Bhopal News: भोपाल के कलियासोत डैम के पास फिर दिखा टाइगर, सड़क किनारे खड़े बाघ का वीडियो वायरल
MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कलियासोत डैम के पास एक बार फिर टाइगर का मूवमेंट देखने को मिला है। शनिवार-रविवार की रात कलियासोत डैम के 11 शटर के पास सड़क किनारे एक टाइगर खड़ा नजर आया, जिसका वीडियो एक कार सवार युवक ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया।
28 सेकेंड के इस वीडियो में टाइगर काफी देर तक सड़क किनारे खड़ा रहा, जिसके बाद वह धीरे-धीरे झाड़ियों के रास्ते जंगल की ओर चला गया। यह घटना एक बार फिर क्षेत्र में बाघों की सक्रियता और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के सवालों को सामने लाती है।

वायरल वीडियो और टाइगर का व्यवहार
घटना शनिवार-रविवार की रात करीब 11 बजे की है, जब एक कार सवार युवक ने नेशनल हाईवे के पास कलियासोत डैम के 11 शटर क्षेत्र में टाइगर को सड़क पार करते देखा। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि टाइगर सड़क किनारे खड़ा है और वह किसी भी तरह की आक्रामकता नहीं दिखा रहा। वीडियो में कार में सवार लोग भोपाल की स्थानीय बोली में बात करते सुनाई दे रहे हैं, जिसमें वे टाइगर के पास होने की चर्चा कर रहे हैं। वीडियो के अंत में टाइगर शांति से झाड़ियों की ओर बढ़ता है और जंगल में गायब हो जाता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग आश्चर्यचकित हैं और साथ ही इस क्षेत्र में बाघों की मौजूदगी को लेकर सतर्कता की मांग कर रहे हैं।
कलियासोत: बाघों का हॉटस्पॉट
कलियासोत डैम क्षेत्र भोपाल के बाहरी इलाके में स्थित है और यह लंबे समय से बाघों के मूवमेंट के लिए जाना जाता है। वन विभाग के अनुसार, इस क्षेत्र में कई बाघों का बसेरा है, और उनकी आवाजाही नियमित रूप से देखी जाती है। डैम के पास का जंगल और जल स्रोत बाघों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं, क्योंकि वे पानी पीने और शिकार की तलाश में अक्सर इस क्षेत्र में आते हैं। हाल के वर्षों में, इस क्षेत्र में बाघों की मौजूदगी ने स्थानीय लोगों में उत्सुकता के साथ-साथ डर भी पैदा किया है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे मामले
यह पहली बार नहीं है जब भोपाल में बाघों का मूवमेंट सुर्खियों में आया हो। पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं:
2024 में केरवा रोड पर हमला: केरवा रोड पर मदरबुल फार्म के पास एक टाइगर ने गाय का शिकार किया था। यह क्षेत्र फॉरेस्ट जोन से सटा हुआ है, जिसके कारण बाघों का वहां आना आम बात है।
बैरागढ़ चिचली में हमला: बैरागढ़ चिचली क्षेत्र में भी एक बाघ ने गाय पर हमला किया था, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई थी।
सूअर और स्ट्रीट डॉग का शिकार: डेढ़ साल पहले एक बाघिन ने सूअर का शिकार करने के लिए इस क्षेत्र में प्रवेश किया था। इसके अलावा, एक बाघ ने स्ट्रीट डॉग का शिकार करने के लिए 8 फीट ऊंची बाउंड्रीवॉल को कूदकर पार किया था, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था।
वन विभाग की प्रतिक्रिया
वन विभाग ने इस ताजा घटना की पुष्टि की है और बताया कि कलियासोत डैम के आसपास बाघों की आवाजाही स्वाभाविक है, क्योंकि यह उनका प्राकृतिक आवास है। वन विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "यह क्षेत्र बाघों के लिए एक महत्वपूर्ण कॉरिडोर है। हम नियमित रूप से उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं।" विभाग ने स्थानीय लोगों को सलाह दी है कि वे रात के समय इस क्षेत्र में अनावश्यक आवाजाही से बचें और जंगल के पास स्थित रेस्तरां या होटलों में जाने से पहले सावधानी बरतें।
मानव-वन्यजीव संघर्ष और चुनौतियां
कलियासोत डैम और आसपास के क्षेत्रों में बाघों की बढ़ती गतिविधियों ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की समस्या को फिर से उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जंगल क्षेत्रों में मानव अतिक्रमण और वन कटाई के कारण बाघ अपने प्राकृतिक आवास से बाहर निकलकर मानव बस्तियों के करीब आ रहे हैं। इसके अलावा, कलियासोत डैम के पास जल स्रोत होने के कारण यह बाघों के लिए एक आकर्षक स्थान है।
वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. अनिल शर्मा ने बताया, "बाघों का सड़क किनारे आना असामान्य नहीं है, लेकिन यह चिंता का विषय है। हमें लोगों को जागरूक करने और उनके साथ सह-अस्तित्व के लिए उपाय करने की जरूरत है।" उन्होंने सुझाव दिया कि वन विभाग को इस क्षेत्र में और अधिक निगरानी बढ़ानी चाहिए और लोगों को जंगल क्षेत्रों में सावधानी बरतने के लिए जागरूक करना चाहिए।
स्थानीय लोगों में उत्साह और चिंता
इस वायरल वीडियो ने भोपाल के लोगों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं पैदा की हैं। जहां कुछ लोग टाइगर को इतने करीब से देखने के लिए उत्साहित हैं, वहीं अन्य लोग इस क्षेत्र में बाघों की बढ़ती गतिविधियों से चिंतित हैं। स्थानीय निवासी रमेश यादव ने कहा, "यह देखकर अच्छा लगता है कि हमारे जंगल में बाघ हैं, लेकिन रात में इस सड़क से गुजरना अब डरावना हो गया है। वन विभाग को कुछ ठोस कदम उठाने चाहिए।"
वन विभाग की सलाह
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे रात के समय कलियासोत डैम के आसपास सावधानी बरतें और अनावश्यक रूप से जंगल क्षेत्रों में न जाएं। इसके अलावा, विभाग ने यह भी सुझाव दिया है कि लोग अपने पालतू जानवरों को रात में खुले में न छोड़ें, क्योंकि बाघ उनके लिए आसान शिकार हो सकते हैं।












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