Bihar में PM Modi का अनोखे अंदाज में स्वागत कर रहे आर्टिस्ट मधुरेंद्र, पीपल की पत्ती पर बनाई नायाब कलाकृति
PM Modi Bihar visit 15 September: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 सितंबर को प्रस्तावित पूर्णिया दौरे को लेकर पूरा बिहार उत्साह से भरा है। इस खास मौके पर अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त इंटरनेशनल सैंड और लीफ आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने अपने अनूठे अंदाज में पीएम मोदी का स्वागत किया है।
मधुरेंद्र ने लगभग 5 घंटे की कठिन मेहनत के बाद 5 सेंटीमीटर छोटे पीपल के हरे पत्तों पर सूक्ष्म और बारीक नक्काशी कर प्रधानमंत्री मोदी का चित्र उकेरा।

पत्तों पर गढ़ी गई अद्भुत कलाकृति
मधुरेंद्र ने न सिर्फ पीएम मोदी का पोर्ट्रेट तैयार किया, बल्कि पूर्णिया एयरपोर्ट, अमृत भारत ट्रेन, और मिथिला मखाना को भी अपनी कलाकृति में शामिल किया। पत्तों पर उकेरी गई इस सूक्ष्म कला के साथ उन्होंने "Welcome Modi ji in Mithila Bihar" लिखकर अपने ही अंदाज में प्रधानमंत्री का स्वागत किया। उनकी यह रचना सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही है और कला प्रेमियों से लेकर आम दर्शकों तक सभी को आकर्षित कर रही है।
कला से समाज को संदेश
मधुरेंद्र कुमार सिर्फ एक कलाकार नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक संदेश देने वाले प्रेरक शिल्पी भी हैं। वे रेत और पत्तों की मदद से सामाजिक, प्राकृतिक और ज्वलंत मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का काम करते हैं। उनकी कलाकृतियों में महापुरुषों, राष्ट्रीय घटनाओं और वैश्विक मुद्दों की झलक मिलती है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान
5 सितंबर 1994 को बिहार के चंपारण जिले के बरवाकला गांव में जन्मे मधुरेंद्र ने बहुत कम उम्र में कला की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। अब तक वे 5000 से अधिक पत्तों पर आकृतियां उकेर चुके हैं, जिससे उनका नाम लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। यह उपलब्धि उन्हें दुनिया का पहला ऐसा लीफ आर्टिस्ट बनाती है जिसने इतनी बड़ी संख्या में पत्तों पर चित्रकारी की हो।
वैश्विक मंच पर भारतीय कला
मधुरेंद्र दुनियाभर में प्राकृतिक आपदाओं, महापुरुषों की जयंती और राजनीतिक हस्तियों की उपलब्धियों पर अपनी कला के माध्यम से संदेश देते रहे हैं। उनके सैंड और लीफ आर्ट प्रदर्शन अमेरिका, यूरोप, एशिया और मध्य पूर्व के कई देशों में सराहे जा चुके हैं।
पूर्णिया दौरे को विशेष बना रहा 'लीफ वेलकम'
प्रधानमंत्री मोदी के मिथिला आगमन को लेकर जहां पूरा बिहार तैयारियों में जुटा है, वहीं मधुरेंद्र का यह प्रयास सांस्कृतिक और कलात्मक दृष्टि से इस दौरे को और खास बना रहा है। उनकी पत्तों पर की गई नाजुक नक्काशी बिहार की समृद्ध लोककला परंपरा और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है।
मधुरेंद्र का कहना है कि, "यह सिर्फ स्वागत नहीं, बल्कि मिथिला की कला और संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास है।"
मधुरेंद्र की इस अनोखी कलाकृति ने न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश में कला प्रेमियों का ध्यान खींच लिया है। प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से पहले ही यह लीफ आर्ट सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है और बिहार की सांस्कृतिक पहचान को एक नई ऊंचाई दे रहा है।












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