MP में चुनाव लड़ने को तैयार नेता पुत्रों को कर्नाटक का मिल सकता है बल, दक्षिण में 5 में से 4 नेता पुत्र जीते
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों में बीजेपी के 5 नेता पुत्रों में से 4 को जीत मिली है। इसे देखते हुए मध्य प्रदेश के नेता पुत्रों में भी टिकट की आस बनी हुई है।

MP BJP News: कर्नाटक विधानसभा चुनाव में नेता पुत्रों को टिकट देने और उनकी चुनावी जीत हार के बाद अब मध्य प्रदेश में भी नेता पुत्रों के टिकट को लेकर एक बार फिर सरगर्मी तेज हो गई है। यह पांच नेता पुत्रों और मंत्रियों के बेटे को टिकट दिया गया था। जिसमें 4 जीतने में सफल रहे जबकि एक को हार का सामना करना पड़ा है इसके बाद मध्यप्रदेश में कई ऐसे नेता पुत्र जिन्होंने क्षेत्र में अपना जनाधार बना रखा है। उनमें भी टिकट की आस जगी है। सामाजिक ताने-बाने और क्षेत्रीय लोकप्रियता के आधार पर विधानसभा चुनाव में उनकी टिकट की दावेदारी बढ़ रही है। वैसे तो भाजपा में दर्जन भर से अधिक नेता व मंत्री पुत्र अपनी-अपनी विधानसभा क्षेत्रों में एक्टिव है, लेकिन उनमें से आधा दर्जन से अधिक नेता और मंत्री पुत्र ऐसे हैं जिन्होंने पिता के चुनाव की जिम्मेदारी संभालते हुए अपनी राजनीतिक पहचान बनाने का काम किया है।
कर्नाटक में इन नेता पुत्रों को मिली है जीत
कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बीजेपी के जिन नेता पुत्रों को टिकट मिला, उन्होंने जीत हासिल की है। उसमें मंत्री उमेश सिंह कट्टी के बेटे निखिल कट्टी, मंत्री उमेश जाधव के बेटे अवधेश जाधव, सांसद बासवराज के बेटे ज्योति गणेश, पूर्व सीएम येदुरप्पा के बेटे विजेंद्र को जीत हासिल हुई, जबकि पर्यटन मंत्री के बेटे सिद्धार्थ सिंह चुनाव हार गए। पार्टी सूत्रों का कहना है कि क्योंकि केंद्रीय नेतृत्व ने साफ कह दिया था कि नेता पुत्रों को टिकट नहीं मिलेगा और कर्नाटक में मिले टिकट के बाद 4 नेता पुत्र जीतने में सफल रहे, इसलिए अब मध्यप्रदेश में भी नेता पुत्रों को टिकट की आस लगी हुई है।
पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव के बेटे अभिषेक भार्गव
नेता पुत्रों की सामाजिक और राजनीतिक सक्रियता में सबसे आगे नाम लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव के बेटे अभिषेक भार्गव का आता है। रैली विधानसभा और सागर जिले में अपनी सक्रियता की बदौलत अभिषेक की दावेदारी साफ झलक रही है। बीमारों की सेवा और उपचारों का मामला हो या बेटियों के कन्यादान का काम हो अथवा क्षेत्रीय समस्याओं के निराकरण का कोई मामला हो अभिषेक ने पिता गोपाल भार्गव के शासकीय कामों में बिजी होने के चलते उनकी अनुपस्थिति में लोगों को इसकी कमी नहीं होने दी। इसके साथ ही अभिषेक भार्गव सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव नजर आते। वे अपने विधानसभा क्षेत्र में किए गए कामों का सोशल मीडिया पर जमकर प्रचार प्रसार करते हैं।
पूर्व मंत्री जयंत मलैया के पुत्र सिद्धार्थ मलैया
बता दे अभी कुछ दिन पहले ही पूर्व मंत्री जयंत मलैया के बेटे सिद्धार्थ मलैया की भाजपा में वापसी हुई है पिछले 5 सालों में अपनी राजनीतिक ताकत का एहसास उन्होंने भाजपा को कराया है। सिद्धार्थ पर विधानसभा उपचुनाव के दौरान पार्टी कैंडिडेट को सपोर्ट नहीं करने का आरोप लगा था और पार्टी ने उन्हें निष्कासित भी कर दिया था लेकिन अब वह फिर से बीजेपी में वापसी कर चुके हैं। सूत्रों की माने तो टिकट की शर्त पर ही उन्होंने भाजपा में वापसी की है।
पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन की बेटी मौसम बिसेन
पिछले विधानसभा चुनाव में पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन की बेटी मौसम बिसेन का नाम टिकट के लिए चर्चा में आया था। तब नेता पुत्रों की टिकट के चलते वह टिकट पाने से वंचित रह गई थी पर 5 सालों में उनकी सक्रियता के चलते एक बार फिर से टिकट के लिए उनका नाम चर्चा में हैं।
एकलव्य गौड़ पुत्र विधायक मालिनी गौड़
इंदौर विधानसभा चार से विधायक व पूर्व महापौर मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ इस समय भाजपा नगर उपाध्यक्ष हैं। उनकी भी दावेदारी इंदौर में अपनी मां के विधानसभा क्षेत्र से सामने आ रही है। अपने पिता और माता के विधानसभा क्षेत्र में उनकी जनता के बीच सक्रियता दावेदारी के रूप में देखी जा रही है। वे इस वक्त विधानसभा 4 में पूरी ताकत के साथ एक्टिव नजर आ रहे हैं।
विक्रम पवार पुत्र विधायक गायत्री राजे
देवास विधायक गायत्री राजे तुकोजीराव पवार के बेटे विक्रम सिंह पवार भी इस समय विवादों से इतर राजनीतिक रूप से देवास में सक्रिय बताए जा रहे हैं। विक्रम पवार पर पूर्व में मारपीट और अन्य मामलों में आरोप रहे है, लेकिन पिछले 4 सालों में उनकी राजनीतिक सक्रियता को देखते हुए पार्टी में उन्हें टिकट का दावेदार माना जा रहा है।
मंदार महाजन पुत्र सुमित्रा महाजन
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के बेटे मंदार महाजन राव विधानसभा क्षेत्र से टिकट की दावेदारी कर रहे हैं सुमित्रा ताई भी अपने बेटे मंदार के लिए राजनीति भूमि तैयार करने में जुटी है मंदार राहु के सामाजिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में लगातार एक्टिव नजर आ रहे हैं मंदार इंदौर तीन विधानसभा के लिए अपनी दावेदारी जता चुके हैं।
हर्षवर्धन सिंह पुत्र स्व. नंदकुमार सिंह चौहान
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद स्वर्गीय नंद नंदकुमार चौहान के पुत्र हर्षवर्धन सिंह भी राजनीति में सक्रिय हैं। सांसद रहते हुए पिता नंद कुमार सिंह चौहान की कोरोना से हुई मौत के बाद उन्होंने पार्टी से टिकट की दावेदारी की थी, लेकिन तब ज्ञानेश्वर पाटिल का मौका मिल गया, लेकिन हर्षवर्धन की खंडवा और बुरहानपुर क्षेत्र में सक्रियता बनी हुई है।
इन सबके अलावा एमपी के यह नेता पुत्र भी चर्चाओं में
बीजेपी में नेता पुत्रों की फेहरिस्त बहुत लंबी है। इसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिक सिंह चौहान का भी नाम शामिल है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चा के मुताबिक सीएम शिवराज अभी कार्तिक को चुनावी मैदान में लाने के मूड में दिखाई नहीं देते। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन सिंधिया, नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे देवेंद्र सिंह तोमर रामू, मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा के बेटे सुकर्ण मिश्रा, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के बेटे आकाश राजपूत और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा के बेटे तुष्मूल झा अपने पिता के राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय रहकर सहयोग करते हैं।












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