भोपाल एम्स में आर्थिक रूप से कमजोर गरीब मरीजों का पैसे के अभाव में नहीं टाला जाएगा इलाज
Bhopal Aiims News: राजधानी भोपाल के एम्स में अब सड़क हादसे के घायलों, ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक सहित दूसरी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पैसे के अभाव में किसी मरीज का इलाज नहीं डाला जाएगा। अब मरीज का इमरजेंसी ट्रीटमेंट बिना पैसे के हो सकेगा। एम्स भोपाल में जल जैसी सुविधा शुरू होने जा रही है।
इसके लिए रोगी कल्याण समिति का गठन किया जा रहा है। जिनके माध्यम से ऐसे मरीजों को चयन किया जाएगा जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और पैसे के अभाव में इलाज नहीं करा पा रहे हैं एम्स में हर दिन 2100 से 2200 मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा संख्या ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की है।

24 घंटे सुविधा शुरू
प्रबंधन का कहना है कि एम्स की हॉस्पिटल मैनेजमेंट कमिटी ने निर्णय लिया है कि मेडिसिन सर्जरी और पीडियाट्रिक विभागों में बिस्तरों की संख्या व स्पेस बढ़ाया जाएगा, ताकि डॉक्टरों के बैठने और दूसरे चिकित्सकीय गतिविधियों के लिए जगह मुहैया कराई जा सके।
भोपाल एम्स के डायरेक्टर प्रोफेसर अजय सिंह ने बताया कि एम्स में रुपयों की कमी से किसी भी मरीज का इलाज नहीं डाला जाएगा और ना ही उसे वापस लौटाया जाएगा। एम्स के डॉक्टर की यह जिम्मेदारी है कि वह अपने यहां आने वाले सभी मरीजों को इलाज मुहैया कराए, इसलिए हमने पॉलिसी बनाई है।












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