Kuno Century: श्योपुर में अब कूनो सेंचुरी की सुरक्षा करेगी प्रशिक्षित जर्मन शेफर्ड डॉग, शिकारियों पर रखेगी नजर
Kuno Century: शिकारी की दुर्गंध के आधार पर यह कुत्ता उसे खोजने में मदद करता है। इसे खास तौर पर खास ट्रेनिंग दी गई है। ये कुत्ते काफी मददगार साबित हुए हैं।

Kuno Century: श्योपुर कूनो वन इलाके की देखरेख अब जर्मन शेफर्ड डॉग (German Shepherd Dog) की नजर में रहेगी। जी हां कूनो वनकर्मियों को जर्मन शेफर्ड फीमेल डॉग मिली है। वन कर्मियों की सहायता के लिए जर्मन शेफर्ड लाया गया है। इस डॉग का नाम ईलू रखा है। कूनो सेंचुरी इलाके में होने वाले जंगली जीवों के तस्करी पर रोक लगाने और उनको पकड़ने में ईलू सहायता करेगा। बता दें 8 महीने की ट्रेनिंग के बाद ईलू डॉग को वन कर्मियों को सुपुर्द किया गया है। ईलू के साथ कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया गया है।
प्रशिक्षित करने वाले वन विभाग के कर्मचारियों में नईम राशिद खान हैं। कूनो डीएफओ प्रकाश वर्मा ने जानकारी दी कि कूनो वन एरिया में भी शिकार होते हैं। जिससे चीतों को भी खतरा है, ऐसे में स्पेशल डॉग से काफी सुरक्षा मिलेगी। अगर कोई वारदात हो तो उसे घटना पर ले जाकर तुरंत वहां किसी को पहुंचने नहीं देते हैं। तस्कर आरोपी की जो दुर्गंध रहती है तो उसके आधार पर यह डॉग खोजने में मदद करता है। इसको विशेष रूप से स्पेशल प्रशिक्षण दिया गया है जिससे तस्कर को ढूंढने में काफी मदद मिलती है। यह डॉग काफी हेल्पफुल होगा।

डीएफओ ने जानकारी दी कि अभी तक बहुत सारे मामले आए दिन आते थे। जिस इलाके में ये डॉग थे, वहां पर तस्कर पर नियंत्रण हुए हैं। चूंकि यहां पर चीता प्रोजेक्ट है तो सुरक्षा के लिए 1 डॉग हमें चाहिए था। जिस पर बीच में शासन ने जबलपुर और सागर से डॉग स्क्वायड भेजा था। जो सेवाएं दे रहा था, क्योंकि अब कूनो के लिए ईलू डॉग और हमारे वनकर्मचारी अच्छे से प्रशिक्षित होकर कूनो की सुरक्षा के लिए आ चुके हैं। यह हम सभी के लिए राहत भरी खबर है। कूनो के लिए अब हम और ज्यादा अच्छे से वारदातों पर काबू कर सकेंगे।
बता दें ईलू डॉग को ट्रैफिक इंडिया नाम के एक एजेंसी ने दिया है। यह एक गवर्नमेंट संस्था का ही पार्ट है। जो देश भर में जगह-जगह ऐसे डॉग को देते हैं। उन्होंने ही ईलू नाम के डॉग को दिया है। पंचकूला में इसका प्रशिक्षण हुआ है। यह प्रशिक्षण लगभग 8 महीने तक चली। इसके साथ स्टाफ की के भी कर्मचारी प्रशिक्षित हुए। इस डॉग का नाम ईलू है। ईलू डॉग की उम्र 11 महीने बताई गई है जो अब कूनो नेशनल पार्क में आ चुकी है।
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