सीधी: आषाढ़ मास में भी जेठ सी तपिश, बारिश के अभाव में पिछड़ रही बोवनी
सीधी, 10 जुलाई। आषाढ़ मास बीतने को है, लेकिन अभी सूर्य देव के तेवर कम नहीं हो रहे हैं। आसमान में बादल उमड़-घुमड़कर गायब हो जाते हैं, थोड़ी बहुत बूंदाबांदी होती है, लेकिन जिस तेज वर्षा का किसानों को इंतजार है, वह नहीं हो रही है। वर्षा के अभाव में खरीफ फसलोें की बोवनी पिछड़ रही है। किसानों की चिंता दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।

जिन किसानों ने धान की फसल का रोपा लगाने के लिए बीज बो दिया थे उसके पौधे बड़े हो गए हैं, लेकिन वर्षा का इंतजार खत्म नहीं हो रहा है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष विंध्य क्षेत्र में इंद्रदेव मेहरबान नहीं हो रहे हैं। विगत बरसात में जहां 15 जून से अच्छी बारिश शुरू हो जाती थी, वहीं इस वर्ष अभी तक तेज बारिश नहीं हो पाई है।
खेत तैयार, बारिश का इंतजार
खरीफ सीजन की बुवाई के लिए विगत दिनों हुई हल्की फुल्की बारिश के बाद किसानों द्वारा खेत तैयार किए जा चुके हैं। रोपा लगाने के लिए किसानों ने बीज भी बो दिये, पौधे भी रोपा लगाने की स्थिति में तैयार हो गए हैं, लेकिन खेतों में रत्ती भर पानी नहीं है, ऐसे में धान की रोपाई नहीं हो पा रही है।
गत वर्ष हो चुकी थी 312 मिमी से अधिक औसत वर्षा: गत वर्ष जिले में 1 जून से 7 जुलाई तक 312.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई थी, जबकि इस वर्ष 1 जून से 7 जुलाई तक महज 118.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जो काफी कम मानी जा रही है। अधीक्षक भू अभिलेख कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष जिले के किसी भी तहसील क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है।

तहसील गत साल इस वर्ष बारिश बारिश
1- रामपुर नैकिन 83.0 272.7
2- चुरहट 107.0 390.5
3- गोपद बनास 117.6 404.0
4- सिहावल 196.2 343.6
5- बहरी 102.6 381.4
6- मझौली 143.0 207.0
7- कुसमी 82.2 190.8
कुल औषत वर्षा 118.7 312.8
(1 जून से 7 जुलाई तक की स्थिति मेें)
एक्सपर्ट व्यू: जल्दी पकने वाली फसल की करें बोवनी
डॉ. धनंजय सिंह, कृषि वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र ने जानकारी देते हुए बताया कि बारिश के अभाव में खरीफ फसलों की बोनी पिछड़ रही है। यदि अभी वर्षा होती है तो किसान धान की कम दिन में पकने वाली किस्मों जैसे जेआर-201, जेआर-206, दंतेश्वरी, सहभागी की बुवाई करें। धान की ये किस्में 100 से 105 दिन में तैयार हो जाती हैं। मध्यम व ज्यादा दिन में पकने वाली धान के फसल की बुवाई करने पर उत्पादन प्रभावित हो सकता है। बारिश न होना किसानों के लिए चिंता का विषय है, यदि आगामी 10 दिनों तक तेज बारिश नहीं होती है तो फसलों के लिए समस्या हो जाएगी।












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