Bihar Politics: बयान पर हुए बवाल के बाद राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने दी सफ़ाई, कही ये बात
RJD Leader Abdul Bari Siddiqui News Update: बिहार में आगामी चुनाव को लेकर सियासी बयानबाज़ी का दौर जारी है। इसी क्रम में राजद नेता ने शुक्रवार को महिला आरक्षण पर बयान दिया था। उनके बयान के बाद विपक्ष के नेताओं ने निशाना साधना शुरू कर दिया है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि महिलाओं को लेकर राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने जो बयान दिया है, वह शर्मनाक है। इससे ज़ाहिर होता है कि राजद नेताओं की महिला के प्रति क्या सोच है। हालांकि बयान पर हुए बवाल के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने अपने पर माफ़ी भी मांग ली है।

शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी भी राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी के बचाव में उतर आई हैं। उन्होंने कहा कि संसद में महिला आरक्षण विधेयक पर संसद में समर्थन दिया है। राजद ने ओबीसी महिलाओं को भी आरक्षण देने का मुद्दा उठाया है।
महिलाओं पर दिए बयान का मामला तूल पकड़ता देख राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि जनसभा में सैकड़ों ग्रामीण महिलाएं मौजूद थीं। ग्रामीण महिलाओं को समझाने के लिए वैसी भाषा का उपयोग किया था। मेरा इरादा किसी की भावनाओं को आहत पहुंचाने का नहीं थी।
मेरी भाषा से किसी को भी तकलीफ़ पहुंची है तो मैं खेद प्रकट करता हूं। मेरा इरादा किसी को आहत करने का नहीं था। अति पिछड़ा वर्ग की सभा में महिला आरक्षण पर संबोधित करने के दौरान समझाने के लिए वैसी भाषा का इस्तेमाल किया था। महिला आरक्षण के पक्ष में राजद शुरू से ही रही है।
आपको बता दें कि शुक्रवार को बिहार के मुज़फ्फरपुर ज़िले में राजद के अति पिछड़ा वर्ग के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया था। राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी महिला आरक्षण पर जनसभा को संबोधित कर रहे थे। जनसभा को संबोधित करने के ही दौरान दिए बयान पर बवाल हो रहा है।
अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा था कि महिलाओं के आरक्षण के नाम पर 'लिपस्टिक और बॉब कट' वाली महिलाओं को नौकरी मिलेगी, तो आप (ओबीसी) महिलाओं को हक कब मिलेगा?महिलाओं के आरक्षण में पिछड़ा और अति पिछड़ा महिलाओं को भी आरक्षण दिया जाना चाहिए। अत्यंत पिछड़ा का भी कोटा तय हो जाए तो सही है।












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