सिंगरौली: किसानों को जरूरत से कम मात्रा में मिल रहा डीएपी खाद
सिंगरौली 8 जुलाई: जिले में खरीफ की बोवनी की शुरुआत हो चुकी है। जरूरत के वक्त खाद की किल्लत है। वेयर हाउस में खाद का स्टॉक कम होने से किसानों को केवल एक बोरी डीएपी देने का निर्देश जारी किए गए है। इसके बदले किसानों को एनपीके दिया जा रहा है और किसान मजबूरी में उसी का उपयोग कर काम चला रहे हैं। जिम्मेदारों ने बताया अभी लगभग 1 सप्ताह तक खाद आने की उम्मीद नहीं है। क्योंकि कटनी-सिंगरौली रेल लाइन का काम चल रहा है।

वर्षा हो जाने पर किसानों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। बोवनी के लिए किसान खेत की जुताई करके तैयार करने लगे हैं। खाद-बीज की जरूरत है। गोदामों में खाद के लिए किसानों की लंबी कतारें लग रही है। लेकिन यहां जरूरत के मुताबिक खाद उपलब्ध नहीं मिल रही है। 1 किसान को जहां 2 से 3 बोरी डीएपी खाद की आवश्यकता है। वहां उसे 1 बोरी डीएपी दिया जा रहा है। यह समस्या अभी एक सप्ताह तक बने रहने की संभावना है। विभाग के अधिकारियों की ओर से किसानों केे लिए की गई व्यवस्थाएं नाकाफी है।

थोड़ी राहत भरी खबर
खाद को लेकर राहत की थोड़ी उमीद रीवा में आई डीएपी की रेक से जगी है। 4 सौ टन डीएपी वेयर हाउस में पहुंची है। बाकी की जरूरत 10 जुलाई तक पूरी होने की संभावना है। किसानों को खरीफ की बोवनी के लिए 35 सौ टन डीएपी की जरूरत पड़ती है, लेकिन सिंगरौली जिले की स्थिति यह है कि अभी 4 सौ टन डीएपी उपलब्ध हुई है। विभाग का कहना है कि किसानों को 1-1 बोरी देने का निर्देश है। पूरे खरीफ सीजन के लिए 6 हजार टन यूरिया की जरूरत है। वर्तमान में 6 सौ टन यूरिया उपलब्ध बताया जा रहा है।

मिलेगा अरहर की बीज
कृषि विभाग के अधिकारियों ने वनइंडिया हिंदी को जानकारी देते हुए बताया कि अरहर का 60 क्विंटल बीज पहले आ चुका है। तीनों विकासखंड को 20-20 क्विंटल बीज दिया गया है। इसके अलावा उड़द व कोदो का बीज भी प्रदर्शन योजना के तहत मंगाया जा रहा है। जल्द किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। सोमवार तक 60-60 क्विंटल दोनों फसल का बीज पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा किसी भी दूसरी योजना में न ही लक्ष्य आया है और न ही बीज मिलने की संभावना है।

फैक्ट फाइल
3500- टन डीएपी की मांग
100- टन डीएपी उपलब्ध
500- टन यूरिया उपलब्ध
400- टन डीएपी गोदाम पहुंची
6000- टन यूरिया की मांग












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