Bhore Assembly Election 2025 Voting Live: भोरे सीट पर मतदान तेजी से जारी, अब तक कितने फीसदी वोटिंग
Bhore Assembly Election 2025 Voting Live: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में गोपालगंज जिले की भोरे विधानसभा सीट (संख्या 102) इस बार सुर्खियों में है। अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित यह सीट सामाजिक बदलाव की नई कहानी लिख रही है। नीतीश सरकार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार (JDU) अपनी परंपरागत पकड़ बनाए रखने में जुटे हैं, वहीं उन्हें CPI(ML)(L) के धनंजय से कड़ी टक्कर मिल रही है।
लेकिन सबसे बड़ी चर्चा में हैं जन सुराज पार्टी की उम्मीदवार प्रीति किन्नर, जिन्होंने इस सीट को पूरे बिहार में चर्चा का केंद्र बना दिया है। भोरे सीट पर शाम 5 बजे तक 61.05 फीसदी वोटिंग हुई।

कौन-कौन हैं चुनावी मैदान में?
- भोरे विधानसभा क्षेत्र में इस बार का मुकाबला बहुकोणीय और बेहद दिलचस्प हो गया है। मुख्य रूप से तीन बड़े दावेदार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
- सुनील कुमार (JDU): नीतीश कैबिनेट में शिक्षा मंत्री और वर्तमान विधायक सुनील कुमार NDA गठबंधन से मैदान में हैं। वे अपनी मौजूदा सीट बचाने और सरकार की उपलब्धियों के सहारे मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं।
- धनंजय (CPI(ML)(L) - महागठबंधन): पिछले चुनाव में बेहद कड़ा मुकाबला देने वाले CPI(ML)(L) के धनंजय इस बार महागठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर एक मजबूत चुनौती पेश कर रहे हैं। उनकी वामपंथी पृष्ठभूमि और जमीनी पकड़ उन्हें एक गंभीर दावेदार बनाती है।
- प्रीति किन्नर (जन सुराज): जन सुराज पार्टी से प्रीति किन्नर की एंट्री ने इस सीट पर समीकरणों को बदल दिया है। बिहार में यह पहली बार है जब किन्नर समुदाय के किसी प्रत्याशी को टिकट मिला है, जो समावेशी राजनीति का एक नया अध्याय लिख रहा है।
इन प्रमुख उम्मीदवारों के अलावा, निर्दलीय प्रत्याशी भी मुकाबले को रोचक बना सकते हैं।
वोटिंग तेजी से जारी
भोरे विधानसभा क्षेत्र में वोटिंग लगातार तेज़ी पकड़ रही है। दोपहर तीन बजे तक 56.03% मतदान दर्ज हुआ और मतदाता उत्साहपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। तीनों प्रमुख प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर से माहौल बेहद रोमांचक है। जन सुराज की प्रीति किन्नर की मौजूदगी ने चुनाव को ऐतिहासिक बना दिया है। ग्रामीण इलाकों में लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं, जबकि सुरक्षा बल मतदान केंद्रों पर मुस्तैदी से डटे हैं।
भोरे का ऐतिहासिक चुनावी परिणाम 2020 (Bohre's Election Result 2020)
भोरे विधानसभा क्षेत्र का 2020 का चुनावी परिणाम बिहार के सबसे करीबी मुकाबलों में से एक था, जो इस सीट की प्रतिस्पर्धी प्रकृति को दर्शाता है।
- विजेता: सुनील कुमार (JDU)
- प्राप्त वोट: 63,485
- उपविजेता: जितेंद्र पासवान (CPI(ML)(L))
- प्राप्त वोट: 63,032
- जीत का अंतर: मात्र 453 वोट
यह बेहद मामूली जीत का अंतर दर्शाता है कि यहां के मतदाता हर उम्मीदवार के प्रदर्शन का बारीकी से आकलन करते हैं। 2025 में भी यही करीबी मुकाबला देखने को मिल सकता है, खासकर नए चेहरों की एंट्री और बदलते समीकरणों के कारण। पिछले परिणाम यह भी संकेत देते हैं कि वामपंथी दल यहां एक मजबूत ताकत हैं।
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भोरे: एक अनुसूचित जाति (SC) आरक्षित सीट
भोरे विधानसभा क्षेत्र (निर्वाचन क्षेत्र संख्या 102) गोपालगंज जिले का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और यह अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है। 2008 के परिसीमन के बाद इस सीट को आरक्षित श्रेणी में रखा गया, जिससे यहां की चुनावी रणनीतियां और भी विशेष हो गई हैं। इस आरक्षण का मतलब है कि केवल अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित उम्मीदवार ही चुनाव लड़ सकते हैं। यह तथ्य यहां के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को गहराई से प्रभावित करता है, क्योंकि सभी प्रमुख दल एससी समुदाय के मतदाताओं को साधने पर विशेष ध्यान देते हैं। विकास के मुद्दों के साथ-साथ, जातिगत पहचान और सामाजिक न्याय के पहलू भी यहां चुनाव परिणामों पर महत्वपूर्ण असर डालते हैं।
जनसांख्यिकी और विकास के प्रमुख मुद्दे
भोरे एक ग्रामीण पृष्ठभूमि वाला क्षेत्र है, जहां की अधिकांश आबादी कृषि पर निर्भर है। यहां के मतदाताओं के लिए विकास के बुनियादी मुद्दे हमेशा से ही सर्वोपरि रहे हैं।
- रोजगार और पलायन: क्षेत्र में उद्योगों की कमी के कारण युवाओं का बड़े शहरों की ओर पलायन एक गंभीर मुद्दा है।
- शिक्षा और स्वास्थ्य: अच्छे स्कूलों, कॉलेजों और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव यहां के लोगों की प्रमुख चिंताएं हैं।
- कृषि संकट: किसानों को सिंचाई के साधन, खाद-बीज की उपलब्धता और अपनी उपज का सही मूल्य न मिल पाने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
- बुनियादी ढांचा: स्वच्छ पेयजल, नियमित बिजली आपूर्ति और सुगम संपर्क मार्ग अभी भी कई गांवों के लिए एक चुनौती है।
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