रथ यात्रा को लेकर IMA का बयान, अभी खतरनाक हो सकता है किसी भी त्योहार की इजाजत देना
पुरी रथ यात्रा को लेकर इंडियन मेडिकल असोसिएशन (आईएमए) के प्रमुख डॉ. जेए जयलाल ने कहा कि किसी भी त्योहार को आयोजित करना उचित नहीं है, क्योंकि यह खतरनाक हो सकता है।
भुवनेश्वर, 12 जुलाई। कोरोना महामारी के बीच, ओडिशा का सबसे बड़ा वार्षिक उत्सव, रथ यात्रा सोमवार को पुरी में भक्तों की भीड़ के बिना मनाया गया। पुरी के तत्कालीन राजा ने भी यात्रा अनुष्ठानों में भाग लिया। रथ यात्रा के दौरान भगवान बलभद्र के रथ तलध्वज को भी खींचा गया। नौ दिन तक चलने वाले इस महोत्सव की शुरुआत सोमवार से हुई। उत्तरी रेंज के पुलिस महानिरीक्षक नरसिंह भोल ने बताया कि इस विशाल महोत्सव के मद्देनजर दो दिन का कर्फ्यू लगाया गया है और पूरे शहर में कुल 65 प्लाटून पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं कोरोना वायरस को देखते हुए, इंडियन मेडिकल असोसिएशन (आईएमए) के प्रमुख डॉ. जेए जयलाल ने कहा कि किसी भी त्योहार को आयोजित करना उचित नहीं है, क्योंकि यह खतरनाक हो सकता है। आईएमए ने सरकार से अनुरोध किया है कि वह किसी भी प्रकार के सामूहिक समारोहों के संबंध में अपने निर्णय पर पुनर्विचार करे।
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मीडिया से बातचीत में भोल ने बताया कि रथ यात्रा से पहले पुरी में 11 जुलाई रात 8 बजे से 13 जुलाई रात 8 बजे तक कर्फ्यू लगा दिया गया है। 65 प्लाटून को अलग-अलग जगहों पर तैनात किया गया है। किसी भी भक्त को यात्रा में शामिल होने की अनुमति नहीं है।
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इससे पहले जगन्नाथ मंदिर के मुख्य प्रशासक कृष्ण कुमार ने रविवार को जानकारी दी थी कि रथ यात्रा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा था कि सिंह द्वार पर रथ पहुंच गए हैं और यात्रा के लिए आगे की तैयारी चल रही है। हालांकि कोरोना के कारण राज्य सरकार ने राज्य में अन्य स्थानों पर रथ यात्रा को प्रतिबंधित कर दिया है, लेकिन मंदिरों में बिना किसी सभा के अनुष्ठान करने की अनुमति होगी।












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