MP News: हर हाथ को काम, हर गांव को समृद्धि, लघु उद्योग क्रांति का आगाज, कृषि मंत्री कंसाना की बड़ी घोषणा
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 23 अगस्त 2025 को लघु उद्योग भारती के स्टार्टअप उद्यमी महाकुंभ का आयोजन एक नई आर्थिक क्रांति का साक्षी बना। इस भव्य आयोजन में मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और लघु उद्योगों को बढ़ावा देने का एक ऐसा विजन पेश किया, जिसने हर किसी का ध्यान खींचा।
उन्होंने कहा, "लघु उद्योगों का विकास ग्रामोद्योग और कृषि उद्योग को नई ऊंचाइयां देगा। इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा और हर हाथ को काम।" इस आयोजन में न केवल लघु उद्यमियों के लिए नई राहें खुलीं, बल्कि सरकार ने भी उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाने की घोषणा की। यह आयोजन मध्य प्रदेश को आत्मनिर्भर भारत का एक मजबूत स्तंभ बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है।

23 अगस्त 2025 को भोपाल के एक भव्य सभागार में लघु उद्योग भारती के स्टार्टअप उद्यमी महाकुंभ ने मध्य प्रदेश में उद्यमिता की नई लहर पैदा की। इस आयोजन में प्रदेश भर से सैकड़ों लघु उद्यमी, नीति निर्माता, और सामाजिक कार्यकर्ता एक मंच पर जुटे। मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने अपने जोशीले संबोधन से सभी को प्रेरित किया। उन्होंने कहा, "लघु उद्योग मध्य प्रदेश की रीढ़ हैं। इनके विकास से न केवल ग्रामोद्योग और कृषि उद्योग को बल मिलेगा, बल्कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। हमारा लक्ष्य है कि मध्य प्रदेश में हर हाथ को काम मिले और हर गांव समृद्ध बने।"
कंसाना ने लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने घोषणा की कि कृषि मंडी एक्ट से जुड़े उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए जल्द ही एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति लघु उद्यमियों और सरकारी तंत्र के बीच सेतु का काम करेगी, ताकि उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
लघु उद्योग भारती: उद्यमिता की विरासत को पुनर्जनन
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र ने उद्यमिता को भारत की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, "हमारे देश में घर-घर में उद्यमिता की परंपरा थी, लेकिन अंग्रेजी शासन ने इसे खंडित कर दिया। लघु उद्योग भारती इस विरासत को पुनर्जनन के लिए काम कर रहा है। हम छोटी-छोटी इकाइयों को मजबूत कर देश के विकास में योगदान दे रहे हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि लघु उद्योग देश की आर्थिक रीढ़ हैं और लघु उद्योग भारती इस क्षेत्र में काम करने वाला देश का एकमात्र संगठन है, जो सामूहिकता के आधार पर उद्यमिता को बढ़ावा देता है।
लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार मिश्रा ने कहा, "हमारा संगठन मध्य प्रदेश के लघु उद्यमियों और सरकार के बीच सेतु का काम करता है। हमारी कोशिश है कि उद्यमियों की हर समस्या का समाधान हो और वे अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।" संगठन के महामंत्री अरुण सोनी ने बताया कि मध्य प्रदेश के 55 जिलों में लघु उद्योग भारती की 105 इकाइयां सक्रिय हैं, जो लघु उद्यमियों के हितों के लिए निरंतर काम कर रही हैं।

महाकुंभ का भव्य आयोजन
स्टार्टअप उद्यमी महाकुंभ का उद्घाटन सत्र भोपाल के एक भव्य सभागार में आयोजित किया गया, जिसमें मध्य प्रदेश के कोने-कोने से उद्यमी और संगठन के सदस्य शामिल हुए। मंच पर लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष घनश्याम दास ओझा, उपाध्यक्ष तारा चंद्र गोयल, स्वावलंबन भारत अभियान के सह-संयोजक जितेंद्र गुप्ता, और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्य भारत प्रांत के प्रचारक विमल जी गुप्ता उपस्थित थे।
इस आयोजन में लघु उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए और स्टार्टअप्स के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की। कई उद्यमियों ने बताया कि लघु उद्योग भारती ने उनकी राह आसान की, चाहे वह सरकारी योजनाओं तक पहुंच हो या वित्तीय सहायता। एक स्थानीय उद्यमी, रमेश साहू ने कहा, "लघु उद्योग भारती ने हमें न केवल प्रेरित किया, बल्कि बाजार में टिकने और बढ़ने के लिए सही मार्गदर्शन भी दिया।"
कृषि और ग्रामोद्योग का सुनहरा भविष्य
कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने अपने संबोधन में लघु उद्योगों के माध्यम से ग्रामोद्योग और कृषि उद्योग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, "मध्य प्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है। लघु उद्योगों के जरिए हम न केवल किसानों को नए अवसर दे सकते हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर सकते हैं।" उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, और जैविक खेती से जुड़े लघु उद्योग न केवल रोजगार सृजित करेंगे, बल्कि ग्रामीण युवाओं को शहरों की ओर पलायन से भी रोकेंगे।
कंसाना ने यह भी बताया कि मध्य प्रदेश सरकार ने हाल के वर्षों में उद्यमियों के लिए कई नीतियां सरल की हैं। उन्होंने कहा, "हमने लघु उद्योगों के लिए लाइसेंसिंग प्रक्रिया को आसान किया है और स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता देने के लिए विशेष योजनाएं शुरू की हैं। हम चाहते हैं कि मध्य प्रदेश स्टार्टअप और लघु उद्योगों का हब बने।"

उच्चस्तरीय समिति: उद्यमियों की समस्याओं का समाधान
कृषि मंत्री ने आयोजन में एक बड़ी घोषणा की, जो लघु उद्यमियों के लिए राहत की खबर लेकर आई। उन्होंने कहा, "कृषि मंडी एक्ट से जुड़े उद्यमियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इनके समाधान के लिए हम जल्द ही एक उच्चस्तरीय समिति गठित करेंगे। यह समिति उद्यमियों की शिकायतों को सुनेगी और त्वरित समाधान प्रदान करेगी।" इस घोषणा का स्वागत करते हुए उद्यमियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से सभागार को गुंजायमान कर दिया।
लघु उद्योग भारती: मध्य प्रदेश में सक्रियता
लघु उद्योग भारती की मध्य प्रदेश इकाई ने 55 जिलों में 105 कार्य इकाइयों के माध्यम से लघु उद्यमियों के हितों की रक्षा और उनके विकास के लिए काम किया है। संगठन ने स्टार्टअप्स को सरकारी योजनाओं से जोड़ने, वित्तीय सहायता प्रदान करने, और बाजार तक पहुंच बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अरुण सोनी ने बताया, "हमारा लक्ष्य है कि मध्य प्रदेश का हर लघु उद्यमी आत्मनिर्भर बने और अपने व्यवसाय को वैश्विक स्तर पर ले जाए।"












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