बेतियाः ढाई लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए CO गिरफ्तार, जमीन के मामले को रफा-दफा करने के लिए मांगा था घूस
बेतिया। बिहार के बेतिया जिले के अंचलाधिकारी श्याम कांत प्रसाद को विजिलेंस की टीम ने ढाई लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा है। यह कार्रवाई निगरानी विभाग की टीम ने सीओ के आवास पर की है। बेतिया के रहने वाले विनोद कुमार गुप्ता ने निगरानी मुख्यालय में 29 अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराई थी। अपने आवेदन में उन्होंने बताया था कि जमीन मामले को रफा-दफा करने के लिए सीओ ने ढाई लाख रुपये मांगे हैं। मुख्यालय के आदेश के आधार पर आरोपों की जांच करने के लिए एक स्पेशल टीम बनाई गई।

टीम का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी डीएसपी अरूणोदय पांडेय को दी गई । इसके बाद मंगलवार को यह टीम बेतिया पहुंची। CO के आवास पर पूरा जाल बिछाया। इसके बाद जैसे ही विनोद कुमार गुप्ता लेकर वहां पहुंचा और CO ने उसे लिया, वैसे ही निगरानी की टीम ने रंगेहाथ पकड़ लिया। निगरानी के अनुसार विनोद कुमार गुप्ता ने लिखित शिकायत की थी। इसी के बाद यह कार्रवाई की गई है। CO को लेकर टीम पटना जा रही है।
मामले को लेकर डीएसपी अरूणोदय पांडेय ने बताया कि विनोद कुमार गुप्ता ने 29 अक्टूबर को निगरानी में सीओ के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके सत्यापन के बाद कार्रवाई की गई है। आरोप है कि विनोद कुमार गुप्ता ने 1987 में इस्मत अली से चार कट्ठा ढाई धुर जमीन खरीदा था। और जमीन का दाखिल खारिज के साथ ही जमीन पर कब्जा भी बिनोद कुमार गुप्ता का ही है, लेकिन 6 अगस्त 2020 को जमीन बेचने वाले इस्मत अली के भतीजे की विधवा पत्नी सकीला खातून ने CO को उस जमीन का दाखिल खारिज अपने नाम से करने का आवेदन दिया।
इसके बाद से सीओ द्वारा बिनोद कुमार गुप्ता को पैसे के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। इस बीच CO ने 22 अक्टूबर 2021 को जमीन की मापी कराने के लिए अमीन भेज दिया और 27 अक्टूबर को सीओ के इशारे पर पुलिस ने बिनोद कुमार गुप्ता द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य को रोकवा दिया। इसके बाद जिसके बाद 27 अक्टूबर को पीड़ित बिनोद कुमार गुप्ता सीओ के यहां गुहार लगाने पहुंचा। तब सीओ ने मामले को रफा-दफा करने के लिए ढाई लाख रुपये की मांग की। इसकी शिकायत पीड़ित ने 29 अक्टूबर को निगरानी में की। फिलहाल निगरानी की टीम CO को लेकर टीम पटना जा रही है।












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