Bhopal में ‘थूक जिहाद’ का वायरल VIDEO, सावन के महीने में फलों पर थूकने की घटना, हिंदू संगठनों में आक्रोश
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मिसरोद इलाके में एक सनसनीखेज वीडियो ने हंगामा मचा दिया है। इस वीडियो में एक व्यक्ति को पानी की बोतल में कुल्ला करने के बाद उसी पानी को फलों पर छिड़कते हुए देखा गया है।
इस घटना को 'थूक जिहाद' करार देते हुए हिंदू संगठनों ने कड़ा रुख अपनाया है और मिसरोद पुलिस थाने में कार्रवाई की मांग के साथ ज्ञापन सौंपने की घोषणा की है। यह घटना सावन के पवित्र महीने में सामने आई है, जिसने स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।

वायरल वीडियो का विवरण
वायरल वीडियो में एक व्यक्ति को मिसरोद इलाके में फल की दुकान पर बैठे हुए देखा जा सकता है। वह बाएं हाथ में माला लिए हुए है और दाएं हाथ से एक बोतल में मुंह लगाकर कुल्ला करता है, जिसे बाद में वह दुकानदार को सौंप देता है। दुकानदार उस बोतल से फलों पर पानी छिड़कता नजर आता है। यह वीडियो करीब 30 सेकेंड का है और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हिंदू संगठनों ने इस घटना को 'थूक जिहाद' का हिस्सा बताते हुए इसे समाज में जहर घोलने की साजिश करार दिया है।
हिंदू संगठनों का आक्रोश
वीडियो के सामने आने के बाद, सैकड़ों की संख्या में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मिसरोद थाने और फल की दुकान पर पहुंचे। उन्होंने 'थूक जिहाद नहीं चलेगा' और 'जय श्री राम' के नारे लगाते हुए जमकर हंगामा किया। संगठनों ने सावन के पवित्र महीने में इस तरह की घटनाओं को अक्षम्य बताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। हिंदू संगठनों का कहना है कि 'लव जिहाद', 'ड्रग्स जिहाद', 'लैंड जिहाद', और अब 'थूक जिहाद' जैसे कृत्य समाज की शांति और सौहार्द को नष्ट करने की साजिश का हिस्सा हैं।
पुलिस की प्रतिक्रिया
मिसरोद पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। मिसरोद थाना प्रभारी संदीप सिंह पंवार ने बताया कि हिंदू संगठनों की तरफ से शिकायत दर्ज कराई गई है।। पुलिस ने पुष्टि की है कि वीडियो की लोकेशन मिसरोद इलाके की ही है, लेकिन यह कब शूट हुआ, इसकी जानकारी अभी जुटाई जा रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी सामने आए हैं ऐसे मामले
यह पहली बार नहीं है जब भोपाल या मध्य प्रदेश में इस तरह की घटनाएं सामने आई हों। अप्रैल 2020 में भी एक फल विक्रेता द्वारा फलों पर थूकने का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। इसके अलावा, गाजियाबाद और उत्तर प्रदेश के कुछ अन्य हिस्सों में भी सावन के महीने में 'थूक जिहाद' से जुड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें जूस और खाद्य पदार्थों में थूकने की शिकायतें दर्ज की गई थीं। हिंदू संगठनों ने इन घटनाओं को धार्मिक भावनाओं को आहत करने और खाद्य स्वच्छता के साथ खिलवाड़ करने का मामला बताया है।
सामाजिक और धार्मिक संवेदनशीलता
सावन का महीना हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है, और इस दौरान कई लोग उपवास रखते हैं और शुद्ध भोजन का सेवन करते हैं। ऐसे में फलों पर थूकने की यह घटना न केवल खाद्य स्वच्छता के दृष्टिकोण से गंभीर है, बल्कि धार्मिक भावनाओं को भी आहत करने वाली मानी जा रही है। हिंदू संगठनों ने इस घटना को सावन के पवित्र महीने की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य बताया है।
समाज और प्रशासन से मांग
हिंदू संगठनों ने मिसरोद पुलिस थाने में ज्ञापन सौंपने की घोषणा की है, जिसमें वे इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। इसके अलावा, संगठनों ने मांग की है कि खाद्य पदार्थ बेचने वाले सभी विक्रेताओं की जांच की जाए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से अपील की है कि फल और खाद्य बाजारों में स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण किए जाएं।












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