Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

60 वर्ष पुराना रेलवे इंटर कॉलेज गढ़हरा बंद होने की कगार पर, अब बड़े आंदोलन की तैयारी में छात्र

शिक्षा के ऐतबार से गढ़हरा (बरौनी) काफ़ी पिछड़ा हुआ है, क़रीब 2 लाख की आबादी वाले इस क्षेत्र में एक भी हाई स्कूल नहीं है।

बेगूसराय, 1 मार्च 2022। शिक्षा के ऐतबार से गढ़हरा (बरौनी) काफ़ी पिछड़ा हुआ है, क़रीब 2 लाख की आबादी वाले इस क्षेत्र में एक भी हाई स्कूल नहीं है। वहीं एक इंटर कॉलेज है भी तो वह बंद होने की कगार पर है। इस बाबत रेलवे इंटर कॉलेज गढ़हरा (बरौनी) बचाओ अभियान को लेकर मंगलवार को एक शिष्टमंडल बेगूसराय जिलाधिकारी अरविंद कुमार वर्मा, जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत प्रवीण से मिला। उन्हें ज्ञापन सौंपते हुए रेलवे इंटर कांलेज गढ़हरा को बचाने की गुहार लगाई। वन इंडिया हिंदी ने कॉलेज बचाओ अभियान का नेतृत्व कर रहे समाज सेवा संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष दानिश महबूब से बात की। उन्होंने विस्तार से अपने इलाक़े की बात बताई साथ ही बताया कि बेगूसराय के अधिकारियों और जन नेताओं ने निश्चित रूप से पहल करने का भरोसा दिलाया है।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को सौंपा ज्ञापन

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को सौंपा ज्ञापन

दानिश महबूब ने बताया कि बेगूसराय ज़िला के आला अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने के बाद तेघड़ा विधायक राम रतन सिंह और पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद से मिलकर उन्हें भी इस बाबत ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही स्थानीय शिक्षाप्रेमी बुद्धिजीवियों ने सांसद सह केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाक़ात कर कॉलेज को बचाने की गुहार लगाई। समाज सेवा संघर्ष समिति गढ़हरा के अध्यक्ष मुक्तेश्वर प्रसाद वर्मा, उपाध्यक्ष दानिश महबूब, कोषाध्यक्ष नितेश कुमार, संयोजक धर्मेंद्र कुमार, अरुण श्रीवास्तव, अधवक्ता सुभाष कुमार समेत समिति के सभी सदस्यों ने बेगूसराय गेस्टहाउस में उनसे (केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह) मिलकर एक सूत्री मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा था। समाज सेवा संघर्ष समिति के उपाध्याक्ष दानिश महबूब ने बताया कि करीब दो लाख आबादी वाले गढ़हरा क्षेत्र में 80हजार छात्र छात्राओं के विद्या ग्रहण को लेकर परेशानी हो गयी है।

'कॉलेज को अपने अधीन लेकर संचालित करे राज्य सरकार'

'कॉलेज को अपने अधीन लेकर संचालित करे राज्य सरकार'

समाज सेवा संघर्ष समिति के उपाध्याक्ष दानिश महबूब ने कहा कि अगर दूसरे जगहों की तरह अगर रेलवे इंटर कॉलेज गढ़हरा को बन्द करने की बजाए अगर बिहार सरकार इस कॉलेज को अपने अधीन लेकर संचालित करे तो गढ़हरा के छात्र छात्राओं को चार पांच किलोमीटर दूर जाकर पढ़ाई करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। स्थानीय लोगों के को बालिकाओं के शिक्षा को लेकर ज्यादा चिंता हो रही है। दानिश महबूब ने बताया कि रेलवे कर्मचारियों के बच्चों के साथ-साथ गैर रेलवे कर्मचारियों के बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए भारतीय रेलवे 94 स्कूलों को चुपचाप चलाता है। वास्तव में 2019 तक इन स्कूलों में केवल 15399 रेलवे वार्ड नामांकित हैं, जो गैर रेलवे की कुल संख्या के आधे से भी कम हैं। नामांकित वार्ड (34277)। भारतीय रेलवे 87 केंद्रीय विद्यालय का भी समर्थन करता है जहां 33212 रेलवे वार्ड और 55386 गैर रेलवे वार्ड नामांकित हैं।

'रेलवे के 2% से अधिक वार्ड के बच्चे रेलवे स्कूल में पढ़ते हैं'

'रेलवे के 2% से अधिक वार्ड के बच्चे रेलवे स्कूल में पढ़ते हैं'

