MP News: टीकमगढ़ में त्रासदी, जवाहरपुरा गांव में तलैया में डूबने से तीन बच्चों की मौत, परिवार में मातम
MP News Tikamgarh: मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के पलेरा थाना क्षेत्र के जवाहरपुरा गांव में शनिवार को एक दुखद हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया।
गांव के तीन बच्चों, यश यादव (10 वर्ष), नैन्स यादव (12 वर्ष), और संस्कार यादव (12 वर्ष) की एक खेत की तलैया में डूबने से मौत हो गई। तीनों बच्चे सगे भाई थे, और इस हादसे ने उनके परिवार और पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है।

घटना का विवरण
पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार, शनिवार दोपहर यश, नैन्स, और संस्कार बिना किसी को बताए साइकिल से अपने घर से लगभग दो किलोमीटर दूर एक खेत में बनी तलैया में नहाने गए थे। नहाते समय संस्कार गहरे पानी में डूबने लगा। उसे बचाने की कोशिश में यश और नैन्स भी गहरे पानी में चले गए। तीनों बच्चे तैरना नहीं जानते थे, जिसके कारण वे इस हादसे का शिकार हो गए।
जब बच्चे देर तक घर नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने उनकी तलाश शुरू की। तलैया के किनारे बच्चों के कपड़े और साइकिल देखकर परिजनों को शक हुआ। स्थानीय लोगों की मदद से तलैया में तलाश की गई, जहाँ तीनों बच्चों के शव पानी में तैरते मिले। ग्रामीणों ने तुरंत शवों को बाहर निकाला और पलेरा पुलिस को सूचना दी।
पुलिस की कार्रवाई
पलेरा थाना प्रभारी मनोज सोनी और जतारा एसडीओपी अभिषेक गौतम के नेतृत्व में पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए पलेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया। एसडीओपी गौतम ने बताया कि अभी तक कोई प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आया है, और प्रारंभिक जांच में यह एक दुर्घटना प्रतीत हो रही है। पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
तलैया की स्थिति और बारिश का प्रभाव
जतारा एसडीओपी अभिषेक गौतम ने बताया कि जिस तलैया में यह हादसा हुआ, वह एक निजी खेत में बनी है और बारिश के मौसम में इसमें 7-8 फीट तक पानी भर जाता है। इस साल मध्य प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश होने के कारण तलैया में पानी का स्तर और भी अधिक था। उन्होंने कहा कि इस तलैया में पहले कभी इस तरह की घटना नहीं हुई थी, लेकिन गहराई और पानी की मात्रा के कारण यह हादसा हुआ।
परिवार और गांव में शोक की लहर
तीनों बच्चे एक ही परिवार के थे, और उनके पिता रामपाल यादव एक किसान हैं। इस हादसे ने परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यश, नैन्स, और संस्कार पढ़ाई में होनहार थे और गांव में सभी के प्रिय थे। हादसे की खबर फैलते ही गांव में मातम छा गया। पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने परिवार को सांत्वना देने की कोशिश की, लेकिन इस अपूरणीय क्षति ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।
सुरक्षा को लेकर सवाल
इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और तलैयों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में ऐसी तलैयों में पानी का स्तर बढ़ जाता है, और बच्चों के लिए यह खतरनाक हो सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी तलैयों के आसपास चेतावनी बोर्ड लगाए जाएँ और बच्चों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जाएँ।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जतारा एसडीओपी ने कहा कि प्रशासन इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है। उन्होंने बताया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने पर विचार कर रहा है। साथ ही, तलैयों और जलाशयों के आसपास सुरक्षा उपायों को बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।
मध्य प्रदेश में डूबने की बढ़ती घटनाएं
यह हादसा मध्य प्रदेश में हाल के महीनों में डूबने की कई घटनाओं में से एक है। जून 2025 में छतरपुर जिले के उतवाली गांव में तीन भाई-बहनों की तालाब में डूबने से मौत हो गई थी। सितंबर 2024 में शिवपुरी जिले के निवोड़ा गांव में तीन बच्चों की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मृत्यु हुई थी। इन घटनाओं ने जलाशयों और तालाबों के पास बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।












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