राहुल गांधी के सुर में सुर मिलाते नजर आए तेजस्वी, इलेक्शन कमिशन और बीजेपी की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
पटना: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने रविवार को चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि 2020 के बिहार विधानसभा चुनावों में विपक्षी महागठबंधन (GA) को सत्ता से वंचित किया गया और यह सब सुनियोजित तरीके से हुआ।
तेजस्वी का यह बयान कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा महाराष्ट्र चुनावों को लेकर चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों के समर्थन में आया है।

राहुल गांधी ने एक अखबार में प्रकाशित लेख में कहा था कि महाराष्ट्र चुनाव कोई चुनाव नहीं, बल्कि एक 'मैच फिक्सिंग' था।
What is Tejashwi Yadav allegation: तेजस्वी यादव का आरोप
तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि 2020 में हम बिहार में सरकार बनाने जा रहे थे। चुनाव परिणामों के रुझान स्पष्ट थे, लेकिन अचानक शाम को वोटों की गिनती रोक दी गई और आधी रात के बाद दोबारा शुरू हुई। जो उम्मीदवार शाम तक आगे चल रहे थे, उन्हें रात में 12 से 500 वोटों के अंतर से हरा दिया गया।
उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव आयोग ने पहली बार एक ही चुनाव को लेकर तीन बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जो खुद में संदेह पैदा करता है। इतना ही नहीं तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा हमला बोला। तेजस्वी ने बीजेपी से सवाल किया, "बीजेपी आईटी सेल को चुनाव आयोग से पहले ही चुनाव की तारीखों की जानकारी कैसे हो जाती है?"
उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए और किसी भी राजनीतिक दल के प्रभाव में नहीं आना चाहिए। तेजस्वी ने कहा कि अगर संविधानिक संस्थाएं ही नष्ट हो जाएंगी, तो फिर जनता को न्याय कहां से मिलेगा?
राहुल गांधी का आरोप, "महाराष्ट्र चुनाव एक संगठित 'मैच फिक्सिंग' था"
इससे पहले, राहुल गांधी ने अपने लेख में लिखा था कि महाराष्ट्र में चुनाव आयोग की भूमिका संदिग्ध रही और "यह कोई चुनाव नहीं, बल्कि लोकतंत्र के खिलाफ साजिश थी।" उन्होंने आशंका जताई कि अब बिहार चुनाव भी इसी 'मैच फिक्सिंग' का अगला शिकार हो सकता है।
चुनाव आयोग और फडणवीस का पलटवार
राहुल गांधी के आरोपों पर चुनाव आयोग के एक शीर्ष अधिकारी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "राहुल गांधी बार-बार मीडिया के जरिए सवाल करते हैं, जबकि उन्हें सीधे चुनाव आयोग से संपर्क करना चाहिए। हार के बाद रेफरी को दोष देना आजकल की सामान्य प्रक्रिया बन गई है।"
वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि "राहुल गांधी बार-बार जनादेश का अपमान कर रहे हैं। जनता ने उन्हें नकारा है, और बदले में वह जनता और लोकतंत्र को नकार रहे हैं।" उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अब आत्ममंथन करना चाहिए कि वे कहां गलती कर रहे हैं और जनता से उनका जुड़ाव क्यों टूट रहा है।
तेजस्वी यादव और राहुल गांधी के इन तीखे बयानों से स्पष्ट है कि विपक्ष केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले बिहार विधानसभा चुनावों से पहले यह मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है और इसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। विपक्ष इसे लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई बता रहा है, तो सत्ता पक्ष इसे हार का बहाना बता रहा है।












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