दानिश महबूब ने कहा कि ध्यान देने वाली बात यह है कि 4-18 वर्ष की आयु वर्ग में रेलवे वार्डों की कुल संख्या 7 लाख 99 हज़ार 703 यानी लगभग 8 लाख है। रेलवे के 2% से अधिक वार्ड के बच्चे रेलवे स्कूल में पढ़ते हैं। ऐतिहासिक रूप से, इन स्कूलों को स्थापित करने की आवश्यकता थी क्योंकि उन क्षेत्रों में बाजार की विफलता थी जहां नई रेलवे लाइनें और कार्यशालाएं बनाई जा रही थीं। रेलवे स्कूलों की भौगोलिक एकाग्रता जरूरी नहीं कि देश के सबसे वंचित हिस्सों में केंद्रित हो। इसके अलावा निजी सहित अन्य स्कूल अब उन जगहों पर मौजूद हैं, जहां रेलवे कॉलोनियां हैं। रेलवे स्कूलों के संचालन में रेलवे प्रबंधन का बड़ा समय लगता है, जिसकी मुख्य क्षमता रेलवे सेवा को चलाने और बनाए रखने में है। इस प्रकार हम अनुशंसा करते हैं कि रेलवे प्रबंधन के समय को कम से कम स्कूल चला रहा है, जहां बिल्कुल जरूरी है।

87 केंद्रीय विद्यालयों को भारतीय रेलवे का समर्थन

87 केंद्रीय विद्यालयों को भारतीय रेलवे का समर्थन

रेलवे स्कूलों को केंद्रीय विद्यालय संगठन के तहत रेलवे कर्मचारियों के बच्चों के लिए कोटा के साथ लाया जा सकता है। यह सबसे पसंदीदा विकल्प हो सकता है, ग़ौरतलब है कि अतीत में इस विकल्प पर काम किया जा चुका है। भारतीय रेलवे पहले से ही 87 केंद्रीय विद्यालयों का समर्थन करता है। दानिश महबूब ने बताया कि प्रस्तावित परिवर्तन से छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ समान शिक्षा मानकों का अधिकार मिल सकेगा।। यह नियमित रूप से स्थानांतरित होने वाले रेलवे कर्मचारियों के लिए और भी उपयोगी होगा। केवीएस रेलवे वार्डों की अखिल भारतीय उपस्थिति को देखते हुए बिना किसी कठिनाई के विभिन्न केवी में स्थानांतरित किया जा सकेगा। रेलवे 2015 के पुनर्गठन पर हिबेक डेटॉय समिति द्वारा इसकी भी सिफारिश की गई थी। समिति का विचार था कि इस तरह के विकल्प से रेलवे कर्मचारियों के बच्चों को केंद्रीय विद्यालयों और निजी स्कूलों सहित वैकल्पिक स्कूलों में शिक्षा में आसानी से सब्सिडी मिल सकेगी।

शिक्षा के लिए आंदोलन कर रहे गढ़हरा निवासी

शिक्षा के लिए आंदोलन कर रहे गढ़हरा निवासी

दानिश महबूब ने कहा कि रेलवे उन स्थानों पर रेलवे स्कूल चलाने जहां पर अच्छे वैकल्पिक स्कूल उपलब्ध नहीं हैं या फिर शैक्षिक सुविधाएं काफ़ी दूर हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) में रेलवे स्कूलों को चलाने की क्षमता नहीं है। रेलवे स्कूलों को रेलवे कर्मचारियों के बच्चों को प्राथमिकता के साथ संबंधित राज्य सरकार को सौंप दिया जा सकता है। अभी तक इस विकल्प पर ध्यान नहीं दिया गया है लेकिन अगर इस पर विचार किया गया तो ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी। इसके ज़रिए उपयुक्त सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल का भी पता लगाया जा सकता है। कुछ ऐसे इलाक़े हो सकते हैं जहां भारतीय रेलवे को स्कूल चलाने की जरूरत है, इन पहुलओं पर ध्यान देने की ज़रूरत है । दानिश महबूब ने कहा कि एशिया का सबसे प्रसिद्ध रेलवे यार्ड गढ़हरा को कहा जाता था लेकिन उसे भी बंद कर दिया गया। गढ़हरा मे में एक भी हाई स्कूल और प्लस टू स्कूल नहीं होने की वजह से स्थानीय लोग लगातार शांति पूर्वक तरीके से शिक्षा के लिए आंदोलन कर रहे हैं। अगर हम लोगों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो छात्र बड़ा आंदोलन कर सकते हैं।


ये भी पढ़ें : बिहार की राजधानी पटना के बाद अब बेगूसराय में भी होगा मेट्रो परिचालन, जानिए किस रूट पर चलेगी मेट्रो ?

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+