Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

MP News: कान्हा टाइगर रिजर्व में 1 ही दिन में 3 बाघों की मौत, वयस्क बाघ की क्षेत्रीय लड़ाई, जानिए पूरी घटना

मध्य प्रदेश का गौरव कान्हा टाइगर रिजर्व, जो बाघों का स्वर्ग माना जाता है, एक ही दिन में तीन बाघों की मौत से सन्नाटे में डूब गया। मंडला जिले में स्थित इस अभयारण्य से निकली यह दुखद खबर ने वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को झकझोर दिया है। मरने वालों में दो मादा बाघ शावक (उम्र मात्र 1-2 महीने) और एक 10 वर्षीय वयस्क नर बाघ शामिल हैं।

प्रारंभिक जांच में शावकों की मौत किसी अन्य बाघ के हमले से, जबकि वयस्क बाघ की क्षेत्रीय विवाद में बताई जा रही है। सभी शवों का NTCA (नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी) प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार कर दिया गया है।

Three tigers died in Kanha Tiger Reserve in a single day due to territorial fight between adult

डॉग स्क्वाड और फॉरेंसिक टीम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। 2025 में कान्हा में बाघ मौतों की संख्या अब 6-7 तक पहुंच चुकी है, जो राज्य की 785 बाघों वाली सबसे बड़ी आबादी पर खतरे की घंटी बजा रही है।

घटना का पूरा ब्योरा: एक ही दिन में तीनों मौतें, अलग-अलग रेंज में

2 अक्टूबर 2025, गुरुवार को कान्हा टाइगर रिजर्व के तीन अलग-अलग हिस्सों से दर्दनाक खबरें आईं। सुबह सबसे पहले कान्हा रेंज में दो मादा बाघ शावकों (उम्र 1-2 महीने) के शव मिले। ये शावक एक मादा बाघिन के थे, जो हाल ही में जन्मे थे। वन अधिकारियों के मुताबिक, शावकों पर किसी नर बाघ ने हमला किया, जो क्षेत्र में नए प्रवेशी हो सकता है। शावकों के गले और सिर पर गहरी चोटें मिलीं, जो बाघों के बीच संघर्ष की निशानी हैं।

दोपहर में मुकही रेंज से तीसरा शव मिला - एक 10 वर्षीय प्रसिद्ध 'बालाघाट मेल टाइगर'। यह बाघ पर्यटकों के बीच लोकप्रिय था, और उसकी गले की हड्डी टूटने से मौत हुई। पोस्टमॉर्टम में पाया गया कि यह क्षेत्रीय लड़ाई का शिकार हुआ, जहां दो नर बाघों के बीच टकराव आम है। कान्हा प्रबंधन ने तुरंत NTCA को सूचित किया, और सभी शवों का अंतिम संस्कार (शवदाह) कर दिया गया, ताकि अन्य जंगली जानवरों को नुकसान न हो।

कान्हा के डायरेक्टर संजय शुक्ला ने कहा, "ये मौतें इंट्रा-स्पीशीज कंफ्लिक्ट (प्रजाति के अंदर संघर्ष) की वजह से लग रही हैं। बाघों की घनी आबादी (रिजर्व में 100+ बाघ) में क्षेत्रीय विवाद बढ़ जाते हैं। लेकिन फॉरेंसिक जांच पूरी होने पर ही पुष्टि होगी।" डॉग स्क्वाड ने आसपास के क्षेत्र की तलाशी ली, लेकिन कोई संदिग्ध निशान नहीं मिला।

कान्हा का काला इतिहास: 2025 में 6-7 मौतें, क्या खतरे में बाघों का भविष्य?

कान्हा टाइगर रिजर्व, जो 940 वर्ग किमी में फैला है, मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है। यहां बरासिंघा और बाघों की आबादी पर गर्व किया जाता है, लेकिन 2025 में मौतों का सिलसिला चिंताजनक है। जनवरी से अब तक 6-7 बाघ मारे गए, ज्यादातर प्राकृतिक कारणों से - जैसे क्षेत्रीय लड़ाई, बीमारी या शावकों पर हमला। 2022 की गणना में राज्य में 785 बाघ थे, लेकिन विशेषज्ञ चेताते हैं कि घनी आबादी से संघर्ष बढ़ रहा है।

वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु कौशिक ने कहा, "कान्हा में बाघों की संख्या 100 से अधिक है, जो अच्छा संकेत है, लेकिन इससे टकराव भी बढ़ता है। शावकों की मौत सबसे दुखद, क्योंकि वे भविष्य की पीढ़ी हैं। NTCA को मॉनिटरिंग बढ़ानी चाहिए।" पुराने आंकड़ों में 2016-2019 में भी 10+ मौतें हुईं, लेकिन 2025 का आंकड़ा चिंता का विषय है। पर्यटन सीजन शुरू होने (अक्टूबर) के ठीक पहले यह घटना रिजर्व की छवि पर असर डाल रही है।

NTCA जांच: डॉग स्क्वाड और फॉरेंसिक की भूमिका

NTCA के दिशानिर्देशों के तहत जांच तेज है। डॉग स्क्वाड ने हमलावर बाघ के निशान खोजे, जबकि फॉरेंसिक टीम विषाक्तता या मानवीय हस्तक्षेप की जांच कर रही है। रिपोर्ट 7-10 दिनों में आएगी। प्रबंधन ने रेंज में कैमरा ट्रैप बढ़ाए हैं। यदि प्राकृतिक मौत साबित हुई, तो कोई कार्रवाई नहीं, लेकिन शिकार की आशंका पर सख्ती होगी।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+