World MSME Day: MSME सेक्टर को आगे बढ़ाने में ओडिशा सरकार की 5T पहल का अहम योगदान
भुवनेश्वर, जून 28। साल 2017 में संयुक्त राष्ट्र ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक प्रस्ताव पारित कर 28 जून को World MSME Day के रूप में मनाने का ऐलान किया था। आज के दिन विश्व अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और लाखों लोगों की आजीविका को बनाए रखने में सूक्ष्म, लघु और मध्यम आकार के उद्यमों द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका का जश्न मनाया जाता है।

ओडिशा सरकार भी MSME सेक्टर को करती है प्रोत्साहित
आपको बता दें कि MSME आज वैश्विक अर्थव्यवस्था का अभिन्न अंग बन गए हैं और दुनिया भर में कुल व्यापार का लगभग 90 प्रतिशत प्रोडक्शन करते हैं। यह 60 प्रतिशत से अधिक कार्यबल को आजीविका भी प्रदान करता है। वे वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में भी लगभग पचास प्रतिशत का योगदान करते हैं। ओडिशा सरकार भी सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के उद्देश्य से MSME क्षेत्र को विकसित करने और स्वयं सहायता समूहों विशेषकर महिलाओं पर जोर देने को प्राथमिकता दे रही है।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नेतृत्व में MSME विभाग सक्रिय रूप से एक MSME वातावरण विकसित कर रहा है जहां वे न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था बल्कि पूरे देश में योगदान देंगे। आपको बता दें कि ओडिशा में निचले तबके को सशक्त बनाकर ही MSME सेक्टर में क्रांति लाई जा रही है और इसमें 5T पहल का भी अहम योगदान है। आपको बता दें कि कोरोना महामारी के समय में भी एमएसएमई सेक्टर ने एक बड़ी भूमिका निभाई है और दिखाया है कि स्थानीयकरण पर ध्यान देने वाले छोटे उद्योग अर्थव्यवस्था को बनाए रखने में अद्भुत काम कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के लघु उद्योगों के माध्यम से अधिकतम आजीविका प्रदान करने के निर्देश फलदायी रहे हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में, पीएमईजीपी के तहत 456 करोड़ रुपये की परियोजना लागत वाली 4000 से अधिक इकाइयों को मंजूरी दी गई थी। परियोजनाओं की संख्या को मंजूरी देने के मामले में ओडिशा पूर्वी क्षेत्र में अग्रणी राज्य है और देश में दूसरा सबसे बड़ा राज्य है।
ओडिशा ने बैंकों के सक्रिय समर्थन के साथ 38,000 करोड़ रुपये की वार्षिक ऋण योजना के तहत अपना अब तक का उच्चतम ऋण प्रवाह हासिल किया है। एमएसएमई विभाग ने विभिन्न इकाइयों को 60 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की है।












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