IAS ऑफिसर्स को विदेश ट्रिप पर भेजने वाले ठेकेदार रिशु के घर SVU-EOU की रेड, 2Cr की ज्वेलरी-2.5 लाख कैश बरामद

Bihar Corruption Crackdown: बिहार में सरकारी टेंडरों और अफसरों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई हुई है। विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बुधवार को पटना में ठेकेदार रिशु श्री के ठिकानों पर लंबी छापेमारी की। करीब 11 घंटे तक चली इस कार्रवाई में जांच एजेंसियों को करोड़ों की ज्वेलरी, नकदी और कई अहम दस्तावेज मिले हैं। रिशु श्री पहले से ही मनी लॉन्ड्रिंग और सरकारी टेंडरों में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर जांच के दायरे में हैं।

जांच एजेंसियों का दावा है कि सरकारी ठेके हासिल करने के लिए बड़े अधिकारियों तक पहुंच बनाई गई और विदेश यात्राओं से लेकर निजी खर्च तक उठाए गए। दूसरी ओर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने दरभंगा के एक बीडीओ के यहां भी एक साथ कई ठिकानों पर रेड कर करोड़ों की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और बैंक खातों की जानकारी जुटाई है।

Bihar Corruption Crackdown

पटना में रिशु श्री के फ्लैट पर 11 घंटे तक जांच

विशेष निगरानी इकाई की टीम ने सुबह करीब 8 बजे पटना के मीठापुर स्थित कांताराम सखी एंक्लेव के फ्लैट नंबर 5A में दबिश दी। आठ सदस्यीय टीम ने पूरे फ्लैट की बारीकी से तलाशी ली। कार्रवाई देर शाम तक चलती रही। SVU के एडीजी पंकज दराद ने बताया कि छापेमारी के दौरान करीब 2 करोड़ रुपए की ज्वेलरी और लगभग ढाई लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं। जांच टीम ने कई दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी अपने कब्जे में लिए हैं।

ये भी पढ़ें: 'पटना के होटलों में चल रहा गलत धंधा', पप्पू यादव ने लगाए गंभीर आरोप, ड्रग्स को लेकर किया बड़ा दावा!

पहले भी ED कर चुकी है कार्रवाई

रिशु श्री के खिलाफ इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी बड़ी कार्रवाई कर चुका है। नवंबर महीने में ED ने उनके अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान 51 लाख रुपए कैश, करीब 2 करोड़ की ज्वेलरी और 61 जमीनों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए थे।

ED की जांच में यह भी सामने आया था कि कई सरकारी टेंडरों में गड़बड़ी कर अपनी कंपनी को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई। जांच एजेंसियों को शक है कि टेंडर हासिल करने के लिए अधिकारियों को अलग-अलग तरह से लाभ पहुंचाया गया।

IAS अधिकारियों को विदेश भेजने का आरोप

करीब छह महीने पहले ED की रिपोर्ट में रिशु श्री पर दो IAS अधिकारियों और उनके परिवारों की विदेश यात्रा का खर्च उठाने का आरोप लगाया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक 2017 बैच के IAS योगेश कुमार सागर और 2014 बैच की IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा के परिवारों को यूरोप और ऑस्ट्रेलिया की यात्रा कराई गई थी।

जांच एजेंसियों का दावा है कि इन यात्राओं में टिकट, होटल और दूसरे खर्च रिशु श्री की ओर से मैनेज किए गए थे। आरोप यह भी है कि सरकारी टेंडर दिलाने के बदले यह सुविधाएं दी गईं।

बागवानी का खर्च भी उठाने का दावा

जांच के दौरान एक और मामला सामने आया जिसमें IAS अभिलाषा शर्मा के घर की छत पर कराई गई बागवानी का खर्च भी रिशु श्री द्वारा उठाए जाने की बात कही गई। रिपोर्ट के अनुसार इस काम पर करीब 9 लाख रुपए खर्च हुए थे। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन पैसों का स्रोत क्या था और क्या सरकारी कामों के बदले निजी लाभ पहुंचाए गए।

निगरानी विभाग को भेजा गया मामला

SVU के एडीजी पंकज दराद ने पहले पुष्टि की थी कि ED की ओर से भेजी गई रिपोर्ट निगरानी विभाग को सौंप दी गई है। उन्होंने बताया था कि मामला अपर मुख्य सचिव (निगरानी) के पास भेजा गया है और मंजूरी मिलने के बाद दोनों IAS अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की जा सकती है। जांच एजेंसियां अब टेंडर प्रक्रिया, बैंक लेनदेन और डिजिटल रिकॉर्ड की गहराई से जांच कर रही हैं।

मनी लॉन्ड्रिंग केस में भी जांच जारी

रिशु श्री के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 के तहत पहले से जांच चल रही है। 25 नवंबर को ED ने अहमदाबाद, सूरत, गुरुग्राम और दिल्ली समेत देशभर में उनके नौ ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस कार्रवाई के दौरान 33 लाख रुपए नकद, कई अहम दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे। एजेंसियों को यह भी शक है कि अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को कमीशन देकर ठेके हासिल किए गए।

दरभंगा में BDO के यहां भी रेड

इधर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने दरभंगा जिले के केवटी ब्लॉक के बीडीओ चंद्र मोहन पासवान के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की। टीम ने एक साथ छह ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें केवटी प्रखंड मुख्यालय स्थित सरकारी कार्यालय और आवास के अलावा मधुबनी जिले के बाबूबरही स्थित पैतृक घर, सीतामढ़ी के एक ठिकाने और दरभंगा के बहादुरपुर थाना क्षेत्र में स्थित निजी मकान शामिल थे।

बैंक खाते और संपत्ति के कागजात मिले

EOU की जांच के दौरान 10 बैंक खाते, 8 एलआईसी पॉलिसी, बोलेरो और मारुति गाड़ी के दस्तावेज तथा ज्वेलरी बरामद की गई। अधिकारियों के मुताबिक एलआईसी पॉलिसियों का सालाना प्रीमियम करीब 2 लाख रुपए है। जांच टीम को निवेश से जुड़े कई कागजात भी मिले हैं। इसके अलावा पैतृक गांव में एक व्यवसायिक मकान, बहादुरपुर में एक आवासीय और एक व्यवसायिक मकान तथा बाबूबरही में एक आवासीय मकान के दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।

10 लाख रुपए वाले खाते किए फ्रीज

EOU ने बताया कि बीडीओ चंद्र मोहन पासवान के अलग-अलग बैंक खातों में करीब 10 लाख रुपए जमा मिले हैं। फिलहाल इन खातों को फ्रीज कर दिया गया है। जांच एजेंसी अब यह पता लगा रही है कि संपत्ति और निवेश के लिए इस्तेमाल किए गए पैसों का स्रोत क्या था और आय के मुकाबले कितनी अधिक संपत्ति बनाई गई।

आय से ज्यादा संपत्ति का आरोप

बिहार पुलिस मुख्यालय की आर्थिक अपराध इकाई की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बीडीओ चंद्र मोहन पासवान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिली थी। सत्यापन के दौरान प्रारंभिक जांच में 89 लाख 13 हजार 500 रुपए की अवैध संपत्ति के सबूत मिले।

जांच एजेंसी का कहना है कि यह रकम उनकी ज्ञात आय से करीब 81.03 प्रतिशत ज्यादा है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

ये भी पढ़ें: Kerala ED Raid: 'राहुल गांधी भी पूछते थे मेरे घर रेड क्यों नहीं' ED रेड के बाद जमकर गरजे पिनराई विजयन

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+