हरहा नदी में मिली 4 आंख वाली अजीबो गरीब मछली, उठे सवाल हज़ारों KM दूर कैसी पहुंची कैटफिश ?

सकरमाउथ कैटफिश की जानकारी देते हुए कमलेश मौर्य ने कहा कि अमेरिका की अमेज़न नदी में यह पाई जाती है। भारत की नदियों में इन मछलियों का बसेरा नहीं है, यग चिंता का विषय है कि अब यह मछली भारतीय नदियों में पाई जा रही है।

बगहा (वाल्मिकीनगर) 19 सितंबर 2022। बगहा के हरहा नदी में चार आंख वाली सकरमाउथ कैटफिश मिलने से लोग हैरत में हैं। बनचहरी गांव गांव के पास हरहा नदी में मछुआरे मछली मारने गए थे। इस दौरान उनके जाल में अजीबो गरीब मछली फंसी। अजीबो गरीब चार आंखो वाली मछली फंसने की खबर इलाके भर में फैल गई जिसके बाद उस मछली को देखने के लिए भीड़ इकट्ठा हो गई। वहीं कमलेश मौर्या (एरिया कोऑर्डिनेटर, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) ने चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा कि सकरमाउथ कैटफिश मांसाहारी है। चंपारण में बहने वाली नदियों के लिए यह मछली बहुत ही खतरनाक है।

सकरमाउथ कैटफिश मिलने से दहशत

सकरमाउथ कैटफिश मिलने से दहशत

सकरमाउथ कैटफिश की जानकारी देते हुए कमलेश मौर्य ने कहा कि अमेरिका की अमेज़न नदी में यह पाई जाती है। भारत की नदियों में इन मछलियों का बसेरा नहीं है, यग चिंता का विषय है कि अब यह मछली भारतीय नदियों में पाई जा रही है। डब्ल्यूटीआई के सुब्रत लेहरा ने भी सकरमाउथ कैटफिश के पाए जाने पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि इस मांसाहारी मछली से स्थानीय इकोसिस्टम पर प्रभाव पड़ सकता है। उनका कहना है कि हज़ारों किलोमीटर दूर पाई जाने वाली यह मछली लोकल ईको सिस्टम के लिए खतरा है।

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    'पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरा'

    'पारिस्थितिकी तंत्र के लिए खतरा'

    कमलेश मौर्या ने कहा सकरमाउथ कैटफिश मांसाहारी है जो कि पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बहुत बड़ा खतरा है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि मछली आसपास के जीव-जंतुओं का शिकार कर खुद को ज़िंदा रखती है। यह अप इर्द गिर्द दूसरे मछली और जीव को पनपने ही नहीं देती है। इसलिए यह मछली बिहार की नदियों के पारिस्थितिकी तंत्र के लिए चिंता का विषय है।

    हजारों KM दूर से कैसे पहुंची मछली ?

    हजारों KM दूर से कैसे पहुंची मछली ?

    कमलेश मौर्य की मानें तो लोग एक्वेरियम में इस मछली को पालते हैं क्योंकि यह बिल्कुल अलग दिखती है। एक्वेरियम में यह काफी छोटी होती है, जो कि देखने में अच्छी लगती है। नदी में सकरमाउथ कैटफिश का मिलना खतरे की निशानी है। ऐसा लग रहा जैसे किसी ने एक्वेरियम से इस मछली को नदी में छोड़ दिया है, जिसकी वजह से इसका आकार बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि साधारण तौर पर नदी में इस मछली के मिलने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। यह बड़ा सवाल है कि हज़ारों किलोमीटर दूर अमेजन नदी ( साउथ अमेरिका) से सकरमाउथ कैटफिश बिहार कैसे पहुंच गई।

    आस्टेलिया में भी पाई गई थी डरावनी मछली

    आस्टेलिया में भी पाई गई थी डरावनी मछली

    ऑस्ट्रेलिया में एक डीप सी शार्क दैत्याकार मछली मछुआरे के जाल में फंसी थी, जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही थी। उभरी हुई आंखों और डरावने दांतों वाली मछली मछुआरे के जाल में फंस गई। गहरे समुद्र में रहने वाली शार्क मछुआरे ने बुरे सपने की तरह बताया है। उसने कहा कि शार्क का सफेद मुंह बाहर निकला हुआ था। उभरी आंखें और नुकीली नाक वाली मछली का चेहरा काफी खौफनाक था। इस मछली को देखने के बाद लोग डर से कांपने लगेंगे।

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