MP News: उज्जैन लोकायुक्त की कार्रवाई, रतलाम में 10,000 रुपए की रिश्वत लेते पंचायत सचिव रंगे हाथों गिरफ्तार
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश पर उज्जैन लोकायुक्त इकाई ने रतलाम जिले में एक प्रभावी ट्रेप कार्यवाही को अंजाम दिया।
इस कार्रवाई में ग्राम पंचायत बांगरोद के सचिव महेश जाट को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। यह कार्यवाही आवेदक राहुल बैरागी की शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें उन्होंने सचिव द्वारा अवैध रजिस्ट्री को शून्य करने के आदेश के पालन के लिए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था।

शिकायत और ट्रेप की योजना
राहुल बैरागी, निवासी ग्राम बांगरोद, जिला रतलाम, ने बताया कि एक अवैध रजिस्ट्री को शून्य घोषित करने के लिए एसडीएम रतलाम द्वारा दिए गए आदेश का पालन करने के लिए ग्राम पंचायत सचिव महेश जाट ने उनसे 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। इसकी शिकायत राहुल ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन श्री आनंद यादव से की। शिकायत की तस्दीक के बाद लोकायुक्त टीम ने एक ट्रेप योजना तैयार की।
रंगे हाथों गिरफ्तारी
लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने आज, 02 सितंबर 2025 को रतलाम में साक्षी पेट्रोल पंप के पास राजभोग चाय की दुकान पर ट्रेप कार्यवाही को अंजाम दिया। इस दौरान महेश जाट को आवेदक राहुल बैरागी से 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। रिश्वत की राशि को कैमिकल लगे नोटों के रूप में दिया गया था, जिसे महेश जाट ने स्वीकार किया। जैसे ही उसने राशि ली, लोकायुक्त की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया।

इस सफल ट्रेप कार्यवाही में निम्नलिखित अधिकारियों और कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई:
- डीएसपी राजेश पाठक
- निरीक्षक दीपक सेजवाल
- आरक्षक श्याम शर्मा
- आरक्षक अनिल अटोलिया
- आरक्षक संदीप कदम
- सहायक ग्रेड 3 रमेश डाबर
कानूनी कार्रवाई और जांच
महेश जाट के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। लोकायुक्त टीम यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने पहले भी इस तरह की रिश्वतखोरी की गतिविधियों में हिस्सा लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में महेश जाट ने रिश्वत लेने की बात स्वीकार की है, और आगे की जांच जारी है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख
महानिदेशक लोकायुक्त श्री योगेश देशमुख ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई को उज्जैन लोकायुक्त इकाई की एक और बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधीक्षक श्री आनंद यादव ने कहा, "हमारी टीम भ्रष्टाचार के खिलाफ निरंतर कार्रवाई कर रही है। यह कार्यवाही भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक चेतावनी है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।"












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