असम CM के फैसले का गिरिराज सिंह ने किया स्वागत, राहुल-तेजस्वी पर यूं कसा तंज
Namaz Break: बीजेपी के वरिष्ठन नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने असम विधानसभा में 'शुक्रवार की नमाज़ के लिए ब्रेक' की व्यवस्था को समाप्त किए जाने के फैसले का स्वागत किया। साथ ही, इंडिया ब्लॉक के नेताओं को भी आड़े हाथों लिया।
बिहार के बेगूसराय में मीडिया कर्मियों से बात करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा, 'मैं असम विधानसभा के अध्यक्ष और राज्य सरकार को यह कदम उठाने के लिए धन्यवाद देता हूं। कानून में एकरूपता होना जरूरी है और किसी भी धार्मिक समुदाय को कोई तरजीह नहीं दी जानी चाहिए।

दरअसल, तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर मुस्लिमों को टारगेट करने का आरोप लगाया था। तेजस्वी के इन्हीं आरोपों का जवाब देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि यह हिंदू मुसलमान का मामला नहीं है। यह मामला विशुद्ध रूप से एक देश और एक कानून का है।
विपक्षी नेताओं की आलोचना
गिरिराज सिंह ने कहा, 'राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव जैसे नेता मुस्लिम वोट बैंक के ठेकेदार हैं। अगर उनकी चलती तो पूरे देश में हर शुक्रवार को छुट्टी होती।'इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव देश को पाकिस्तान और बांग्लादेश बनाना चाहते हैं।
किसी हिंदू ने मांगी छुट्टी
गिरिराज सिंह इस बात पर जोर दिया कि हिंदुओं के भी पवित्र दिन होते हैं, लेकिन वे उनके लिए छुट्टी की मांग नहीं करते। उन्होंने कहा कि हिंदू सप्ताह में कई दिन पवित्र मानते हैं। धर्म के आधार पर कानून नहीं चलता है। समाज और देश व्यवहार और एक राष्ट्र और एक कानून पर चलता है।
क्या है असम सरकार का फैसला?
असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस फैसले की घोषणा की है। उन्होंने अपने X हैंडल पर लिखा, '2 घंटे के जुम्मा ब्रेक को खत्म करके असम विधानसभा ने उत्पादकता को प्राथमिकता दी है और औपनिवेशिक शासन के एक और अवशेष को हटा दिया है।'
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1937 में हुई थी इसकी शुरूआत
उन्होंने कहा कि इस प्रथा की शुरूआत मुस्लिम लीग के सैयद सादुल्ला ने साल 1937 में की थी। वहीं, भाजपा विधायक बिस्वजीत फुकन ने बताया कि यह प्रथा ब्रिटिश काल से चली आ रही है, जिसमें मुस्लिम विधायकों को हर शुक्रवार को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक नमाज़ पढ़ने के लिए छुट्टी दी जाती थी।












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