आधारभूत ढांचा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए ओडिशा सरकार बढ़ाएगी टैक्स बेस
भुवनेश्वर, 14 अप्रैल: ओडिशा सरकार ने कोविड -19 महामारी के बाद बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए टैक्स बेस को व्यापक बनाने और राजस्व संग्रह को बढ़ाने का फैसला लिया है। राज्य की अर्थव्यवस्था का जोर वोट-ऑन-अकाउंट स्टेटमेंट में दिखाई दे रहा था, जिसे सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के पहले चार महीनों के लिए विधानसभा में रखा। सरकार ने घोषणा की कि जीएसटी, राज्य उत्पाद शुल्क, एमवी टैक्स और वैट जैसे करों के संग्रह को युक्तिसंगत बनाने और प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करने के लिए कदम उठाए जाएंगे।

सरकार की व्यय नीति के अनुसार राज्य की विकास आवश्यकताओं के लिए आने वाले वर्षों में प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में व्यय में निरंतर वृद्धि की आवश्यकता होगी। सरकार द्वारा अपनाई जाने वाली नीति आगामी वित्तीय वर्षों में वेतन व्यय, ब्याज भुगतान और पेंशन भुगतान में वृद्धि को रोकने की होगी।
राज्य की अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में पूंजीगत व्यय को बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा। 2022-23 में 40,011 करोड़ रुपये का पूंजीगत परिव्यय जीएसडीपी का 5.6 प्रतिशत होने का अनुमान है। 2011-12 के बाद से लगभग हर साल दो अंकों की वृद्धि दर्ज करते हुए ओडिशा के खर्च में काफी वृद्धि हुई है।












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