनिहारी, बरारी और कदवा - पर भी AIMIM अपने उम्मीदवार उतारेगी।
अररिया, गया, दरभंगा समेत अन्य जिलों में भी मैदान में उतरेगी AIMIM
इसके अलावा पार्टी ने अररिया की 2 सीटों (जोकीहाट, अररिया), गया की 2 सीटों (शेरघाटी, बेलागंज), पूर्वी चंपारण की 2 सीटों (ढाका, नरकटिया) और दरभंगा की 4 सीटों (जाले, दरभंगा ग्रामीण, केवटी, गौरा बौराम) पर भी प्रत्याशी उतारने की घोषणा की है।
AIMIM नवादा, जमुई (सिकंदरा), भागलपुर (नाथनगर, भागलपुर), सिवान, समस्तीपुर (कल्याणपुर), सीतामढ़ी (बाजपट्टी), मधुबनी (बिस्फी), वैशाली (महुआ) और गोपालगंज की एक-एक सीट पर भी चुनाव लड़ेगी।
तीसरे मोर्चे के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला
अख्तरुल ईमान ने बताया कि AIMIM ने पहले राजद (RJD) को सेकुलर वोटों के बिखराव को रोकने के लिए गठबंधन का प्रस्ताव दिया था, लेकिन राजद की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्होंने कहा, "हमने कोशिश की थी कि बिहार में सेकुलर वोट बंटे नहीं, लेकिन जब राजद ने जवाब नहीं दिया, तो हमने तीसरे मोर्चे के रूप में चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।"
पार्टी ने यह भी कहा कि वह जल्द ही सभी 32 सीटों पर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा करेगी।
महिलाओं को मिलेगा सम्मानजनक प्रतिनिधित्व
अख्तरुल ईमान ने बताया कि AIMIM इस बार महिला प्रतिनिधित्व को भी प्राथमिकता देगी। उन्होंने कहा, "हम एक पुरुष प्रधान समाज में हैं, लेकिन हमारी पार्टी महिलाओं को बराबरी का दर्जा देना चाहती है। कई सीटों पर महिला उम्मीदवारों को मौका दिया जाएगा।"
AIMIM नेता ने स्पष्ट किया कि पार्टी का मुख्य एजेंडा सामाजिक न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार होगा। उन्होंने कहा कि बिहार के पिछड़े और वंचित वर्गों की आवाज़ को विधानसभा में बुलंद करना AIMIM का लक्ष्य है। ईमान ने कहा, "बिहार में अब जनता बदलाव चाहती है। AIMIM बिहार की राजनीति में एक नई ताकत बनकर उभरेगी।"
सीमांचल में सियासी हलचल तेज
AIMIM के इस ऐलान से बिहार के सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। विशेषकर सीमांचल के मुस्लिम बहुल इलाकों में पार्टी का प्रभाव कई दलों के समीकरण बदल सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि AIMIM का स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का फैसला राजद, कांग्रेस और महागठबंधन के लिए सिरदर्द साबित हो सकता है।












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