5 वजहें जिनके चलते नीतीश कुमार हैं BJP से नाराज, खत्म कर सकते हैं गठबंधन
पटना, 08 अगस्त। बिहार में भारतीय जनता पार्टी और जनता दल युनाइटेड के बीच आई तकरार ने सियासी हलचल को बढ़ा दिया है। इस बीच सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी के सभी सांसदों और विधायकों की 9 अगस्त को बैठक बुलाई है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किस वजह से नीतीश कुमार भाजपा से खुश नजर नहीं आ रहे हैं और अपने रास्ते अलग करना चाहते हैं। दरअसल पिछले कुछ समय में जिस तरह से घटनाक्रम बदला है उसको लेकर नीतीश कुमार भाजपा से नाराज चल रहे हैं।
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स्पीकर को पद से हटाना चाहते हैं
रिपोर्ट की मानें तो नीतीश कुमार चाहते हैं कि बिहार विधानसभा के स्पीकर विजय कुमार सिन्हा को पद से हटाया जाए। एक नहीं बल्कि कई बार नीतीश कुमार सदन में स्पीकर पर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। नीतीश कुमार खुले तौर
पर यह आरोप भी स्पीकर पर लगा चुके हैं कि वह खुलेआम संविधान का उल्लंघन कर रहे हैं, वह सरकार के खिलाफ ही सवाल खड़ा करके संविधान का उल्लंघन कर रहे हैं।

सिर्फ एक मंत्री पद मिलने से नाराज
जिस तरह से 2019 में लोकसभा चुनाव के बाद मोदी सरकार में जदयू को सिर्फ एक मंत्री पद दिया गया था उसको लेकर नीतीश कुमार नाराज थे, जिसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल होने से इनकार कर दिया। जिसके बाद नीतीश कुमार ने पलटवार करते हुए बिहार मंत्रिमंडल विस्तार में अपनी पार्टी के 8 विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया और सिर्फ एक ही सीट भाजपा के लिए खाली रखी।

एक साथ चुनाव के विरोध में
भाजपा इस पक्ष में है कि केंद्र औ राज्य के चुनाव एक साथ कराए जाने चाहिए, लेकिन नीतीश कुमार इसके खिलाफ हैं। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र और राज्य के चुनाव एक साथ कराने का सुझाव दिया था, जिसके खिलाफ विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया था। यह पहला और बड़ा मौका था जब नीतीश कुमार विपक्ष के साथ खड़े नजर आए।

अपनी पसंद चाहते हैं मंत्रिमंडल में
इसके साथ ही नीतीश कुमार मंत्रिमंडल विस्तार में भी अपनी पसंद से भाजपा विधायकों को जगह देना चाहते हैं। सूत्रों का कहना है कि अगर ऐसा होता है कि गृह मंत्री अमित शाह की बिहार से पकड़ कम हो जाएगी। माना जाता है कि अमित शाह मंत्रियों के नाम को तय करने में अपनी राय देते हैं। उदाहरण के तौर पर लंबे समय तक नीतीश कुमार की सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे सुशील मोदी को बिहार से बाहर किया गया।

आरसीपी सिंह का मुद्दा
यही नहीं जिस तरह से पिछले साल केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में जदयू के नेता को मंत्री पद दिया गया उसको लेकर भी नीतीश कुमार नाराज हैं। जदयू नेता आरसीपी सिंह को मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया। लेकिन उन्होंने रविवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। वहीं जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन ने कहा कि केंद्र के कैबिनेट में शामिल होने की क्या जरूरत थी, जब मुख्यमंत्री ने 2019 में ही फैसला ले लिया था कि हम केंद्र सरकार का हिस्सा नहीं बनेंगे।











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