3 महीने तक ली ट्रेनिंग, हुनर को नहीं मिली पहचान, इंटर पास छात्र बेचने लगा बांसुरी, खूब हो रही सराहना
Bhagalpur News: बिहार के युवा प्रशासनिक स्तर से लेकर बॉलीवुड तक में अपनी छाप छोड़ चुके हैं। प्रदेश के युवा विभिन्न क्षेत्रों में नाम रोशन कर रहे हैं। कुछ अपने हुनर से दुनिया भर में मशहूर भी हुए। वहीं कुछ युवाओं के हुनर को पहचान नहीं मिल सकी, तो वह सड़क पर काल की नुमाइश कर ज़िंदगी बसर कर रहे हैं।
बिहार के भागलपुर जिले में एक युवक सुर्खियों में छाया हुआ है, वैसे तो वह खुद को सुपौल जिले का रहने वाला बताता है। हुनर को पहचान नहीं मिल सकी इसलिए ज़िंदगी बसर करने के लिए भागलपुर की सड़कों पर बांसुरी बेच रहा है।

युवक अपना नाम बिपलंबा बताता है, बासुरी बेचने के दौरान वह उसे बजाते हुए लोगों को आर्षित भी कर रहा है। बांसुरी की धुन सुन लोग मुरीद हो जा रहे हैं, युवक की कहानी सुनने के बाद उसके बेबाक अंदाज़ की तारीफ़ भी कर रहे हैं।
सड़क पर बांसुरी बजाते हुए जो भी उसे सुनता है, रुक कर सुनने लग जाता है। लोगों का कहना है कि वाकई युवक के पास बांसुरी बजाने की बहुत ही शानदार कला है। युवक ने बताया कि उसने तीन महीने तक दिल्ली में रहकर ट्रेनिंग ली। कोई प्लेटफॉर्म नहीं मिलने की वजह से बांसुरी बेचकर ज़िंदगी बसर कर रहा है।
मोहम्मद विपलंबा ने बताया घर की आर्थिक स्थिति की वजह से इंटर तक ही पढ़ाई की, ताकि पिता के साथ मिलकर परिवार की ज़िम्मेदारियों को पूरा कर सकूं। इसी वजह से बहुत कम उम्र से ही काम करने लगा। कला में दिलचस्पी होने की वजह से बांसुरी वादन सीखा।
बांसुरी बजाना सीखने के बाद कोई प्लेटफॉर्म नहीं मिला तो, बांसुरी बेचने को ही रोज़गार बनाने का फैसला लिया। इसके बाद से ही वह बांसुरी बेच रहे हैं। बिपलंबा के बासुरी की धुन सुनने के बाद लोग रुक कर सुनने के लग जाते हैं। चाहे वह बांसुरी लें नहीं लें, लेकिन सुनते ज़रूर हैं।
विपलंबा की बात सुनकर लोगों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिहार सरकार को कला और कलाकारों के बढ़ावा के लिए क़दम उठाना चाहिए। कलाकारों को पहचान नहीं मिलने की वजह से ही यहां के हुनरबाज़ दूसरे प्रदेश में पलायन कर रहे हैं। दूसरे राज्यों में कला की नुमाइश कर ज़िंदगी गुजारने पर मजबूर हैं।












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