"यूं ही रील देखते रहेंगे तो", ओवैसी ने बिहार चुनाव से पहले युवाओं को दी चेतावनी, की भावुक अपील, VIDEO
Bihar assembly elections: बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों के ऐलान से पहले राजनीति पार्टियों ने जमकर चुनाव प्रचार करना शुरू कर दिया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी बिहार में अपनी पार्टी की जीत पक्की करने के वोटरों से संपर्क साध रहे हैं।
ओवैसी की जनसभा का सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने युवाओं को रील देखने की लत को लेकर अगाह किया है। इसके साथ ही ओवैसी ने बिहार के युवाओं से इस लत को छोड़ने की बड़ी ही भावुक अपील की है। ओवैसी के इस भाषण की जमकर तारीफ हो रही है।

"रील देखकर अपना कीमती वक्त बेकार ना करें"
AIMIM प्रमुख ओवैसी ने कहा, "मैं मासूम बच्चों से ये अपील कर रहा हूं कि आप घर जाने के बाद अपना वक्त ये फोन में रील देखकर अपना कीमती वक्त बेकार ना करें। मेरी आपसे गुजारिश है कि आप पढि़ए अखबार पढि़ए, अपनी तालीम को अपना कीमती वक्त दीजिए।
"रील देखकर इंजीनियर, डॉक्टर, वैज्ञानिक नहीं बन सकते"
आवैसी ने कहा, "याद रखो कि मोबाइल पर रील देखने से ना तो आप लीडर बन सकते हैं , एक दो मिनट की रील देखने से आप वैज्ञानिक नहीं बन पाएंगे। ना तो आप डॉक्टर बन पाएंगे, ना तो इंजीनियर बन पाएंगे। रील देखने से केवल दिगाम खराब होता है, इसमें वक्त बरबाद होता है। अगर आप ज्यादा रील देखेंगे तो ये आपकी दिगाम पर असर करता है।
रीलों ही देखते रहोगे तो...
अगर कोई सियासी पार्टी रील बनाती है तो उसका उद्देश्य अपने काम को लोगों को बताना होता है कि हमने ये काम किया लेकिन अगर इस उम्र में हमारे बच्चों और बच्चियों को इसका एडिक्शन हो जाता है तो इससे आपका बहुत बड़ा नुकसान होगा। ओवैसी ने बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर चल रहे विवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने युवाओं से सवाल किया कि अगर वे रील देखते रहोंगे तो बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को कैसे जवाब देंगे।
BLO को कैसे जवाब देंगे?
ओवैसी ने पूछा, "मेरा मतलब है कि बिहार में गहन पुनरीक्षण के नाम पर क्या चल रहा है, कई लोगों को बांग्लादेशी, नेपाली और म्यांमार से बताया जा रहा है। अगर कोई BLO आपके पास आता है, तो आप उनके सवालों का जवाब कैसे देंगे?"
SIR अभियान पर जमकर भड़के ओवैसी
गौरतलब है कि चुनाव आयोग के SIR अभियान ने हाल ही में एक विवाद को जन्म दिया है और ओवैसी ने भी इसके खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने चुनाव आयोग के भारतीयों की नागरिकता तय करने के अधिकार पर सवाल उठाया है। ओवैसी ने कहा, "चुनाव आयोग को किसी के नागरिक होने या न होने का निर्धारण करने का अधिकार किसने दिया? हमारी पार्टी ने सबसे पहले कहा था कि SIR पिछले दरवाजे से NRC है।"
उन्होंने 2003 में पिछली बार की गई गणना के नतीजे भी मांगे और यह भी पूछा कि उस समय कितने विदेशी नागरिकों का खुलासा हुआ था। ओवैसी ने कहा, "हम उन बीएलओ की संख्या की मांग करते हैं। हम अपनी पार्टी के सदस्यों से कहेंगे कि वे उन बीएलओ से मिलें और उनसे पूछें कि नेपाल, म्यांमार और बांग्लादेश के वे लोग कहां हैं, जिनके बारे में वे बात कर रहे हैं।" इस गणना प्रक्रिया के तहत चुनाव आयोग ने अब तक 86.32% गणना फॉर्म एकत्र कर लिए हैं और इसके लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण का अंतिम दौर जल्द ही होगा।












Click it and Unblock the Notifications