बिहार के नंबर वन सरकारी अस्पताल का हाल, मोमबत्ती जलाकर पानी गर्म करते दिखे मरीज के तीमारदार
बेगूसराय। केन्द्र सरकार की कायाकल्प योजना के तहत सदर अस्पताल को पूरे सूबे में पहला स्थान प्राप्त है। यहां साफ-सफाई से लेकर कई तरह की बेहतरीन सुविधा आम से खास लोगों को प्रभावित करता है। तमाम सुविधाओं के बाद भी कहीं न कहीं मरीजों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ ही जाता है। अस्पताल के कालाजार वार्ड में इलाजरत एक मरीज के परिजन मोमबत्ती जलाकर पानी गर्म करते देखे गए।

मंझौल की रहने वाली महिला मरीज ने बताया कि पानी गर्म करने के लिए उसके पास कोई साधन नहीं था। ऐसे में मोमबत्ती जलाकर उसी पर पानी गर्म कर लेते हैं। कहा कि गरम पानी के लिए अस्पताल में मौजूद किचन का लाभ नहीं मिल पाता है।
इसके अलावा अस्पताल में और कोई सुविधा भी नहीं है, जहां जरूरत पड़ने पर पानी गर्म किया जा सके। कई मरीजों ने बताया कि अस्पताल में और भी कई तरह की सुविधा तो वाकई में बेहतर है। वार्ड में भर्ती मरीजों को चिकित्सक सही तरह से इलाज करना शुरू कर दे।
समय-समय पर मरीजों से की देखभाल की जाए तो मरीजों को बहुत लाभ मिलेगा। मरीजों का कहना है कि अक्सर दवा खाने के लिए गर्म पानी की जरूरत पड़ती है। अस्पताल में उसकी सुविधा नहीं होने के कारण बाहर जाकर चाय-नाश्ते की दुकान से गर्म पानी खरीदना पड़ता है।
आम तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर लोग ही सरकारी अस्पताल में इलाज करवाने के लिए भर्ती होते हैं। ऐसे में उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नर्सिंग स्टेशन में ब्वॉयलर केतली उपलब्ध है । अस्पताल प्रशासन की ओर से पांच नर्सिंग स्टेशनों में स्वास्थ्यकर्मी व मरीजों की सुविधा के लिए ब्वॉयलर केतली उपलब्ध कराई गई है।
मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पाता है। नर्सिंग स्टाफ ही इसका उपयोग करते हैं। कई नर्स ने बताया कि ब्वॉयलर केतली है। उसका सभी अपने लिए उपयोग करते हैं। अस्पताल अधीक्षक डॉ.आनंद शर्मा ने संज्ञान लेते हुए मरीजों के लिए गर्म पानी उपलब्ध करवाने की बात कहीं। उन्होंने बताया कि अस्पताल के किचन में सुबह-शाम एक-एक घंटे मरीजों को गर्म पानी मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए संवेदक को आदेश दिया गया है।












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