Bihar Hooch Tragedy: छपरा के बाद सीवान में भी जहरीली शराब पीने से 5 की मौत
बिहार शराब कांड: छपरा के बाद सीवान के भगवानपुर के गांवों में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से 5 लोगों की मौत हो गई है। आक्रोशित भीड़ शव के साथ छपरा-मलमलिया मार्ग को जाम कर विरोध प्रदर्शन कर रही है।

Bihar Hooch Tragedy Death: बिहार में छपरा (Chapra) के बाद अब सीवान (Siwan) के भगवानपुर थाना के इलाके में गांवों में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से 5 लोगों की मौत हो गई है। शराबबंदी वाले बिहार में सीवान में हुई 5 मौतों को लेकर गुस्से में हैं। आक्रोशित भीड़ शव के साथ छपरा-मलमलिया मार्ग को जाम कर विरोध प्रदर्शन कर रही है। प्रशासन ने मामले का संज्ञान और जांच में लगी हैं। अब तक बिहार में जहरीली शराब पीने से 55 लोगों की मौत हुई है। इससे पहले बिहार के छपरा में जहरीली शराब पीने से 50 लोगों की मौत हुई है। जिसमें से सारण जिले के 11 लोग शामिल हैं। बिहार सरकार ने इस मामले में जांच के लिए का गठन किया है और इसमें 31 पुलिसकर्मी हैं।
जहां दर्जनों लोनों ने अपनी जान गंवाई वहीं कई लोग अस्पताल में मौत से जंग लड़ रहे हैं। सारण में मरहौरा अनुविभागीय पुलिस अधिकारी, योगेंद्र कुमार की सिफारिश पर मसरख स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) रितेश मिश्रा और कांस्टेबल विकेश तिवारी को मंगलवार की रात त्रासदी के तुरंत बाद निलंबित कर दिया गया था।
अधिकांश मौतें बुधवार और गुरुवार को हुई हैं। बिहार में अप्रैल 2016 से नीतीश कुमार सरकार द्वारा शराब की बिक्री और खपत पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसे में 50 से अधिक लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत की वजह से राज्य और राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर विवाद हो रहा है।
भाजपा ने गुरुवार को राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए राज्य के भारतीय जनता पार्टी के सांसदों के साथ उन पर भारी पड़ गए। छपरा जहरीली शराब कांड के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को मीडिया से कहा कि "अगर कोई शराब का पीएगा, तो वह मरेगा"। नीतीश कुमार का ये बयान पीड़ित परिवारों के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए अच्छा नहीं रहा है।











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