दिल्ली से बिहार पहुंची रेल में RPF को मिले 102 जिंदा कछुए, लाखों में बेचते हैं इन्हें तस्कर
पटना। देश की राजधानी दिल्ली से आ रही डाउन ब्रह्मपुत्र मेल से पटना जंक्शन आरपीएफ की टीम को 102 जिंदा कछुए मिले हैं। इन कछुओं को तस्कर ने चार बड़े झाेलाें में भरा हुआ था और S-वन के शाैचालय में रख रखा था। वहां विधानसभा चुनाव काे देखते हुए आरपीएफ टीम इन दिनाें हर ट्रेन की तलाशी ले रही है, तो टीम ने ये कछुए झोलों में देखे। हालांकि, टीम को देखकर तस्कर बाेगी से चुपचाप खिसक लिया।

एक से डेढ़ किलाे वजनी 102 कछुए बरामद
आरपीएफ प्रभारी बिनाेद कुमार सिंह के मुताबिक, अज्ञात शख्स के खिलाफ केस दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि, पुलिस ने तस्कर को गिरफ्तार करने के लिए बोगी के आस-पास चेकिंग भी की, लेकिन उसका पता नहीं चला। वहीं, कछुए काे वन विभाग काे साैंप दिया है। बताया जा रहा है कि, कछुए को एक लाख अधिक कीमत में बेचा जाता है। ये जो कछुए मिले हैं, उनमें हर कछुए का वजन एक से डेढ़ किलाे के बीच है।

किस स्टेशन से इन्हें ट्रेन में लोड किया गया?
ट्रेन के शाैचालय में कछुआ मिलने का पता चलने पर वहां लोग भी आने-जाने लगे। पुलिस ने आशंका व्यक्त की है कि, कछुओं की तस्करी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है, जाे यूपी से लेकर बंगाल व विदेशाें तक फैला हुआ है। बहरहाल, पुलिस यह भी पता करने में जुटी है कि 102 कछुओं को कहां से ट्रेन में लोड किया गया।

7 साल जेल हो सकती है कछुआ पकड़ने पर
कछुए के बारे में बता दिया जाए कि, सरकार बाघ की तरह इस प्राणी का भी संरक्षण करवाती है। इसकी तस्करी करने पर सात साल की सजा और 25 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान है। कछुओं को पकड़कर उनकी तस्करी करने के मामले यूपी के बहराइच, गाेंडा, इटावा और मथुरा जिलों से सामने आते रहे हैं। ऐसे ही इलाकाें से कछुए पकड़े जाते हैं।












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